जब परमेश्वर ने मछली रचना चाहा, तो उन्होंने समुद्र से बात की। जब परमेश्वर ने पेड़ बनाना चाहा, तो उन्होंने धरती से बात की। लेकिन जब परमेश्वर ने मनुष्य बनाना चाहा, तो उन्होंने खुद की ओर रुख किया। तो परमेश्वर ने कहा: “आइए हम मनुष्य को अपने स्वरूप और समानता में बनाएं”। ध्यान दें: – अगर आप पानी में से एक मछली निकालते हैं, तो वह मर जाएगी ;और जब आप किसी पेड़ को जमीन से हटाते हैं, तो वह भी मर जाता है। इसी तरह, जब मनुष्य परमेश्वर से अलग हो जाता है, तो वह मर जाता हैपरमेश्वर हमारा प्राकृतिक वातावरण है। हम उसकी मौजूदगी…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
भय आपका सबसे बड़ा दुश्मन है| आप ही उससे लड़ कर जीत सकते हैं| इस युद्ध में कोई दूसरा आपकी सहायता नहीं कर सकता| डर आपके दिल ओ दिमाग़ में है , जिस पर केवल आपका अधिकार है| जो दुश्मन बाहर हो उससे लड़ना आसान है , अन्दर बैठे शत्रु से जीतना , अगर नामुमकिन नहीं तो मुश्किल ज़रूर है| पतरस ने यीशु के साथ जीने और मरने का दावा किया ; मगर हकीक़त कुछ और थी| अपने अन्दर छुपे हुए डर को , पतरस भी नहीं पहचान पाया| मगर ये एक ऐसा दुश्मन था , जिसे तलवार से नहीं…
बाईबल कहती है:- जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पडो , तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो ।यह बात सब पर फिट बैठती है फर्क इतना है एक विश्वासी इसे अपने जीवन में प्रभु की कृपा मानता है , और अविश्वासी इसे दुख , एक विश्वासी को भरोसा होता है परमेश्वर उसे बचाएगा , वहीं अविश्वासी यह सोचता है अब मैं क्या करुँ ? मेरा क्या होगा ?अगर हम 2020 में पीछे मुडकर देखते तो हम कांप उठते हैं , वो ऐसा वक्त था जब सब कुछ ठहर गया , सब जहाँ थे वहीं रुक गये , जो घर…
शुभ समाचार क्या है सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कोई ऐसी बात जिसे सुनकर हम बैहद खुश हो जाएँ आनन्द मनाने लगें ऐसा लगे जैसे सब कुछ पा लिया अब कुछ चाहत नहीं ऐसा ही एक शुभ समाचार है जिसे परमेश्वर ने हर व्यक्ति के लिये रख छोडा है , ऐसी बात जो हर किसी के लिये है ना कि किसी जाती विशेष के लिए वो शुभ समाचार ही हमें इस जीवन में सान्त्वना दे सकता है वो शुभ समाचार ही हमें बचा सकता है , वो शुभ समाचार ही स्वर्ग जाने का एकमात्र रास्ता है और उस…
बहुत बार हम कुछ ऐसे कामों को करते हैं जिन्हे करने को हमारी आत्मा गवाही नहीं देती पर हमारा दिमाग उस काम को करने में आगे भागता है और जब उस काम को हम कर लेते हैं तब हमें उस किये हुए काम का पछतावा होता है हमने यह क्यों किया ? अगर इस काम को न करते तो अच्छा ही होता ऐसी सोच हमारे मन में आने लगती है मन गलानि से भर जाता है पछतावा होता है पर काम तो कर चुके और उसका भुगतान भी करना पडेगा वो एक गलत काम हमारी बहुत सी खूबियों को खत्म कर…
बाईबल कहती हैं,अपने आप को उन लोगों से दूर करो जो अपने काम को तो पूरा नहीं करते पर जो लोग काम कर रहे होते हैं उनके काम की भी सिर्फ आलोचना ही करते रहते हैं वो खुद कुछ करना नहीं चाहते और दूसरों को करने नहीं देते।इस तरह के लोग खुद का नाश करते ही हैं पर दूसरों के बरबादी का कारणा भी होते हैं । परमेश्वर ने हर किसी को अलग अलग जिम्मेदारी दी है उसको निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है जो उसे दिया गया है उस काम को वो पूरा करे जिस प्रकार यीशु मसीह को…
जब हम यह विश्वास कर लेते हैं कि यीशु मसीह ने कुंआरी मरियम से जन्म लिया , मेरे ही पापों के कारण मारा गया , गाढा गया ,तीसरे दिन मुरदों में से जी उठा , और दौबारा आनेवाला है । तब हम पूरी रीति से परमेश्वर के हो जाते हैं क्योंकि हम उस सच्चाई को सबूत के साथ देखते हैं जिसे समाज नहीं देखता क्रूस की कथा हम उद्बार पाने वालों के लिये जीवन की सच्चाई है पर दुनिया इस बात को नहीं मानती विश्वास नही करती क्योंकि दुनियां की नजरों में ऐसा नही हो सकता वो विश्वास नही करते…
बाईबल हमें बताती है,नये नियम में जब यीशु ने अपनी सेवकाई शुरू की तो सबसे पहले यीशु ने अपने खोए हुए लोगों को ढूँढा , जो अन्धेरे में थे उनको ज्योति दिखाई ,जो रास्ते से भटक गये थे उन्हें मार्ग बताया क्योंकि मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।दूसरा कोई नही यहोवा परमेश्वर ने कहा था मैं आप ही अपनी भेडों का चरवाहा हूँगा ,और नये नियम में यीशु अपनी भेडों का चरवाहा बनता है वो कहता है अच्छा चरवाहा मैं हूँ अच्छा चरवाहा अपनी भेड के लिए अपनी जान देता है यीशु ने जान दी फिर मुरदों में से तीसरे…
परमेश्वर पवित्र है और वो किसी भी तरह की अपवित्रता को सहन नहीं करता यही कारण है वो ऐसे लोगों जो अपवित्रता का काम करते हैं त्याग देता है जब तक कि लोग अपवित्रता को त्यागकर परमेश्वर के पीछे नहीं हो लेते , पृथ्वी पर जब मनुष्य जाति का पाप इस कदर बढ गया कि परमेश्वर को एक समय तो पूरे के पूरे एक देश को ही खत्म कर देना पडा जिसे हम सदोम अमोरा के रुप में आज भी पढते हैं ।वहाँ के निवासियों ने अपने शरीरों को पूरी तरह से अशुद्ब कर लिया था, जब परमेश्वर ने यह…
बाइबिल कहती है अपने अपने पापों को एक दूसरे के सामने मान लो ताकि चंगे हो जाओ । यह एक ऐसी सच्चाई है जो परमेश्वर ने हम सबके लिये बताई है हम अपने पापों को अगर नही मानते और उन पापों को अपने साथ लिये फिरते और उन से अपने को अलग नही करते तब न तो पूरी रीति चंगाई मिलती है और न ही पूरी तरह से हम साफ हो पाते हैं ।जो भी अपने द्बारा किये गये पापों को मान लेगा और उन्हे छोड देगा उस पर ही दया की जाएगी यह परमेश्वर का न्याय है वो पवित्र…