परमेश्वर पवित्र है और वो किसी भी तरह की अपवित्रता को सहन नहीं करता यही कारण है वो ऐसे लोगों जो अपवित्रता का काम करते हैं त्याग देता है जब तक कि लोग अपवित्रता को त्यागकर परमेश्वर के पीछे नहीं हो लेते ,  पृथ्वी पर जब मनुष्य जाति का पाप इस कदर बढ गया कि परमेश्वर को एक समय तो पूरे के पूरे एक देश को ही खत्म कर देना पडा जिसे हम सदोम अमोरा के रुप में आज भी पढते हैं ।
वहाँ के निवासियों ने अपने शरीरों को पूरी तरह से अशुद्ब कर लिया था, जब परमेश्वर ने यह सब देखा तो उसने उन कामातुर लोगों को पूरी तरह त्याग कर सिर्फ़ लूत के परिवार को जो धर्मी था बचाया मगर लूत की पत्नी भी परमेश्वर की आज्ञा को न मानी और एक नमक के खम्बे में तबदील हो गई पूरा शहर नाश हो गया यह उस शहर के रहनेवालों के कारण ही हुआ ,क्योंकि जब उन्होंने परमेश्वर को न पहचानना चाहा , तो परमेश्वर ने भी उन्हें उनके निकम्मे मन पर छोड दिया कि वे अनुचित काम करें ।
आज भी जो लोग इस तरह के घृणित काम को करते हैं और अपने मन को फिरा कर परमेश्वर की ओर नहीं लोटते वो परमेश्वर से दूर हो जाते व अपने जीवन को एक घोर अन्धकार में घसीट लाते हैं जहाँ सिर्फ रोन पीटना और दांत पीसना है जहाँ का कीडा कभी मरता नहीं जहाँ की आग कभी बुझती नहीं,, वक्त है बदलने का तो बदलों परमेश्वर के पास आओ वो जरूर माफ करेगा ।
आमीन
प्रभु हमारे पापों को क्षमा करता है
प्रभु का दास और आप सबका सेवक:- रैव्ह राजेश गिरधर
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