बाईबल हमें बताती है,नये नियम में जब यीशु ने अपनी सेवकाई शुरू की तो सबसे पहले यीशु ने अपने खोए हुए लोगों को ढूँढा , जो अन्धेरे में थे उनको ज्योति दिखाई ,जो रास्ते से भटक गये थे उन्हें मार्ग बताया क्योंकि मार्ग, सत्य, जीवन यीशु ही है।
दूसरा कोई नही यहोवा परमेश्वर ने कहा था मैं आप ही अपनी भेडों  का चरवाहा हूँगा ,और नये नियम में यीशु अपनी भेडों  का चरवाहा बनता है वो कहता है अच्छा चरवाहा मैं हूँ अच्छा चरवाहा अपनी भेड के लिए अपनी जान देता है यीशु ने जान दी फिर मुरदों में से तीसरे दिन जी भी उठा ।
यहोवा परमेश्वर कहता है मैं खोऐ हुओ को ढूँढूँगा और उनको लौटा लाऊँगा, यीश ने ऐसा ही किया, यहोवा कहता है मैं घायलों के घाव बाँधूगा, यीशु मसीहु ने यह किया ।
अन्धों को आँखे दी , लंगडों को टांगे दी ,गूँगों को बहरों को सुनना बोलना सिखाया , दुष्टात्माओं को निकाला वो सारे काम किये जो यहोवा परमेश्वर ने पुराने नियम में कहे थे ।
उन्हें यीशु ने नये नियम मे पूरा किया क्योंकि वो परमेश्वर है जो बनाना जानता है वही ठीक करना भी जानता है यही सच्चाई है यीशु ही परमेश्वर है यहोवा ने जो जो कहा वो हमें यीशु मसीह के रुप मे करके ‌दिखाया भी ।
हमें इस बात पर यकीन करना होगा यीशु आज भी हमारे साथ है 
आमीन
प्रभु हमेशा-हमेशा हमारे और आपके साथ है
रैव्ह राजेश गिरधर
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