Author: Rajesh Ranjan Nirala

यीशु मसीह ने कहा , चौकस रहो कि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा ।क्योंकि बहुत बार हम कह देते हैं उस व्यक्ति ने इस व्यक्ति से बुरा बर्ताव किया था और आज परमेश्वर ने इस व्यक्ति की हालत क्या कर दी है ।इस तरह के उदाहरण हमारे आस पास बहुत बार मिल जाते हैं जिन्हे हम अकसर नजरअंदाज कर देते व आगे बढ जाते हैं पर यह बात हम भूल जाते हैं कि यह बात सबके लिये है जब हम किसी का भी अनर्थ करते हैं ,तो अपने अनर्थ का इन्तजाम पहले…

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जो लोग धर्म और जाति के नाम पर भेदभाव करते और करवाते हैं और जो लोग सृष्टिकर्ता परमेश्वर पर विश्वास नहीं करते उन लोगों से पूछे जाने वाले सवाल?1… Q. *आपके ईश्वर , भगवान या परमेश्वर की कौन सी जात है बताईए?* 2…Q. *सारी दुनिया का स्वामी कौन है उसका नाम क्या है?*3….Q. *जब जब इस पृथ्वी पर पाप बढ़ जाता है तब कौन आंधी , तूफान , भूकंप और महामारी लेकर आता है?*4….Q. *मनुष्य जाति का न्याय कौन करेगा और उस परमेश्वर का नाम क्या है?*5…Q. *इतने सारे धर्मगुरुओ के द्वारा बोले गए सत्संग सुनने और धार्मिक ग्रंथ पढ़ने के…

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हमारा परमेश्वर महान् और अति स्तुति के योग्य है वो हमारे मांगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । वो जानता है, हमें कब किस वस्तु की जरूरत है ; और सही समय आने पर वो हमें वह वस्तु दे भी देता है ।वो देर तो करता है देने में, पर जब भी देता है तब हम सम्भाल भी नहीं पाते इतना दे देता है । जब उसने अब्राहम से वादा किया था कि उसका वंश तारो के समान होगा जिसकी गिनती नहीं हो सकेगी ; उस समय अब्राहम के लिए यह सोच से भी बाहर की बात रही होगी ।आज…

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जब आप परमेश्वर के सामनेघुटने टेकते हैंतब वो आपके लिए खडा होता हैऔर जब वह आपके लिएखडा होता हैतो कोई भी आपके खिलाफखडा नहीं हो सकतायाद रखिये जहां जहां आपकोबहुत सताया गया,नीचा दिखाया गयावहां परमेश्वर आपको बड़ीऊंचाईयों पर ले कर जाने वाला हैऔर बडी सफलता दिलाने वाला हैयह सब कुछ यीशु के सामर्थी नामसे आपके जीवन में 100% होगाआमीनमेरे साथ फिर से कहें–आमीनएक बार फिर से कहें–आमीनप्रभु आपको आशीष देरैव्ह राजेश गिरधर

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विश्वास की डोर के दो सिरे होते हैं , एक सिरे पर आप , और दूसरे सिरे पर है आपका ख़ुदा| इस डोर का मज़बूत होना बहुत ज़रूरी है| शैतान के निशाने पर आप से भी कहीं ज्यादा , आपका विश्वास है| इस डोर के टूटते ही आप , शैतान का शिकार बड़ी आसानी से बन जाते हैं| जो इस डोर से बंधा है , उसको मुसीबतों के पहाड़ भी गिरा नहीं सकते| पतरस ने जब पानी पर पर पहला कदम रखा , तो उस समय नज़र ना आने वाली डोर , उसके और येशू बीच बंधी थी| काश पतरस…

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“परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने पूरी मानवजाति को बनाया, केवल परमेश्वर ही रात-दिन पूरी मानवजाति का ध्यान भी रखता है। मानव (हम सब)का विकास और प्रगति परमेश्वर की प्रभुता से जुड़ी है, मानवजाति(हम सब) का भाग्य और भविष्य परमेश्वर की योजनाओं में शामिल है। यदि हम सब एक सच्चे मसिह है, तो निश्चय ही इस बात पर विश्वास करेंगे कि जो कुछ भी होता है वो परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है। केवल परमेश्वर ही हम सब के भाग्य को जानता है और केवल परमेश्वर ही हमारे जीवन के ढंग को नियंत्रित करता है। यदि हम…

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बाईबल बताती है कि पिता परमेश्वर जिससे वो प्रेम करता है उसकी वो ताडना भी करता है, जब हम उस से प्रेम लेना जानते हैं तो क्या उसकी ताडना को तुच्छ जाने ? वो हमारी ताडना इसलिये करता है ताकि हम जिस गलत रास्ते को अपनाने जा रहे होते हैं जिसका अन्त भयानक होता है तब वो हमें उस रास्ते पर चलने से रोकता है कभी वचन के द्धारा , कभी पासबानों के द्धारा , कभी सपनों में बाते करने के द्धारा ; वो हमें रोकता है अगर हम समझदार हैं तो उसकी बातों को और संकेतों को समझ लेते हैं…

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मूल्यवान मनुष्य जीवन प्राप्त करने के बाद भी यदि अच्छा चरित्र हमारे पास नहीं है तो ऐसा जीवन किस काम का?अच्छा और बेहतर जीवन जीने के लिए हमें क्या करना चाहिए:—-1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी…मौन होना सब से बेहतर है। 2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी…सफेद रंग सब से बेहतर है। 3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी…उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है। 4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी…बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है। 5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी…अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर…

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बाहर से आ रही आवाजों को, इंसान नज़रअंदाज़ कर सकता है, मगर अपने दिल की आवाज़ को नहीं| भजन 84:2 में लिखा है-मेरा प्राण , परमेश्वर के आंगनों की अभिलाषा करते-करते , मूर्छित हो चला ; मेरा तन और मन , दोनों जीवते ईश्वर को पुकार रहे हैं| यीशु जीवन का जल है , मगर उनके लिए जो प्यासे हैं| यीशु जीवन की रोटी है , मगर उन के लिए , जो भूखे हैं| ये माना की यीशु , द्वार पर खड़ा खटखटा रहा है ; मगर दरवाज़ा तब ही खुलेगा , जब दिल से एक आवाज़ उभरेगी , दरवाज़ा…

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बाइबल के अनुसार, परमेश्वर के पास जाने का एकमात्र मार्ग केवल यीशु ही हैं। और कोई मार्ग नहीं है। आप एक अच्छा जीवन जी सकते हैं, और कितने ही अच्छे काम कर सकते हैं, लेकिन वे आपको परमेश्वर के निकट नहीं लाएंगे। एक अच्छे और दयालु व्यक्ती होने के बावजूद भी आपके मन और ह्रदय में पाप रहेगा। आप अपने को सही ठहराने में सक्षम नहीं होंगे या जब तक यीशु आपके पक्ष में ना हों तब तक आप परमेश्वर के साथ एक सच्चे रिश्ते में नहीं आ सकते हैं। आपको यह स्वीकार करना होगा कि आप पापी हैं और…

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