हमारा परमेश्वर महान् और अति स्तुति के योग्य है वो हमारे मांगने से पहले देनेवाला परमेश्वर है । वो जानता है, हमें कब किस वस्तु की जरूरत है ; और सही समय आने पर वो हमें वह वस्तु दे भी देता है ।
वो देर तो करता है देने में, पर जब भी देता है तब हम सम्भाल भी नहीं पाते इतना दे देता है । जब उसने अब्राहम से वादा किया था कि उसका वंश तारो के समान होगा जिसकी गिनती नहीं हो सकेगी ; उस समय अब्राहम के लिए यह सोच से भी बाहर की बात रही होगी ।
आज जब हम देखते हैं कि पूरी दुनियां अब्राहम के वंश में आ रही है । जब परमेश्वर ने अब्राहम को कहा तू निकल जा तब वो उस आवाज का पीछा करता हुआ निकल पडा ; परमेश्वर ने उसे बहुत बढाया , क्योंकि उसने परमेश्वर की आज्ञा को माना था
हमारा परमेश्वर ऐसा ही है जब हम उसकी आज्ञा मानकर चलते हैं , तब हम फलवन्त होते जाते हैं ; जीवन के वो बन्द रास्ते भी खुलने शुरू हो जाते हैं , जो हमने सोचे भी नहीं होते ।
आप भी ऊँचाई पर जाना चाहते हैं तो परमेश्वर की बातों को सुनना सीखें तथा उस पर चलना आरम्भ करें वो आपको बहुत बढाएगा इसमें कोई शक की बात नहीं है ; वो सब कुछ कर सकता है उसके लिये कुछ भी नामुमकिन नहीं
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

