* स्वर्गीय पिता ने कहा *: एक समय आएगा जब मानव जाति पांच चीजों को प्यार करेगी और पांच चीजों को भूल जाएगी। ” (1). वे इस दुनिया के आनंद को पसंद करेंगे और फैसले के दिन को भूल जाएंगे।(2). वे पैसे से प्यार करेंगे और इस बात की जवाबदेही के दिन भूल जाएंगे कि उन्होंने कैसे पैसा कमाया और खर्च किया।(3). वे उन चीजों से डरेंगे जो पृथ्वी मे बनाई गई हैं! और निर्माता को भूल जाते हैं।(4). वे सुंदर हवेली से प्यार करेंगे और अपनी कब्र को भूल जाएंगे।(5). वे पापों से प्यार करेंगे और स्वर्गीय पिता से माफी…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
आज भी हमारे जीवन में जब कोई रास्ता हमें समझ नहीं आता क्या करें कहाँ जाए उस समय जब हम दिल से परमेश्वर को पुकारें, तब वो हमारी सुन लेता है क्योंकि बाइबिल कहती है ।यहोवा टूटे मनों के नजदीक रहता है जब दुनिया साथ छोड दे , तब परमेश्वर हमारा साथ देता है , जब परिवार के लोग पीछे हट जाएँ तो परमेश्वर साथ देता है , जब हमारे बैरी हमसे ज्यादा ताकतवर हों और हम मजबूर हों तब परमेश्वर हमारा साथ देता है परिस्थितियां कितनी भी विकट क्यों न हो हमारा भरोसा परमेश्वर पर है और हम परमेश्वर…
कीमती से कीमती पत्थर अपनी कीमत को नहीं जानता,पर परखने वाला ही समझ सकता है कि यह कितना बहुमुल्य है कितना अनमोल है, ठीक इसी प्रकार हम भी परमेश्वर की दृष्टि में अधिक अनमोल हैं। कोयले का काला टुकड़ा गर्मी और भार के कारण हीरा बन जाता है, तो प्रभु यीशु का लहू हमको कितना विशेष अनमोल मोती बनायेगा,यह हम नहीं जानते ! परमेश्वर की राह पर चलते हुए दुनिया के लोग चाहे हमें किसी भी नामों से बुलाए। हमारे पड़ोसी और सगे-संबंधी हमें मजाक में अनेक नाम दें, और कहें कि हम मूर्ख और हठीले हैं। परन्तु प्रभु यीशु…
क्या हम अपने पडोसियों से रिशते को सही निभाते हैं ? यह एक सवाल है, बड़े बड़े शहरों में है आज भी कई लोग अपने पडोसियों को पहचानते भी नहीं कि हमारे पडोस में कौन रहता है वह इतने ज्यादा हम अपने में व्यस्त रहते हैं कि उन्हें मालूम भी नहीं कि हमारे पड़ोस में कौन रहता है , पर यह बात गावों में और छोटे शहरों में लागू नहीं होती वो लोग अपने पडोसियों को जानते हैं और उनसे सही व्यवहार भी करते पाए जाते हैं । बहुत बार हम अपने अहंकार मे दूसरे को तुच्छ समझने लगते और घमण्डी…
बाईबल में साफ साफ लिखा हैं कि हमें अपने पापों को मानना कितना जरूरी है जब तक हम अपने पापों का अंगिकार नही करते तब तक हम परमेश्वर के समीप नहीं जा सकते परमेश्वर पवित्र है वो अपवित्रताई में नहीं रह सकता, बाईबलल में यह भी लिखा हुआ है ,अपने पापों को मानना उसे छोडना , छोडकर परमेश्वर के पीछे हो लेना यह वचन बताता है । हम अगर अपने पापों को मानकर यीशु के समीप आते हैं तब हमारी प्रार्थनाओं का जवाब हमारे पास आने लगता है अगर हम दौगला चरित्र अपनाते फिर सोचते कि परमेश्वर हमारी प्रार्थना को…
आईए हम सब मिलकर प्रभु से प्रार्थना करें:——-आज यीशु मसीह को पुकारें,और कहें प्रभु मेरे चरित्र मेरे उद्देश्य और मेरी जिंदगी को बदल दें, जैसे यीशु ने अन्धे से कहा:-मै तेरे लिए क्या कर सकता हूं। आज वो हमसे और आपसे पूछ रहा है, मेरे बच्चे मैं तेरे लिए क्या करूं,आज वो शोक को आनन्द में बदलने वाला है, वो मृत्यु को ज़िन्दगी में बदलने वाला है,वो परेशानी को खुशहाली में बदलने वाला है, वो विलाप को आनन्द में बदलने वाला है, वो बिमारियों को चंगाई में बदलने वाला है। पुकारें, पुकारें उसे पुकारें,आज सब कुछ भूल कर पुकारें उसे,…
हम ख़ुदा के एहसानो के कर्ज़दार हैं , हर सांस , हर धड़कन के लिए| हम कर्ज़दार हैं , इस ख़ूबसूरत ज़िन्दगी के लिए , जिसे वो अपने पवित्र हांथों में सुरक्षित रखता है| हम कर्ज़दार हैं , इस ख़ूबसूरत सृष्टि के लिए ; परिंदों , तितलियों , गुनगुन करते भवरों के लिए| कभी आपने , अपने दिल की धड़कन सुनी है? एक ख़ूबसूरत संगीत , आपके सीने में छुपा है|ख़ुदा के एहसानो का क़र्ज़ चुकाना , हमारे लिए नामुमकिन है| वो आपसे धन दौलत नहीं चाहता , न उसे आपकी दौलत की आरज़ू है| ख़ुदा बस इतना चाहता है…
तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता है , तू उसको बहुत फलदायक करता है ; परमेश्वर की नदी जल से भरी रहती है ; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है ।यह है उस खाने की सच्चाई जो हर रोज तीनों समय हमारी मेज पर होता है ; जिसे बहुत से लोग खाते तो कंम हैं पर बर्बाद ज्यादा करते हैं ? यह उन्हेँ मालूम नहीं होता उस खाने को उगाने के लिये परमेश्वर ने अपने स्वर्ग से अपने पवित्र जल को बरसाया और तब जाकर जमीन तैयार हुई और फिर जाकर किसान…
कुछ लोग सोचते हैं चलो किसी के साथ विश्वासघात घात कर लो किसी के भी भरोसे को तोड दो कौन पूछनेवाला है इस तरह की सोच लिये आज के समाज में व्यक्ति चलते हैं ।उनका मानना होता है हम अपना काम सीधा करें बाकी सब जाए खड्डे में हमें कया पडी है और वो किसी के भी भरोसे को तोडने से भी पीछे नहीं हटते चाहे सामनेवाला उनको कितना ही प्यार क्यों न करता हो , कितना ही विश्वास क्यों न करता हो इस बात से उनको कोई फर्क नहीं पडता लोग अपने को ऊपर लाने की खातिर दूसरों का…
बाइबिल का यह वचन हमें इस बात की ओर इशारा करता है हम मनुष्य परमेश्वर को अपनी अच्छाइयों के द्बारा प्रसन्ना नहीं कर सकते ? कुछ लोगों का मानना है हमारे अच्छे काम़ो के द्बारा हम परमेश्वर को प्राप्त कर सकते हैं , उद्बार पा सकते हैं , बलिदान चडाकर परमेश्वर को खुश कर सकते हैं ; जो कि परमेश्वर नहीं चाहता ।वो तो बस इतना चाहता है हम उसके भय को समझे , और उस भय में रहकर ही अपने प्रेम को दूसरों को भी दिखाते रहें , खुद प्रेम से रहें , दूसरों को भी प्रभु के प्रेम मे…