कीमती से कीमती पत्थर अपनी कीमत को नहीं जानता,पर परखने वाला ही समझ सकता है कि यह कितना बहुमुल्य है कितना अनमोल है, ठीक इसी प्रकार हम भी परमेश्वर की दृष्टि में अधिक अनमोल हैं। कोयले का काला टुकड़ा गर्मी और भार के कारण हीरा बन जाता है, तो प्रभु यीशु का लहू हमको कितना विशेष अनमोल मोती बनायेगा,यह हम नहीं जानते ! परमेश्वर की राह पर चलते हुए दुनिया के लोग चाहे हमें किसी भी नामों से बुलाए। हमारे पड़ोसी और सगे-संबंधी हमें मजाक में अनेक नाम दें, और कहें कि हम मूर्ख और हठीले हैं। परन्तु प्रभु यीशु मसीह कहता है, हम उसके बहुमूल्य लहू से खरीदे हुए होने के कारण हम उसका खास धन हैं (व्यवस्था वि:-14-2)। जो बहुमूल्य लहू से खरीदे गये हैं वे प्रभु के लिए अत्यंत कीमती हैं’ क्योंकि उनको खरीदने के लिए प्रभु ने अपना सब कुछ दे दिया।
मत्ती 13=44-46 में खेत की खोज़ में गये एक मनुष्य के विषय में हम पढ़ते हैं। अनुभवी होने के कारण एक खेत में छिपे हुए धन को वह खोज निकालता है। उस खेत को खरीदने के लिए उसके पास जो कुछ था वो सब कुछ बेच देता है। उसकी आँखे इस छिपे हुए धन को देख सकी। सो प्रभु को हमारे अन्दर छिपा हुआ धन दिखाई देता है। परन्तु हमारे साथी उसे देख नहीं सकते; वे तो केवल हमारी मूर्खता, निर्बलता और निष्फलता ही देखते हैं। परन्तु हमारा सृजनहार होने के नाते प्रभु यीशु मसीह को हमारे अंदर छिपा हुआ धन दिखता है। इसलिए हमें खरीदने के लिए उसने सब कुछ दे दिया। उसने अपना स्वर्गीय सिंहासन और महिमा छोड़ दिया। उसके बहुमूल्य लहू के द्वारा उसने हमको खरीद लिया और हम जो पाप और सड़ाहट से भरे हुए थे,सो अपने लहु के द्वारा हमें साफ करके अपना कीमती और बहुमूल्य पत्थर बना दिया
आमीन
प्रभु की निगाह में हम कीमती हैं
रैव्ह राजेश गिरधर

