कुछ लोग सोचते हैं चलो किसी के साथ विश्वासघात घात कर लो किसी के भी भरोसे को तोड दो कौन पूछनेवाला है इस तरह की सोच लिये आज के समाज में व्यक्ति चलते हैं ।
उनका मानना होता है हम अपना काम सीधा करें बाकी सब जाए खड्डे में हमें कया पडी है और वो किसी के भी भरोसे को तोडने से भी पीछे नहीं हटते चाहे सामनेवाला उनको कितना ही प्यार क्यों न करता हो , कितना ही विश्वास क्यों न करता हो इस बात से उनको कोई फर्क नहीं पडता लोग अपने को ऊपर लाने की खातिर दूसरों का इस्तेमाल करते हैं , अपने लिये आकाश तलाशने की खातिर दूसरों के जीवन में अन्धकार करने से भी पीछे नहीं हटते वो ऐसा करके अपने को कामयाब तो कर लेते हैं पर नहीं जानते इस बात का अन्जाम क्या होगा इस बात का उनके आनेवाले जीवन में क्या परिणाम होगा ?
बाइबिल कहती है हाय तुझ नाश करनेवाले पर जो नाश नहीं किया गया था ; हाय तुझ विश्वासघाती पर जिसके साथ विश्वासघात नहीं किया गया । जब तू नाश कर चुके , तब तू नाश किया जाएगा ; और जब तू विश्वासघात कर चुके तब तेरे साथ विश्वासघात किया जाएगा ।
इन्सान जब सबका बुरा कर चुका होता है और शान्ति चाहता है सब बातों से बैखबर होता है तब उसके साथ वो किया जाता है जो उसने किसी दूसरे के साथ किया होता है कोई दूसरा भी उसके साथ ठीक वैसा ही करता है तब उसको इस बात का अहसास होता है जो मैं ने किसी के साथ किया वही आज मेरे साथ भी हो गया जो आप दूसरों को दोगे वही आपको भी दिया जाएगा जैसा आप किसी के साथ करोगे वैसा ही तुम्हारे साथ भी किया जाएगा और वो भी तब जब तुम एक खुशहाल जीवन जी रहे होगे जब तुम्हें लगेगा अब तो सब ठीक हो गया पर अचानक ही आपके साथ वो हो जाएगा जिसकी आपने कलपना भी नहीं की होगी ।
इसीलिये अगर आप चाहते हैं कि आप का बुरा न हो आप भी किसी का बुरा न करें और अच्छा करें तो आपके साथ भी अच्छा होगा ।
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे

