Author: Rajesh Ranjan Nirala

जो हमारे और आपके ओर से लडनेवाला है, वह हमारा और आफका परमेश्वर यहोवा है ।यह वचन इस बात की गारन्टी देता है जब जब मनुष्य ने परमेश्वर की ओर देखा व अपने आप को उसके हाथों सोंप दिया है, तब तब परमेश्वर ने मनुष्य को सम्भाल लिया है ; बहुत बार व्यक्ति अपने आप को बहुत कुछ समझकर ऐसे निर्णय लेता हैं जो उसके जीवन की दिशा ही बदल देते और उसको एक ऐसे संकट मे डाल देते हैं जहाँ वह चाह कर भी उन संकटों से अपने आप को बाहर नहीं निकाल पाता आज का इन्सान सब कुछ…

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बाईबल में प्रभु का वचन प्रार्थना का ही दूसरा रूप है, प्रार्थना में वचन के द्वारा ही प्रभु हमसे बात करते हैं। प्रार्थना में हम अपने लिये प्रभु से उस मार्ग पर चलने की आशीष माँगते है, जो प्रभु ने हमारे लिये ठहराया है,हम अपने प्रभु से कहते है, मुझे एक चित कर मतलब दुचित्ता मन मत दे जो अकसर लोगों मे पाया जाता है।अन्दर कुछ तो बाहर कुछ जो हानिकारक होता है व्यक्ति के लिये यूँ तो मनुष्य का मार्ग काँटो से भरा होता है यह जिन्दगी आसान नहीं मगर जब व्यक्ति अपना सब कुछ प्रभु को सोंपकर उस से…

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धर्मियों की मुक्ति यहोवा की ओर से होती है ; संकट के समय वह उनका दृढ गढ है ।यह सच है जब तक हम यीशु मसीह को अपनी जिन्दगी मे प्रवेश नहीं देते तब तक मनुष्य की मुक्ति का मार्ग नहीं खुलता ।बाइबिल मे लिखा है मार्ग सत्य जीवन यीशु ही है , क्योंकि यीशु के बिना कोई भी मुक्ति नहीं पा सकता लोग न जाने क्या क्या करते हैं फिर भी परेशान रहते हैं मगर यीशु को स्वीकार करने के बाद हमारे जीवन में एक ऐसा रास्ता खुल जाता जिस पर चल कर हम दूसरों को भी बचा सकते…

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*हर एक जीवन में कोई ना कोई अंधकार ज़रूर होता है|* चाहे वो पाप का हो , समस्या का हो , असफ़लता का हो या फिर पारिवारिक समस्याओं का| हर कोई किसी ना किसी अंधकार से जूझता नज़र आता है| *अंधकार कैसा भी क्यों ना हो , विश्वास का चिराग़ जलते रहना चाहिए|* अंधकार उस वक़्त और गहरा हो जाता है , जब विश्वास का चिराग़ भी बुझने लगता है| *कोई भी रात इतनी लम्बी नहीं होती , जिसकी सुबह ना हो| कोई अन्धाकर ऐसा नहीं है , जिसे मिटाया ना जा सके| परमेश्वर का वचन , हमारी उम्मीद की…

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3 छ: दिन कामकाज किया जाए, पर सातवां दिन परमविश्राम का और पवित्र सभा का दिन है; उस में किसी प्रकार का कामकाज न किया जाए; वह तुम्हारे सब घरों में यहोवा का विश्राम दिन ठहरे॥ लैव्यवस्था 23:38 और सातों दिन तुम यहोवा को हव्य चढ़ाया करना; और सातवें दिन पवित्र सभा हो; उस दिन परिश्रम का कोई काम न करना॥ लैव्यवस्था 23:811 और जिस देश के विषय यहोवा ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर तुझे देने को कहा, था उस में वह तेरी सन्तान की, और भूमि की उपज की, और पशुओं की बढ़ती करके तेरी भलाई करेगा। व्यवस्थाविवरण 28:1112 यहोवा तेरे…

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1 याह की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मन भावना है, उसकी स्तुति करनी मन भावनी है। भजन संहिता 147:12 यहोवा यरूशलेम को बसा रहा है; वह निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठा कर रहा है। भजन संहिता 147:23 वह खेदित मन वालों को चंगा करता है, और उनके शोक पर मरहम- पट्टी बान्धता है। भजन संहिता 147:34 वह तारों को गिनता, और उन में से एक एक का नाम रखता है। भजन संहिता 147:45 हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है; उसकी बुद्धि अपरम्पार है। भजन संहिता 147:56 यहोवा नम्र लोगों को सम्भलता है, और दुष्टों को…

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कितनी सुन्दर बात बाइबिल बताती है :-कि अकसर मनुष्य अपनी जिन्दगी कि उलझनों मे इतना उलझ जाता है उसे यह बात याद ही नहीं रहती इस ब्रह्मांड मे कोई जो हमारी ओर हर समय ताक रहा है, उसकी निगाहें हर समय हम पर लगी हैं।उसके कान हर समय हमारी ओर लगे हैं कि हम उस से वो माँगे जो वो हमें देना चाहता है वो हमें हर वो खुशी से भरपूर करना चाहता है जिसके हम हकदार हैं ; जबकि बाइबिल मे भी लिखा है माँगो तो दिया जाएगा, खटखटाओ तो खोला जाएगा इस संसार के हाकिम से प्रभु हमको…

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“प्रिय यीशु मसिह आपकी विश्वासयोग्यता के लिए आपका धन्यवाद! हमने अशांति और अस्थिरता के समय में आपकी सामर्थ्य और अनुग्रह को देखा है। हम जानते हैं कि आप सभी चीजों पर हमारी ओर से काम कर रहे हैं, अच्छे और बुरे दोनों पर, इसलिए हम हमारे जीवनों के इस समय के दौरान आपके वादों पर दावा कर सकते हैं, आपकी शक्ति को प्राप्त कर सकते हैं, और आपकी शांति को घोषित कर सकते हैं! और पिता, हम प्रार्थना करते हैं कि हम अंधेरे में आपके प्रकाश को चमकाने के लिए विश्वासयोग्य रहें ताकि अन्य लोग आपको निजी उद्धारकर्ता के रूप…

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अब तक हमने जितने भी वचन पढे,सुने,लिखे,बोले,समझे और उन पर विश्वास किया, कि इन वचनों के आधार पर ही प्रभु यीशु मसीह ही हमारा उध्दारकर्ता है।यही एकमात्र सच्चा और जिन्दा खुदा है, जो प्राथर्नाओ को सुनता और उसका जवाब भी देता है।सिर्फ इसी के द्वारा ही चंगाई, छूटकारा और पापों की क्षमा मिलती है,यह जगत में आया पापियों को बचाने के लिए, ताकि वो भी अपना मन फिरा कर पापों से क्षमा पायें और उध्दार पायें। प्रभु यीशु मसीह धर्म बदलने नहीं वो जीवन बदलने आया है, यदि आप यह बात सुनकर समझ गए हैं, तो आज ही अपने पापों…

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सेनाओं का यहोवा यों कहता है ; तुम मेरी ओर फिरो, तब मैं तुम्हारी ओर फिरुँगा। आज सभी यही समझते और मानते भी हैं कि परमेश्वर उनके साथ है ।मगर ऐसा होता नहीं मनुष्य इस भ्रम मे रहता है ; कि परमेश्वर उसकी ओर है और जो चाहे वो करे सब सफल होगा मगर यह वचन बिलकुल ही अलग बात कहता है , परमेश्वर कि ओर जब हम फिरते और उसके साथ चलते तभी वो हमारी ओर फिरकर हमारे साथ रहता है यही एक सच्चाई है मनुष्य को परमेश्वर बार बार चैतावनी देता है सम्भलने की। अगर उस चैतावनी कि ओर…

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