बाईबल में प्रभु का वचन प्रार्थना का ही दूसरा रूप है, प्रार्थना में वचन के द्वारा ही प्रभु  हमसे बात करते हैं। 
प्रार्थना में हम अपने लिये प्रभु से उस मार्ग पर चलने की आशीष माँगते है, जो प्रभु ने हमारे लिये ठहराया है,हम अपने प्रभु से कहते है, मुझे एक चित कर मतलब दुचित्ता मन मत दे जो अकसर लोगों मे पाया जाता है।
अन्दर कुछ तो बाहर कुछ जो हानिकारक होता है व्यक्ति के लिये यूँ तो मनुष्य का मार्ग काँटो से भरा होता है यह जिन्दगी आसान नहीं मगर जब व्यक्ति अपना सब कुछ प्रभु को सोंपकर उस से मार्ग दर्शन माँगता है तो जीवन प्रभु आसान कर देता है जिस से व्यक्ति शैतानी चालों मे नहीं फसता और प्रभु की आवाज सुनकर सही राह पर चलता है।
हमें सबको इसी प्रकार प्रार्थना करते रहना चाहिए तब प्रभु हमारे रास्ते को आसान बनाएगा।।
यीशु मसीह आपसे प्यार करता है आप को बुलाता है,और कहता है मेरे बेटे लोट आ,लोट आ मेरे बेटे लोट आ, उसकी उस धीमी आवाज को सुनने की कोशिश कीजिए,वो बार बार हमें पुकार रहा है
आमीन, आमीन, आमीन
प्रभु हम सब को आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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