अब तक हमने जितने भी वचन पढे,सुने,लिखे,बोले,समझे और उन पर विश्वास किया, कि इन वचनों के आधार पर ही प्रभु यीशु मसीह ही हमारा उध्दारकर्ता है।
यही एकमात्र सच्चा और जिन्दा खुदा है, जो प्राथर्नाओ को सुनता और उसका जवाब भी देता है।
सिर्फ इसी के द्वारा ही चंगाई, छूटकारा और पापों की क्षमा मिलती है,यह जगत में आया पापियों को बचाने के लिए, ताकि वो भी अपना मन फिरा कर पापों से क्षमा पायें और उध्दार पायें। प्रभु यीशु मसीह धर्म बदलने नहीं वो जीवन बदलने आया है, यदि आप यह बात सुनकर समझ गए हैं, तो आज ही अपने पापों को मान लीजिए, और कहिए कि “हां, प्रभु यीशु मैं पापी हूं और मैंने पाप किए हैं, मैं प्रभु यीशु आप से अपने पापों की क्षमा मांगता हूं और आपको अपना परमेश्वर अपनाता हूं।” यदि यह आप सच्चे दिल से कहेंगे, तो विश्वास करिए की आपको आज ही उध्दार मिलेगा। अपने मन को लोहे की तरह कठोर ना करो, बल्कि एक नए पत्ते की तरह कोमल करोऔर यीशु को ना ठुकराएं (आने वाले समय में बहुत पछताओगे, जैसे कि, “हीरे को पत्थर समझ लिया और उसे ठुकरा दिया हो”) बल्कि यीशु को अपनाओ। और एक बार यीशु को अपने जीवन में बुलाकर तो देखो, प्रभु यीशु आपका धर्म नहीं बल्कि आपका जीवन ही बदल डालेंगे, जैसे मेरा जीवन 
बदला। 
आमीन
प्रभु यीशु मसीह आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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