Author: Rajesh Ranjan Nirala

अब फिर से क्रिसमस की आहट सुनाई देने लगी| ख़ुशियाँ फ़िज़ाओं में घुलने को हैं| आपको सिर्फ़ क्रिसमस मनाना ही नहीं है, बल्कि दुनियां को एक पैग़ाम भी देना है| अगर अन्यजातियों तक, क्रिसमस का पैग़ाम नहीं पहुंचा, तो हमारा क्रिसमस मनाना व्यर्थ होगा| आप जो कुछ करें, वो सार्थक होना चाहिए| मसीह यीशु, बदलाव का दूसरा नाम है| यीशु है तो, परिवर्तन है| यीशु, रूह की कभी न बुझने वाली प्यास को मिटाता है| अगर आपकी ज़िन्दगी, सूखी ज़मीन की तरह है, तो यीशु के आगमन से उसमें जल के सोते फूट निकलेंगे| दाऊद कहता है, मेरी रूह ख़ुदा…

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परमेश्वर ने उद्धार की योजना , जगत की उत्पति के पहले ही बना ली थी| सम्पूर्ण पुराना नियम , यीशु की ओर इशारा करता है| पुराना नियम , यीशु के आगमन की भविष्यवाणियों से भरा पड़ा है|आखरी चिन्ह , यहुन्ना बप्तिस्मा देने वाला था| यहुन्ना आने वाले यीशु ,की ओर इशारा करता है| राजा हेरोदेस ने शास्त्रियों और याजकों को बुलाकर पुछा ; मसीह का जन्म कहां होना चाहिए? शास्त्रियों और याजकों ने वोही जवाब दिया जो , मीका 5:2 में लिखा है| इतना सटीक ज्ञान होने के बाद भी , उन्होंने आने वाले मसीहा पर विश्वास नहीं किया| जिन्हें…

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हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि वो शांति का जीवन व्यतित करे। आज सारा संसार ही शांति की खोज में लगा है। ज्ञान विज्ञान के क्षेत्रों में इतनी तरक्की होने के बावजूद भी मनुष्य अपने इस सपने को क्यों पूरा नहीं कर पा रहा है? कोई धन की प्राप्ति में शांति खोज रहा है,कोई ज्ञान में और बहुतेरों ने तो शांति की तलाश में सन्यास को अपना लिया। बीमारी का सही कारण जाने बिना इलाज किया जाए तो बीमारी कभी ठीक नहीं हो सकती। अशांति भी एक बीमारी है जिसका एकमात्र जवाब हमे बाइबिल से मिलता है। बाइबिल…

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मनुष्य के मन म़े बहुत सी कल्पनाएँ होती है परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है , वही स्थिर रहती है ।यह बात पूरी तरह से सही है इस बात से हम इन्कार नहीं कर सकते । हम अपने लिये , अपने बच्चों के लिये , अपने परिवार के लिये न जाने क्या- क्या सोचते हैं ? हम यह करेंगे , हम वह काम करेंगे , हम यहाँ जाएँगे , हम वहाँ जाकर व्यापार करेंगें इस काम को इस तरह करेंगें उस काम को इस तरह करेंगे और न जाने कितनी ही कल्पनाएँ और योजनाएँ हम इस छोटे से जीवन मे बना…

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विश्वास एक ऐसा शब्द है जिसे सुनकर हम थोडा सा अपने को मजबूत समझने लगते हैं । यह शब्द अपने आप मे पूर्ण है ; विश्वास करना मतलब जो नहीं है उसे देखना , और यकीन करना ? यह ऐसा है , जैसे कोई आकर हमें कहे कि चलो मैं तुम्हें बहुत सा धन दूँगा ; और हम उस बात को मानकर उस व्यक्ति के पीछे हो लें । चाहे हम उस व्यक्ति को जानते हों या न जानते हो , पर उस व्यक्ति के पीछे हो लेते हैं ।क्योंकि विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय और अनदेखी वस्तुओं…

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बाइबिल कहती है कि अन्धकार से उजाले में आना ही उद्धार अर्थात मुक्ति, मोक्ष, छुटकारा, आजादी, deliverance है। मुक्त उसे किया जाता है जो बन्धन में है। मनुष्य दो दुनिया से मिल कर बना है, भौतिक और आत्मिक (material & immaterial world) भौतिक दुनिया से आता है शरीर, जिसे माँ बाप जन्माते है और आत्मिक दुनिया से आती है आत्मा। जब दोनों दुनिया का संगम होता है तब मनुष्य का जन्म होता है। आज संसार भौतिक (शारीरिक) रूप से बंधन में इसलिए है क्योंकि वह आत्मिक रूप से अन्धकार में है। लेकिन क्या है यह बन्धन? जीवन मे शान्ति और आनन्द…

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पिता परमेश्वर की तरफ से कुछ ऐसी बातें मुझे मिली जो मै आपके सामने पेश कर रहा हूं इसे आप ध्यान से सुने, यदि हमने इनका पालन किया तो जीवन भर कभी भी कोई दुख कोई तकलीफ़ हमारे पास नहीं आयेगी :———यदि हम आत्मिक पिता परमेश्वर का मान सम्मान करने के साथ-साथ अपने संसारिक पिता का उतना ही मान सम्मान करते हैं तो वह पिता परमेश्वर की निगाहों में उतम माना जाता है।पिता परमेश्वर की आज्ञा है:—–(1) पिता की सख्ती बर्दाश करो, ताकी काबील बन सको,(2) पिता की बातें गौर से सुनो, ताकी दुसरो की न सुननी पड़े,(3) पिता के…

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हमें बहुत बार लगता है ; हमारी प्रार्थना का उत्तर नहीं आ रहा ? पर वास्तव में ऐसा नही होता , परमेश्वर हमारे विषय में धीरज धरता तथा , उसने जो हमें देना होता उसकी तैयारी करता रहता , समय आने पर जवाब देता है इस जिन्दगी म़े इन्सान बहुत बार टूटता , बहुत बार जुडता , बहुत बार बिखरता और बहुत बार अपने को समेटता हुआ चलता रहता है । क्योंकि यह जीवन है , हम नहीं जानते अगले ही पल क्या होनेवाला है ; हो सकता है , अगले ही पल बहुत बडी खुशी आ जाए , हो सकता है…

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जो अपने मुँह की चौकसी करता है , वह अपने प्राण की रक्षा करता है ; परन्तु जो गाल बजाता है उसका विनाश हो जाता है । अकसर देखने में आता है कुछ लोग बहुत ज्यादा बौलते हैं जब वो बौलना शुरू करते हैं तब उन्हे इस बात का जरा सा भी अहसास नहीं होता उनके शब्दों का क्या अर्थ है जो वह बौल रहे हैं उस बात को सही होना चाहिए न कि गलत ? बाइबिल कहती है बुद्बिमानी से बोलो नीति 11 ; 14 जहाँ बुद्बि की युक्ति नहीं , वहाँ प्रजा विपत्ति में पडती है ; परन्तु सम्मति…

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* स्वर्गीय पिता ने कहा *: एक समय आएगा जब मानव जाति पांच चीजों को प्यार करेगी और पांच चीजों को भूल जाएगी। ” (1). वे इस दुनिया के आनंद को पसंद करेंगे और फैसले के दिन को भूल जाएंगे।(2). वे पैसे से प्यार करेंगे और इस बात की जवाबदेही के दिन भूल जाएंगे कि उन्होंने कैसे पैसा कमाया और खर्च किया।(3). वे उन चीजों से डरेंगे जो पृथ्वी मे बनाई गई हैं! और निर्माता को भूल जाते हैं।(4). वे सुंदर हवेली से प्यार करेंगे और अपनी कब्र को भूल जाएंगे।(5). वे पापों से प्यार करेंगे और स्वर्गीय पिता से माफी…

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