परमेश्वर ने उद्धार की योजना , जगत की उत्पति के पहले ही बना ली थी| सम्पूर्ण पुराना नियम , यीशु की ओर इशारा करता है| पुराना नियम , यीशु के आगमन की भविष्यवाणियों से भरा पड़ा है|आखरी चिन्ह , यहुन्ना बप्तिस्मा देने वाला था| यहुन्ना आने वाले यीशु ,की ओर इशारा करता है| राजा हेरोदेस ने शास्त्रियों और याजकों को बुलाकर पुछा ; मसीह का जन्म कहां होना चाहिए? शास्त्रियों और याजकों ने वोही जवाब दिया जो , मीका 5:2 में लिखा है| इतना सटीक ज्ञान होने के बाद भी , उन्होंने आने वाले मसीहा पर विश्वास नहीं किया| जिन्हें ज्ञान था , वो ही मसीहा को पहचान नहीं पाए| वह अपने घर आया और अपनों ने उसे नहीं पहचाना| वो यीशु के बारे में जानते थे , मगर यीशु को नहीं| किसी के बारे में जानने ,और उस व्यक्ति को जानने में , ज़मीन और आसमां का अंतर है| आप क्रिसमस में जो कुछ भी करते हैं , वो नए जन्मे यीशु की ओर इशारा करता है| आज भी बहुत से लोग यीशु के बारे में जानते हैं , मगर यीशु को नहीं पहचानते| उस व्यक्ति के जन्म दिन को क्या मनाना , जिससे आपका व्यक्तिगत संबंध न हो। एक ख़ुशी आतंरिक होती है , और दूसरी बाहरी|बाहरी ख़ुशी , दिखावटी और क्षणिक होती है| जो यीशु को जानता और समझता है , उसे आंतरिक ख़ुशी मिलती है|

आमीन
प्रभु का प्यार हमेशा आपके साथ बना रहे
रैव्ह राजेश गिरधर
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