क्या आपने कभी मैराथन दौड़ने वाले दूसरे व्यक्ति के साथ समय बिताया है। (मान लीजिए आप भी एक धावक है)। क्या आप ऐसे धावक से मिले है जिसे मैराथन दौड़ की शिक्षा नहीं मिली हो?

ऐसा होता नहीं है क्यों?

उन्हें भी उत्साह वर्धन की आवश्यकता है। जवाबदेही। उन्हें भी ऐसे लोगो की ज़रूरत है जो उनका सुबह 5:30 बजे मैदान में इंतज़ार कर रहे हो। उन्हें भी संगी धावक की ज़रूरत है जिसके साथ वो दौड़ सके, जो उन्हें तेजी से दौड़ने के लिए ललकारे।

आप समझे? हमें भी उन लोगो की ज़रूरत है जो यीशु को जानते हो। जो चाहते है परमेश्वर उनके जीवन में तबदीली लाये।

आप सोच रहे होंगे की मै आपको कोई फलाना ग्रुप में शामिल होने की सलाह दूंगा — नहीं ऐसा नहीं है। मै यह कहना चाह रहा हुँ कि अच्छा होगा हम ऐसे लोगो से घुले मिले जो प्रभु यीशु पर विश्वास करते हो और उसका अनुकरण करते हो।

जब मै विश्वास में आया, मै परमेश्वर के ज्ञान में अलग अलग तरीके से सीख पाया मै उसे आप लोगो को भी क्रमानुसार बताना चाहूंगा (मेरे जीवन में वो सही साबित हुआ, जो भी हो।)…

1.परमेश्वर के साथ समय बिताना, बाइबिल पढ़ना, परमेश्वर से बात करना

मै हमेशा परमेश्वर से सवालों को पूछता था “कृपया मुझे समझाए…”; “मै कैसे आप पर इस बात के लिए भरोसा करू…”; “यह क्या है…” ; मै बाइबिल से वचनो को अपने कॉपी में लिख लिया करता था ; कभी कबार तो प्रार्थनाय भी। और में यह सब बीच बीच में समय निकाल के करता था। इसलिए मैने समय निर्धारित किया, बस हफ्ते में दो तीन बार एक एक घंटे के लिए या उससे ज़्यादा भी। बाकी दिनों में, मै उन सारी बातो को जो मैने लिख के रखा हुआ है उसे फिर से पढ़ता था क्योंकि यह काम जल्दी से हो जाता था।

2.दूसरे विश्वासियों के साथ समय बिताना जो बाद में बहुत अच्छे मित्र बन गए

मैंने उनके जीवन को देखकर बहुत कुछ सीखा, अपने विचारों को आपस में व्यक्त करके, परमेश्वर जो हमें सिखाता था, एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करके, आपस में संगति को महसूस करते हुए. मैंने परमेश्वर के प्रेम को उनके द्वारा भी देखा और परमेश्वर के बारे में बहुत कुछ सीख पाया।

3. किसी के घर में या कॉफी शॉप या कही भी 4-12 लोग जमा होके बाइबिल मनन करना (अगर आप चाहे तो आप भी इस प्रकार की एक झुण्ड बना सकते है।

4. कांफ्रेंस, चर्च मीटिंग्स, किताबें

तो आप कैसे दूसरे विश्वासी को खोज सकते है?

शायद आपका कोई मित्र भी अपने जीवन में प्रभु यीशु मसीह को आमंत्रित किया होगा। लेकिन आप कैसे जानेंगे? वैसे, आप उनसे पूछ सकते हो।

आप अपने चारो तरफ पता कर सकते हो कि कोई चर्च या बाइबिल स्टडी मीटिंग होती है क्या? बहुत से अच्छे ग्रुप है। (ईमानदारी से बताऊँ तो गलत शिक्षा देने वाले ग्रुप भी है। आप परमेश्वर से अगुवाई मांगे। अगर कोई ग्रुप आपके लिए सही नहीं है तो परमेश्वर आपको सावधान करा देगा।

अगर आप कोई चर्च या ग्रुप की जानकारी चाहते है तो हम से भी संपर्क कर सकते हो। हमें बड़ी ख़ुशी होगी आपकी मदद करने और आपको सही जगह ले जाने।

हमें ईमेल करे: hindiwebmaster@sasiaccc.org

अब… परमेश्वर पर भरोसा करने का क्या अर्थ है? हम यह कैसे कर सकते है? यह बहुत ही गम्भीर विषय है। जब आप परमेश्वर पर भरोसा करेंगे, तब आप अपने जीवन में परमेश्वर के द्वारा कार्यो को देखेंगे। 

हो सकता है आपको शाबाशी मिले।

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