हर विश्वासी स्वर्ग जाना चाहता है| एक विश्वासी का अकेले स्वर्ग जाना, कोई मायने नहीं रखता| *शैतान भी इस सच को जानता है, कि उसे एक दिन नर्क की आग़ में डाला जायेगा| शैतान बहुत तीव्र गति से, अपने काम में व्यस्त है, कि वह अपने साथ बहुतों को नर्क में ले जा सके|* वह नर्क को भरने की भरसक कोशिश कर रहा है| *कम से कम हमें तो शैतान से बेहतर सोचने और शैतान से बेहतर करने की ज़रूरत है|* हमें ना केवल स्वर्ग जाना है, बल्कि लोगों को नर्क में जाने से बचाना भी है| *शैतान बुरा है, और वो लोगों को बुरा बनाने की कोशिश में लगा है| अगर हम अच्छे हैं, तो दूसरों को अच्छा बनाना, हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है|* जकर्याह 8:23 में लिखा है –उन दिनों में विभिन्न भाषा बोलने वाले, सब जातियों के दस इंसान एक यहूदी के वस्त्र का छोर यह कह कर पकड़ लेंगे, हम भी तुम्हार संग चलेंगे, क्योंकि हमने सुना हैं, ख़ुदा तुम्हारे साथ है| फ़रिश्ते ने मरियम से कहा था, उसका नाम इम्मानुएल रखना ; अर्थात परमेश्वर हमारे साथ|  *क्या कोई ऐसा है, जो आपके दामन के छोर को पकड़ कर यह कहता है, कि मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगा, क्योंकि मैंने सुना है, परमेश्वर तुम्हारे साथ है| यीशु के नाम को सार्थक करना आपके हांथ में है|
आमीन
प्रभु आप सबके साथ है
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