हम सबके जीवन में कोई न कोई डर हमेशा बना रहता है,और वो डर हमारा पीछा नहीं छोड़ता , या हम डर को हमसफ़र बना लेते हैं| डर की धुंध में , कोई राह नज़र नहीं आती है| कोई ना कोई डर , ज़िद्दी बच्चे की तरह पैर फ़ैलाकर बैठ जाता है| रिश्तों के टूटने का डर ; बच्चों के बिगड़ जाने का डर ; नाकामयाबी का डर ; मौत का डर , और नाजाने ऐसे कितने ही डर , सुकून से जीने नहीं देते| पर्मेश्वर का डर , हर भय का इलाज़ है| जो ख़ुदा से डरता है , वो किसी से नहीं डरता| खुदा का डर कभी भी आपका नुकसान नहीं होने देगा बल्कि आपको तरक्की की राह पर बढ़ाता जाएगा, ख़ुदा के खौफ़ ने , दाऊद को बेखौफ़ बना दिया था| उसके दुश्मनों की लिस्ट में , गोलियत और राजा शाऊल जैसे लोग थे| शेर और भालू का सामना करना , उसके लिए एक आम बात थी| व्यवास्थाविवरण 31=8 में लिखा है — तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है , वह तेरे संग रहेगा , और न तुझे धोखा देगा , और न छोड़ेगा , इसलिए मत डर| अगर आपके पास डरने की वजह है , तो न डरने की वजह भी होनी चाहिए|और ये वजह है , ख़ुदा का साथ होना|
आमीन
प्रभु हमेशा-हमेशा आपके साथ है
रैव्ह राजेश गिरधर


