यह सारा संसार और हमारा जीवन परिवर्तन शील है, जीवन मे परिस्थितियों का बदलना होता रहता है।मगर जो नहीं बदलता वो है परमेश्वर का वचन, परमेश्वर का कहा हुआ एक एक शब्द पूरा हुए बिना नहीं रहेगा ,यह बाईबल में कहा गया है।
दुखों का आना तो हर किसी व्यक्ति के जीवन का एक हिस्सा है जीवन मे दुख नहीं होंगे तो सुख का आनन्द नही होगा जो व्यक्ति मसीह मे होकर यह सोचता है उसका जीवन तो अब प्रभु के हाथ है दुखों से छुटकारा मिल गया तो वो व्यक्ति इस वचन की गहराई और सच्चाई को जान ले; इस वचन के मुताबिक हर विश्वासी को घोर अन्धकार से होकर जाना पडेगा जहाँ कोई किसी का साथ नहीं देगा , जहाँ अपने ही अपनों के दुशमन होंगे, जहाँ अपनों के बीच मे ही व्यक्ति परायों का सा अनुभव करेगा, जहाँ भाई ही भाई का दुश्मन होगा, जहाँ दोस्त ही दोस्त का गला काटेगा, जहाँ पडोसी ही पडोसी की सम्पत्ति को हथियाने की कोशिश करेगा ?
ऐसे समय मे आप समझ जाए आप अन्धकार मे हैं आप समझ जाएँ परमेश्वर आप को सिखाने को तैयार कर रहा है ऐसे समय मे एक आम व्यक्ति की बात तो छोड दो एक विश्वासी भी भटक जाता है।
यह जान लें परमेश्वर आने वाले दिनों के लिये हमें तैयार कर रहा है अगर ऐसे समय को बहूमूल्य जानकर एक विश्वासी अपनी प्रार्थना को बढा देता है तब यह वचन उसे अन्धकार से निकालने का काम करता है क्योंकि अक्सर एक विश्वासी भी भटक जाता है जबकि वचन साफ शब्दों में कहता है अन्धकार से होकर चलने पर भी परमेश्वर हमारी हानि नहीं होने देगा अपने सोटे लाठी से वो बचाएगा सोटा और लाठी हमारे लिए बाइबिल और वचन है यही हमें बचा सकते हैं उस समय जब हम घोर अन्धकार मे हो कुछ न सूझ रहा हो तब वचन ही उस अन्धकार से निकालेगा वचन कौन है यीशु मसीह वही हमारा छुडानेवाला उद्बारकर्ता परमेश्वर है जब वो है तो डरने की बात ही खत्म हो जाती है वो हमें सिखाता और अपने साथ चलाता भी है आप अगर अन्धकार मे हैं तो निराश न हो वो आपके साथ है सिर्फ़ पुकारो वचन को घोषणा करो आपकी आवाज उस तक जरूर पहुँच जाएगी।
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर


