पर्मेश्वर के काम करने का तरीका , बडा अद्भुत और अजीब है| बहुत से लोग विश्वासी हैं , मगर समझदार नहीं हैं| वो विश्वास में मज़बूत तो होना चाहते हैं , मगर सरल और आसान राह चुन कर | आसानी से मिलने वाली चीज़ की अहमियत नहीं होती ; जो मुश्किल से हासिल हो , वो कीमती समझी जाती है| ख़ुदा जो कुछ भी करता है , उसमें हमारी भलाई छुपी होती है , बस हम इस राज़ को समझ नहीं पाते| कई बार ऐसा महसूस होता है कि , ख़ुदा ने हमारे साथ नाइंसाफ़ी की है| ख़ुदा चाहता तो हमारे साथ ऐसा या वैसा कर देता तो आज हम भी इस ऊंचे मुकाम पर पहुंचे होते। दानिएल , शादारक , मेशक और ओबेदनगो को , उसने ऊची पद्धवी तक पहुंचा कर इज्ज़त बक्शी| मगर उससे पहले जिस परीक्षा मे से वो निकल कर आये क्या हम नहीं जानते,वो भी खुदा की मर्जी थी,दानिएल को उसने शेरों की मांद में डालकर फिर बचाया , और शद्रक मेशक और ओबेदनगो आग़ के भट्टे के बीच में डालकर फिर अद्भुत तरीके से बचाया| इस सज़ा के दौरान उनका विश्वास और पद्धवी आसमानी बुलंदियों तक पहुंच गया| अगर ऐसी सज़ा हमे मिले , तो क्या आज हम ख़ुशी ख़ुशी भुगतने के लिए तैयार है आपका क्या ख़याल है? खुदा जो कुछ भी करता है वो सब कुछ हमारी भलाई के लिए है।
आमीन
आप सबको जय महिस की प्रभु के दास रैव्ह राजेश गिरधर की ओर से

