बाईबल कहती हैं- जब प्रभु दोबारा इस संसार में आएगा। उसके राज्य में “परदेशी उसमें होकर ना जाने पाएंगे।” परदेशी का अर्थ यहां दूसरे देवी-देवताओं से हैं। प्रभु के इस राज्य में केवल प्रभु यीशु का राज्य होगा।
उस समय पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा- दाखमधु का अर्थ है आनंद और शांति होगी। कहां से? पहाड़ों से – का अर्थ है उस समय जो आराधना होगी उससे आनंद और शांति होगी।टीलो से दूध बहने लगेगा – अर्थात दूध से मनुष्य को ताकत मिलती है। अतः जब लोग अराधना करेंगे तब उन्हें आनंद और शांति मिलेगी और वही उनकी ताकत होगी। क्योंकि यहोवा का आनंद तुम्हारा दृढ़ गढ़ है (तुम्हारी ताकत है)और यहूदा देश के सब नाले (नदियां) जल से भर जाएंगी” जल का अर्थ है आशीषे क्योंकि जहां जल होता है वही खेती-बाड़ी होती है वहीं पर सब लोग बसते हैं।
प्रार्थना करें- प्रभु पवित्र आत्मा हमारी सहायता करें कि हम आप की अराधना आत्मा और सच्चाई से करें जिससे हम आनंद और शांति पाए और प्रभु का आनंद ही हमारी ताकत है। प्रभु हमारी सहायता करें कि आप के वचन (जल) से हम अपने आप को भर ले जिससे प्रतिदिन अपने आप को जांचते हुए और उसी वचन (पानी) से अपने आप को साफ करते हुए ताजगी से भर कर उस जल में स्वयं एक सोता बन जाए। आमीन
प्रभु आप सब को भरपूरी की आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

