यीशु मसीह पापियों के लिए मरा,
यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे मनुष्य झुठला नहीं सकता क्योंकि किसी भी अच्छे व्यक्ति के लिये कोई जान दे यह तो मुमकिन है ? पर पापियों के लिए अपनी जान देनेवाला इस पृथ्वी पर सिर्फ़ एक ही है और उसका नाम यीशु मसीह है।
उसे हम से कोई लालच नहीं है बस वो यही चाहता है मनुष्य आजाद हो जाए उन सब बैडियों से जिसे उसने खुद अपने ही लिए बना लिया तथा उसमे ऐसा उलझा कि परमेश्वर से दूर हो गया।
भूल कर बैठा है मनुष्य आज पूरी तरह से उस परमेश्वर को जिसने उसे मिट्टी से बनाया, भूल गया उसको जिसने उसे बनाने के बाद अपने नथूनों की स्वास उस मे डाली तब कहीं जाकर मिट्टी का पुतला आदम बना पर वो पाप करके परमेश्वर से दूर हो गया।
मगर परमेश्वर उस अपनी बनाई रचना को खराब होते नहीं देख सकता था इसलिए उसने अपने इकलोते पुत्र को भेजा लोगों के उद्बार के लिये पर उस मिट्टी के पुतले ने परमेश्वर के पुत्र को ही सूली पर चढ़ा दिया।
फिर भी परमेश्वर ने इस मिट्टी के पुतले मनुष्य को माफ कर दिया अपने पास आने का मौका दिया जितने पाप मनुष्य ने किये परमेश्वर उन सब को भूलकर भी इस मिट्टी के पुतले मनुष्य को अपनाने को तैयार है।
क्योंकि वो नहीं चाहता जिसे उसने इतने प्यार ,मेहनत और लगन से बनाया वो नरक मे डाला जाए, जहाँ की आग कभी बुझती नहीं और जहाँ का कीडा कभी मरता नहीं ।
इसीलिये उसने हमारे पापों को ढाँप दिया उसने हमारे पापों को हम से इतनी दूर कर दिया हम सोच भी नहीं सकते, भजन संहिता- 103 :-12 के अनुसार उदयाचल से अस्ताचल जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया।।
भज 103 :- 13 के अनुसार- जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
यहोवा दयालू और अनुग्रहकारी विलम्ब से क्रोध करनेवाला और अति करुणामय परमेश्वर है आओ हम यहोवा के घर को चलें जैसे भी हम हैं उसके पास आएं वो हमे अपना लेगा, क्षमा करके हमारे पापों को धोकर हमें गले लगा लेगा तो फिर सोचो मत आओ यीशु मसीह के पास ।
आमीन
प्रभु यीशु मसीह ही आपको क्षमा कर सकता है
रैव्ह राजेश गिरधर

