PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
वचन कहता है, यहेजकेल 18,20“जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्र पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्र का,धर्मी को अपनी ही धार्मिकता का फल, और दुष्‍ट को अपनी ही दुष्‍टता का फल मिलेगा!”
अर्थात…“परमेश्वर हमें यह समझना चाहतें हैं, यहेजकेल 18,30 हे इस्राएल के घराने,मैं तुममें से हर एक मनुष्‍य का न्‍याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूँगा। पश्‍चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो,तभी तुम्‍हारा अधर्म तुम्‍हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।यहेजकेल 18,22 उसने जितने अपराध किए हों,उनमें से किसी का स्‍मरण उसके विरुद्ध न किया जाएगा,जो धार्मिकता के काम उसने किये हो,उसके कारण वह जीवित रहेगा!”

इसीलिए हमेशा याद रहे… यहेजकेल 18,27“फिर जब दुष्‍ट अपने दुष्‍ट कामों से फिरकर,न्‍याय और धार्मिकता के काम करने लगे,तो वह अपना प्राण बचाएगा।28 वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा,इस कारण न मरेगा,जीवित ही रहेगा”…ध्यान रहे,यहेजकेल 23“प्रभु यहोवा की यह वाणी है, क्‍या मैं दुष्‍ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न होता हूँ? क्‍या मैं इससे प्रसन्न नहीं होता कि वह अपने मार्ग से फिरकर जीवित रहे? यहेजकेल 21, इसलिए यदि दुष्‍ट जन अपने सब पापों से फिरकर,मेरी सब विधियों का पालन करे और न्‍याय और धार्मिकता के काम करे,तो वह न मरेगा,वरन् जीवित ही रहेगा!”
☝🏻और…
जो चीज आप को“CHALLENGE” करती है,

वही आपको “CHANGE” कर सकती है।

प्रभु ही उद्धार करता है और आप सभी को आशीष करें।
Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️
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