जैसी करनी वैसी भरनी
जो बोया है, वही तो काटा जाएगा
इस वचन को अक्सर सब भूल जाते हैं । सोचते हैं कौन देख रहा है हम अपनी मर्जी के मालिक हैं जो चाहे सो करेंगे आजादी हमारा हक है जिससे जैसा चाहें व्यवहार करें कोई फर्क नहीं पडता ।
तब बहुत बार व्यक्ति से ऐसे अपराध भी हो जाते हैं जिन्हें उसने सोचा भी नहीं होता बाद मे जिसका अनजाम बैहद खतरनाक होता है।।
समाज में हर कोई सिर्फ अपनी ही सोच रहा है उसे किसी दूसरे की परवाह ही नहीं जब किसी लडके की शादी उसके माँ बाप करते तो उनके अपनी बहू के लिये बहुत से सपने होते हैं पर बहू आकर कहती है अपने माँ बाप को वृदाआश्रम छोड आओ तो लडका बिना यह सोचे कि उसे भी बुढापा आने को है उसका लडका भी वैसा ही उसके साथ करेगा इस बात को भूल जाता है।
किसी की भी कोई भी व्यक्ति कोई चीज चुराता तो भूल जाता है उसके साथ भी चोरी ही होगी । कोई ताकतवर जब किसी निर्बल को मारता तो भूल जाता है उस से भी कोई ताकतवर आकर उसे भी मार सकता है । 
कौन विचार करता है इन सब बातों पर बस सब अपने ही मन की बातों को पूरा करने पर तुले हुए हैं भूल गये जैसा बीज बोओगे वैसा ही पेड होगा वैसा ही उस पर फल आएगा अगर झाडिय़ों को लगाओगे तो उनमें अंगूर तो लगने से रहे ,हो सके तो जो आप करते हो उसे थोडा करने से पहले सोचो क्या वह सही है जो करते हैं तब उस काम को करो जब ऊपर मूँह करके थूका जाता है तब वो उसी के मुँह पर आता है ।
कोई ऐसा काम न करो जो वापस, जब आपके साथ किया जाए तो आपको दुख हो, सम्भल जाओ अब भी समय है ,क्योंकि हम अभी जिन्दा हैं सुधर सकते हैं मरने के बाद तो माफी माँगने का मौका भी नही मिलने का ।
आमीन
प्रभु हम सबको ज्ञान और बुद्धि दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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