हम और आप प्रार्थना करते हैं और इस विश्वास से करते हैं कि प्रभु हमारी हर प्रार्थना को सुनता है,और उसे पूरा भी करता है, अगर प्रार्थना नहीं सुनी जा रही है, तो क्या आपने उसके कारण तलाशने को कोशिश की| 
प्रार्थना में असर होना चाहिए, और ये प्रभाव पाक रूह से पैदा होता है कि आप कितनी शिद्दत से प्रार्थना करते हैं| जिस्मानी कमजोरियां, आपकी प्रार्थनाओं में रुकावट बन सकती है| प्रभाव शब्दों से नहीं, रूहानी ताक़त से पैदा होता है|
हालात कैसे भी क्यों ना हों, निराशा में दुआ कीजिये, और निराशा को प्रार्थना में बाधा मत बनने दीजिये| यीशु ने सिर्फ़ एक बात हमसे कही है, निरंतर प्रार्थना में लगे रहो| अक्सर हमारा ध्यान प्रार्थना पर कम, और जवाब पर ज़्यादा लगा होता है| जवाब जल्दी नहीं आया, जवाब अभी भी नहीं आया ; तो हम निराश हो जाते हैं, और मन को बहलाने की कोशिश करने लगते हैं| शायद ख़ुदा हमसे नाराज़ है, शायद ख़ुदा हमारी सुनना नहीं चाहता, शायद मैं बहुत गुनहगार हूं| ये सब बेकार की बातें हैं, बस प्रार्थना करते रहिये, जवाब ख़ुदा के हांथ में छोड़ दीजिये| 
जवाब Yes में नहीं Best में आ रहा है। 
आमीन
प्रभु से निरन्तर प्रार्थना करते रहे
रैव्ह राजेश गिरधर
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