हमारे जीवन में ऐसा भी मौका आता है,जब हम शैतान के बहकावे मे आकर कोई ऐसा काम कर बैठते हैं,जो परमेश्वर की नजर में पाप है तब हमारी भी मुसीबतें विप्पत्तियों के रुप मे हमारे सामने आ जाती हैं जिसका हमें पता ही नहीं चलता उसकी वजह है हम सांसारिक हो चुके हैं परमेश्वर को सिर्फ अपने फायदे के लिये ही इस्तेमाल करते हैं सिर्फ कुछ न कुछ मांगने की ही प्रार्थना करते रहते हैं कभी दूसरों के लिये प्रार्थना नहीं करते तब भी हमें अपनी गलती का अहसास नहीं हो पाता तथा दुख की भट्टी मे जलने को मजबूर हो जाते हैं।
हमें अपनी गलतियों को , अपने पापों को परमेश्वर के सम्मुख रखते रहना चाहिए जो हम से हर दिन कुछ न कुछ होते ही रहते हैं जिससे परमेश्वर हमें माफ करें फिर उन पापों से तोबा करनी चाहिए कि वो हमसे दौबारा न हो ताकि कोई विप्पत्ति फिर से आ न पडे अहंकार से कौसों दूर रहना चाहिए , सबसे नम्रतापूर्वक बरताव करना चाहिए ताकि शैतान की कोई भी चाल हम पर न चलने पाएँ तब शैतान हमारे पास से दूर रहेगा फिर हम परमेश्वर के विरूद्ध पाप करने से बचे रहेंगे ।
आमीन
प्रभु हर पल हमारे गुनाहों को माफ करता है
रैव्ह राजेश गिरधर
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