वचनो के द्वारा मनुष्य के लिए परमेश्वर की गारन्टी है जिसमे खुद परमेश्वर कहता है मैं तेरे साथ हूँ यह वचन यिर्मयाह भविष्यवक्ता को जब मिला तब वह लडका ही था और लोगों से घबराता भी था वजह उस की छोटी उम्र उस छोटी उम्र मे परमेश्वर ने उसे चुन लिया, परमेश्वर जिसे चुनता है उसका वो पूरा ख्याल रखता है उसके काम को परमेश्वर निर्धारित कर देता है उसे क्या करना है , क्या बौलना हैं ,
कहाँ जाना है , क्या क्या कहना और क्या नहीं कहना परमेश्वर सब कुछ उस व्यक्ति के लिये निर्धारित करके उसे भेजता है । कहें तो परमेश्वर उसका पूरा जिम्मा अपने ऊपर उठाकर उसे चलाता है उसे वचनों का ज्ञान नहीं था तब परमेश्वर ने अपने वचन उसके मुँह मे डाले यिर्म 1 ; 9 तब यहोवा ने हाथ बढाकर मेरे मुँह को छुआ ; और यहोवा ने मुझ से कहा , देख मैं ने अपने वचन तेरे मुँह मे डाल दिये हैं ।
परमेश्वर डर को भी व्यक्ति में से निकालने की कौशिश करता है । यिर्म 1 ; 8 – तू उनके मुख को देखकर मत डर , क्योंकि तुझे छुडाने के लिए मैं तेरे साथ हूँ , यहोवा की यह वाणी है ।
इन वचनों को पढने पर साफ हो जाता है परमेश्वर जिसे अपने काम के लिये चुनता उसका पूरा ध्यान रखता भी है, जब परमेश्वर जिसे सेवा के लिये चुनता और उसका खयाल भी रखता है
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

