कोई किसी बलवान व्यक्ति के लिये मरे , या कोई किसी बडे व्यक्ति के लिये मरे जैसा कि हम देखते हैं कुछ लोग अपने नेता के लिये अपनी जान दे देते हैं यह सही है या गलत यह तो उस व्यक्ति पर निर्भर करता है ।
पर इस संसार में कोई किसी निर्बल के लिये मरे यह हो नहीं सकता अगर कोई हमसे कहे यह जो सडक पर मजदूर काम कर रहे हैं इनके लिये मरो , या कहे कि जो यह गरीब सडक पर भिखारी बैठें हैं इनके लिये मरो , या कोई कहे कि जो अस्पतालों में मरीज पडे हैं उनके लिये मरो तो क्या हम मरेंगे ?
सीधा सा जवाब होगा हम क्यों इनके लिये अपनी जान दें यह तो यू ही पैदा हुए मर जाएँगे मगर हमें तो अपनी जान प्यारी है हम क्यों अपनी जान दें यह बात सौ में से सौ लोगों के मन में आएगी ?
पर मेरे यीशु मसीह के मन में यह बात नहीं आई क्यों ? क्योंकि वो हमसे प्रेम करता है वो जानता है हमारा मरने के बाद क्या होनेवाला है वो जानता है उस अधोलोक की आग मे क्या होता है जहाँ का कीडा कभी मरता नहीं , जहाँ की आग कभी बुझती नहीं वो यह जानता है वहाँ पर जाकर मानव का हाल क्या होनेवाला है यही कारण वो हमकों उस अधोलोक की आग से बचाना चाहता है हमें बचाने की खातिर जो कि एक निर्बल व्यक्ति है उसने हमारे पापों को अपने ऊपर लेकर वो क्रूस की मृत्यु भी सह ली ताकि हमें अनन्त जीवन प्राप्त हो जाए , हम बचाए जाएँ यही कारण वो मारा गया , गाडा गया , और तीसरे दिन जिन्दा हो गया और दौबारा आनेवाला है यही है सच्चाई । जिसे आज लोग समझ नहीं पा रहे और यीशु मसीह के पीछे चलने से इनकार करते हैं जबकि हमें उसकी सलीब पर देखते हुए अपने को उसे समर्पण करना चाहिए इस महान काम के लिये जो उसने हमारे लिये किया धन्यवाद यीशु मसीह मेरे जैसे निर्बल और पापी के लिये आपने जान दी यह मैं सदा याद करता हुआ आपके पीछे चलता रहूँगा ताकि आपके पास आ सकूँ।
आमीन
प्रभु आपको और आपके परिवार को आशीष दे

