बाईबल हमें सिखाती है कि जल्द बाज़ी न करना,जल्दी से कोई भी फैसला न लेना, जल्दी से लिया गया फैसला अक्सर अपने लिए और दूसरों के लिए भी ठोकर का कारण बन जाता है,और इसी ठोकर का फायदा शैतान उठाता है
यहाँ एक तरफ तो यीशु मसीह पतरस को कहते हैं मती 16 ; 17 ’18 –  हे शमोन , योना के पुत्र , तू धन्य है ; क्योंकि माँस और लहू ने नहीं , परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है , यह बात तुझ पर प्रगट की है  18 – और मैं भी तुझ से कहता हूँ कि तू पतरस है , और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊँगा , और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे ।
कुछ ही देर पहले यीशु मसीह पतरस से इतना प्यार करते तथा दूसरे ही पल उसे शैतान कह कर पीछे हटा देते हैं यह किसी के भी साथ हो सकता है अगर वो विश्वास में कमजोर है तो ? 
शैतान किसी को भी बहका सकता है हमारा परमेश्वर पर विश्वास ही हमें टिके रहने की स्थिरता प्रदान करता है जहाँ हमारा विश्वास हिला शैतान हम पर कब्जा करने को तैयार रहता है जैसा पतरस के साथ हुआ ।
थोडे में ही समझने की बात है अपने को यीशु से जोडे रखो विश्वास के लिये प्रार्थना करते रहो प्रार्थना में लगे रहो वरना जब शैतान यीशु मसीह के साथ हर समय रहनेवाले लोगों को बहका सकता तो आप और मैं तो उनके सामने कहीं ठहरते ही नहीं ।विश्वास की जंग लडते रहो और विजयी हो जाओ जैसा पौलुस कहता है 2 कुरि 13 ; 5 – अपने आप को परखो कि विश्वास में हो की नहीं । अपने आप को जाँचो । क्या तुम अपने विषय में यह नहीं जानते कि यीशु मसीह तुम में है ? नहीं तो तुम जाँच में निकम्मे निकलते हो ।
आमीन
प्रभु आप सबको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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