पत्थर में खुदा है,पर
        पत्थर खुदा नहीं है
खुदा दिल में ही है
        कोई गुमशुदा नहीं है
गौर कर इन विरानों में
        ढूंढने वाले ऐ शख्स
तू ही जुदा है खुदा से
        पर खुदा जुदा नहीं है तुझसे
आमीन
रैव्ह राजेश गिरधर
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