*आज के समय में कई लोग अपने अपने जीवनों में कभी किसी मोड पर निर्बल या नकारे जाते हैं। कई लोग तो जब अपने कष्टों और दुखों की चोटी पर पहुंचते हैं तो वे अपने जीवनों का अंत कर देना चाहते हैं परन्तु यदि ऐसे कुछ लोग हैं जो प्रभु यीशु मसीह की ओर देखते हैं जो उन्हें बल देने का सामर्थ रखता है और जब वे प्रार्थना करेंगे तो वह उन्हें निश्चय सामर्थ देगा और उनका बल बढाएगा। वह कहता है, तू हियाव बांध और दृढ हो, उनसे न डर और न भयभीत हो, क्योंकि तेरे संग चलनेवाला तेरा…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
*शैतान का निशाना, आपका विश्वास है| विश्वास है तो सब है , विश्वास नहीं तो कुछ भी नहीं है| हमेशा कोशिश यह कीजिये, कि विश्वास की ज़मीन पर, आपके पैर मज़बूती के साथ जमे रहें| निराशाएं तो आएंगी, मगर उनसे लड़ना आपका काम है| *लोगों के पास बाईबिल है, मगर ख़ुदा का वचन दिल में नहीं है| जब ख़ुदा का वचन दिल में होता है, तब ही जुबां पर होता है| खुदा का वचन जब दिल ओ दिमाग में उतर जाता है, तब ही काम करता है| वरना बाईबिल भी एक क़िताब ही है| जब परमेश्वर की व्यवस्था, आपके दिल…
इस समय हम सब एक साथ मिलकर एक मन होकर पिता परमेश्वर के समीप घुटनों में आकर सारे संसार के लिए प्रार्थना करें,कि प्रभु संसार में अनेक लोग अनेक विपदा से गुजर रहे हैं, अपने परिवार से दूर हैं,अपने परिवार के सदस्यों को इस महामारीं की वजह से खो चुके हैं, अनेक लोग भूखमरी से मर रहे हैं, अनेक लोग इस बीमारी से डरे हुए हैं…….इन सबको अब राहत दे। हम सब मिलकर जीवित खुदा से प्रार्थना करे और वो हमारी प्रार्थना को अवश्य स्वीकार करेगा और हम सब को हर एक विपदा से, परेशानी से छुटकारा देगा।हम सब ईश्वर के…
विश्वास का संबंध सिर्फ़, आशीषों और चंगाई ही से नहीं है| हक़ीकत में विश्वास, एक लंगर के समान है|* जब आप मुसीबतों के भंवर में फंसे हों, या ज़िन्दगी के समुंदर में, भयानक तूफ़ान में हो| *ज़िन्दगी के तूफानों में, विश्वास का लंगर ही, आपको स्थिर रख सकता है|* जब बाहर समस्याओं की तेज़ आंधियां हों, अन्दर दिल ओ दिमाग़ बेचैन हो, आप सोचते-सोचते थक जाते हैं| जब निराशा के तूफ़ान, उम्मीद की हर शम्मा बुझाने पर नज़र आती हैं| विश्वास के दामन को थामे रहना आसान नहीं होता है| हार मान लेने या लड़ने का जज़्बा बनाये रखने के,…
हर विश्वासी स्वर्ग जाना चाहता है| एक विश्वासी का अकेले स्वर्ग जाना, कोई मायने नहीं रखता| *शैतान भी इस सच को जानता है, कि उसे एक दिन नर्क की आग़ में डाला जायेगा| शैतान बहुत तीव्र गति से, अपने काम में व्यस्त है, कि वह अपने साथ बहुतों को नर्क में ले जा सके|* वह नर्क को भरने की भरसक कोशिश कर रहा है| *कम से कम हमें तो शैतान से बेहतर सोचने और शैतान से बेहतर करने की ज़रूरत है|* हमें ना केवल स्वर्ग जाना है, बल्कि लोगों को नर्क में जाने से बचाना भी है| *शैतान बुरा है,…
परमेश्वर हमारे हृदयों को देखते हैं, लेकिन हम उसके देखने और उसके प्यार को नहीं समझ पाते। परमेश्वर हमें योग्य बनाने के लिए अपने वचन का इस्तेमाल करते हैं ताकि हम पाप को और अपने हृदय में छुपे अविश्वास को देख सकें। वचन हमारे हृदय में दो धारी तलवार के समान कार्य करता है। यदि हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो वचन हमारे हृदयों को परमेश्वर की आज्ञा मानने और उनके वायदों का दावा करने में सहायक होता है। इसलिए हर एक विश्वासी को परमेश्वर के वचन को सुनने और उसे पूरा करने के लिए परिश्रमी होना चाहिए। वचन…
*परमेश्वर के मुँह से निकला , कोई भी वचन व्यर्थ नहीं जाता| फिर भी हमारे मन में शंकाएं सर उठाने लगती हैं|* समस्याओं की कड़ी धूप में , जहां दूर दूर तक कोई साया ना हो ; हमारी आत्मा व्याकुल होने लगती है| कभी लगता है , कहीं परमेश्वर हमसे नाराज़ तो नहीं है| कभी महसूस होता है , उसने हमें छोड़ दिया है| बेचैनी और निराशा के काले साए , हमें डराने लगते हैं| दुखों की लम्बी काली रात में , उम्मीद के चिराग बुझने लगते हैं| जहां भ्रम के चौराहे पर खड़े आप , ये नहीं निर्धारित कर…
*धर्मियों की ज़िन्दगी में, दुखों और परेशानियों का बने रहना ; और गुनहगारों का फलना फूलना| आख़िर ऐसा क्यों होता है? अय्यूब 21:7 में लिखा है —क्या कारण है कि दुष्ट ज़िन्दा रहते हैं, बल्कि बूढ़े भी हो जाते, और उनका धन बढ़ता भी जाता है| दूसरी ओर धर्मी सच्चाई की राह पर चलते, हुए हमेशा दुखी ही रहते है| किसी शायर ने क्या खूब कहा है – झूठ बोलने वाले कहां से कहां बढ़ गए, एक मैं था की सच बोलता रह गया| बहुतों के दिल में ख़ुदा के इंसाफ पर, शक पैदा होने लगता है| कुछ ये भी…
नाकामयाबी, उम्मीद के दरवाज़े बंद करने को बरकरार नज़र आती है|* कहते हैं, उम्मीद पर आसमां टिका है ; मगर लगता है यह बातें क़िताबों के पन्नों में सिमट कर रह गई है| हकीक़त में ऐसा लगता है कि विश्वास की ज़मीं पर सपनों और ख़्यालों के शीशे, गिरकर चकनाचूर हो रहे हैं| *नाकामयाबी से बड़ा दर्द, दुनियां में कोई और नहीं है| ख़ास तौरपर, जब आप अच्छे होकर, बुराई से हार जाते हैं|* किसी शायर ने क्या ख़ूब कहा है –दोपहर तक बाज़ार में, सारे झूठ बिक गए, और मैं शाम तक एक सच लेकर बैठा रहा,पर न बेच…
*जब भी किसी का भला करने का मौका मिले, हमें चूकना नहीं चाहिए| फिर चाहे वो आपका दुश्मन ही क्यों न हो|* नीतिवचन 25:21 में लिखा है अगर तेरा दुश्मन भूखा हो, तो उसे खाना खिला ; अगर वो प्यासा हो, तो उसे पानी पिला| *अच्छों के साथ तो सभी अच्छे होते हैं, यीशु बुरों के साथ भी अच्छा था| प्रतिफल की चिंता ख़ुदा पर छोड़ दीजिए, हर इंसान अहसानमंद नहीं होता है| बहुत बार भलाई करने के बाद, बुराई सामने आती है| आपने जिनके साथ भलाई की है, वो आपसे बुरा सुलूक करते हैं|* हम कई बार ख़ुद को…