कई बार आपके द्वारा कहे सहानुभूति भरे दो शब्द किसी को जीवन में कठिन से कठिन समस्या का सामना करने का मनोबल दे देते है I  

इन्सान एक कठपुतली के समान है, जिसकी डोर उसकी अधूरी इच्छाओं के हाथ में है। 

बुरे लोग हमेशा यह कोशिश करते रहेंगे कि वह कैसे अच्छे लोगो का बुरा करे, पर यह याद रखे कि एक सच्चे इंसान का कोई भी बुरा नहीं कर सकता और बुरे लोग को भी देर सवेर यह बात समझ जाती है 

अगर आज हम अपने डर पर काबू नहीं पा लेते है, तो कल यही डर हम पे काबू पा लेगा। 

इंसान जिंदगी में गलतियां करके उतना दुखी नहीं है, जितना बारबार उन गलतियों के बारे में सोच कर। 

अहं (अहंकार) में अंधे इंसान को तो अपनी गलतियाँ दिखती है और ही दूसरों की अच्छी बातें I

जब हम किसी से प्रशंसा की अपेक्षा किए बिना काम करना सीख लेते है, तो हम अपना सर्वोत्तम देते है। 

जीवन केवल एक अनुभव है, ना कुछ उससे अधिक और ना कुछ उससे कम। 

जीवन में हम असली सफलता तभी हासिल कर सकते है, जब हम दूसरों को भी सफल होने में मदद करे  

अंदर से हर इंसान स्वार्थी होता है।  हमें इस बात को समझ लेना चाहिए, अन्यथा हम पूरी जिंदगी लोगों पर स्वार्थी होने का इल्जाम लगाते रहेंगे।  

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