इंसान की ज़िन्दगी भी , बहते हुए पानी की तरह है| समुन्दर में मिलते ही नदी का सफ़र ख़त्म हो जाता है| नदी जहां से भी गुज़रती है , ज़मीन को उपजाऊ बनाती है| पेड़ पौधों को नई ज़िन्दगी देती है| हज़ारों जीव जंतुओं को जीवन मिलता है|
हो सकता है गुज़रा साल , आपके लिए अच्छा ना रहा हो| असफ़लता और दुःख , आपका पीछा करते रहे हों| हो सकता है , ना आपके सपने साकार हुए हों ,और ना ही आपकी इच्छाओं की पूर्ति हुई हो| नए साल में एक नई सोच के साथ , आगे बढ़ते जाना है| ग़लतियों से सीखने वाला ही समझदार कहलाता है| समय के सर पर इलज़ाम मढ़ने से , गलतियां सुधारी नहीं जा सकतीं| यीशु ने कहा —क्या दिन के बारह घंटे नहीं होते , जो दिन में चलता है , वो ठोकर नहीं खाता| यीशु की सफ़लता का एक सबसे बड़ा रहस्य था , सकारात्मक सोच| चाहे चेले ने धोखा दिया हो ; चाहे सामने दर्दनाक सलीबी मौत क्यों ना खड़ी हो| उसने हर समस्या का सामना , सकारात्मक सोच के साथ किया|जय और पराजय के मध्य , केवल आपकी सोच ही अंतर पैदा कर सकता है|
आमीन
प्रभु हमारी सोच पर भी आशीष देता है
रैव्ह राजेश गिरधर

