सत्य है प्रार्थना में ही , समस्याओं का समाधान है| कुछ प्रार्थनाएं साधारण होती हैं| क्योंकि प्रार्थना करने वाला , साधारण होता है| कुछ प्रार्थनाएं , महज़ रीति रिवाज़ होती हैं| ऐसी प्रार्थनाएं , प्रभावहीन होती हैं| पौलूस कहता है मैं आत्मा से भी प्रार्थना करूंगा| प्रार्थना करने वाले और प्रार्थना योद्धा में अंतर होता है| पौलूस कहता है –पवित्रात्मा हमारी आत्मा के साथ आहें भर भर कर प्रार्थना करता है| मन में जब नकारात्मक बातें हों , प्रार्थना अपना असर खो देती है| शंका और अविश्वास , घुन की तरह आपकी प्रार्थना को खोखला कर देते हैं| 1राजा 18:42 में लिखा है —एलियाह ने अपना मुँह घुटनों के बीच किया| प्रार्थना में मन का केन्द्रित होना बहुत ज़रूरी है| सब तरफ़ से अपना ध्यान हटा कर , केवल परमेश्वर की ओर अपना मन केन्द्रित करें| असफ़लता आपकी प्रार्थना को प्रभावित ना करने पाए| निरंतर प्रार्थना करने वालों की सुनी जाती है| प्रार्थना एक युद्ध है , और आपको प्रार्थना योद्धा बनने की ज़रूरत है|
आमीन
प्रभु हमारी हर प्राथर्नाओ का जवाब देते हैं
रैव्ह. राजेश गिरधर

