परमेश्वर ने आज आपके लिए एक अद्भुत प्रतिज्ञा की है। परमेश्वर भजन संहिता 103:11 से आपसे बात कर रहा है, ‘‘जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।’’ जी हाँ, परमेश्वर की प्रेममयी कृपा उन पर रहती है जो उसका भय मानते हैं, स्वर्ग और पृथ्वी के बीच की जितनी दूरी है उससे भी कहीं अधिक उसकी कृपा होती है। जब परमेश्वर आपसे इतना प्यार करता है, तो कल्पना करें कि वह आपके जीवन में कितनी आशीषों की वर्षा करेगा।
 आज आप परमेश्वर की इस प्रेममयी कृपा का अनुभव करें, जब आप में परमेश्वर के प्रति भयभक्ति होगी, तब आप  उसे राजाओं के महान राजा और प्रभुओं के प्रभु के रूप में देखेंगे। इससे आपके अंदर उसका भय आएगा। इसलिए अपने जीवन को उसके हाथों में सौंपें। परमेश्वर का भय मानें और वह सब कुछ करें जो उसे भाता है। हर उस चीज में जिसमें आप शामिल हैं और लोगों के साथ आपकी हर बातचीत में, जांचें कि क्या आप परमेश्वर को खुश करने में सक्षम हैं। जब आप इसे अपनी आदत बना लेंगे, तो आप में प्रभु के प्रति निरंतर भयभक्ति होगी और आप उसकी इच्छा के अनुसार सब कुछ करेंगे। भजन संहिता 112:1 कहता है, ‘‘धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!’’
जब आप परमेश्वर का भय मानते हैं, तो आप परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने में बहुत ही प्रसन्न होंगे जो वह आपको अपनी पवित्र आत्मा के माध्यम से करना सिखाता है। ऐसे व्यक्ति पर परमेश्वर की कृपा बनी रहती है। भजन संहिता 112 :2 के अनुसार :-::‘‘उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की संतान आशीष पाएंगी। क्योंकि धर्मी सदा अटल होंगे।’’ हाँ, ऐसी महान आशीषें आपकी होंगी, क्योंकि आप परमेश्वर का भय मानते हैं।
आइए प्रार्थना करें :——
मेरे प्यारे स्वर्गीय पिता,आज की प्रतिज्ञा के लिए धन्यवाद। हे पिता, मुझे अपने हृदय में हमेशा आपके लिए भयभक्ति रखने दें। मेरे जीवन के हर पहलू में आपकी इच्छा को हमेशा पूरा करने में मेरी मदद करें। आपकी योजना पर चलने के लिए मुझे अपने पवित्र आत्मा के माध्यम से सिखाएं। यीशु के नाम में,मैं प्रार्थना करता हूँ,
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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