यीशु ने फिर लोगों से कहा, “जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा ।
आज हमारा जीवन जो यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद जो बदला है वो हमारी खुशनसीबी है कि उसने हमे उस अन्धकार से निकाला जिसमें हम चला करते थे ।
उस दलदल से बाहर निकाला जो हमें पाप के अन्दर और धसाने का काम कर रहा था ; हमें वो आजादी मिली जिसके हम हकदार थे जो आजादी आदम के पाप के कारण खत्म हो गई थी । शैतानी जिन्दगी से आजादी मिली ,पवित्रात्मा का अभिषेक मिला, जिस सहायक को हम जानते भी न थे वो सहायक हमारे साथ हर समय रहता है ।
जो गलतियां हमसे हुई उनकी माफी मिली, शुभ अशुभ बातों से छुटकारा मिला , हमारे पैरों को पाप करने की जो आजादी थी उससे छुटकारा मिला, 
यीशु को हमने अपने जीवन मे जब से पाया तब से चिन्ताओं से मुक्ति मिली अब चिन्ता करने की जगह हम प्रार्थना करने लगे । जीवन को एक सही रास्ता मिला जिस रास्ते पर चलकर हम दूसरों को भी सम्भाल सकते हैं ।
हम क्या थे और क्या हो गए आज हम जो प्रभु से मांगते हैं वो हमको देता है देने मे वो कोई कसर नहीं छोडता प्रभु की महिमा हो प्रभु सुनता है । ज्योति देता है उसका हमें बचाने को धन्यवाद जैसे हमें बचाया औरों को भी बचाए ।
आमीन
प्रभु आप सबको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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