पुराने समय मे और यहाँ तक कि आज के समय मे भी गधे की चर्चा होती है।कठिन श्रम और बहुत ज्यादा मेहनत।आपने धोबी के गधे के बारे में सुना होगा,वह किनती मेहनत करता है!! गदहों का उपयोग शुरू से ही बोझा ढोने में किया जाता है।वह रात दिन मेहनत करता है,ईंटे ढोता है,मनुष्य की सवारी के काम आता है।गधा कठिन परिश्रम के शाप का शिकार है।गधा आम साहित्य और बोल चाल में उपहास और हँसी का भी पात्र है।अगर किसी को नीचा दिखाना हो, मंद बुद्धि का और मूर्ख बताना हो तो उसे गधा कहा जाता है।
💥 परमेशवर के वचन में गधे को भी इस शाप से छुड़ाने का प्रबंध है।क्या आप जानते है कि वचन मनुष्य की तुलना गधे से करता है।
💥 अय्यूब 11:12
परन्तु मनुष्य छूछा और निर्बुद्धि होता है; क्योंकि मनुष्य जन्म ही से जंगली गदहे के बच्चे के समान होता है।
दिलचस्प बात है कि मनुष्य दुसरे मनुष्य को गधा कहता है।लेकिन परमेशवर हर मनुष्य को गधा कहता है। क्यों? क्योंकि हरेक मनुष्य बोझ और परेशानियों का सामना करता है। वचन कहता है — गधे को मेम्ना देकर आजाद किया जा सकता है।यह मेम्ना कौन है? वचन कहता है यीशु मसीह ही मेम्ना है
    यूहन्ना 1:29
दूसरे दिन उस ने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है।”
💥 आज हम आनंदित और मगन हो सकते है कि परमेशवर ने हमारे छुटकारे के लिए यीशु मसीह को भेज दिया जो बलि किया गया मेम्ना है। जी हां उसके बलिदान के द्वारा हम छुड़ाए जाते है।
💥 यीशु का लहू हमे आत्मिक और मानसिक आजादी देता है । वह सभी पापों और शाप से हमे आजादी देता है।वचन कहता है— उसके मार खाने से हम चंगे हुए!! यशायाह 53-4,5
🌹क्या मनुष्य का जीवन गधे की तरह नही होता ? वह थका और बोझ से दबा है । ।यीशु ने कहा है सब थके और बोझ से दबे लोगो मेरे पास आओ ,मैं तुम्हे विश्राम दूंगा!! 
💥 आइए उस मेम्ने के लिए धन्यवाद करें जो हम गदहों के छुटकारे के लिए परमेशवर ने हमें दिया है
 आमीन
प्रभु ही हमारा उध्दार और छुटकारा है
रैव्ह राजेश गिरधर
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