जब हम अपने दुखों में फसे हुए यीशु मसीह के पास आते हैं वो हमारे दुखों से हमें छुटकारा भी दिला देता है हमारा जीवन भी सही रास्ते पर आने लगता है ।
मगर उसी के साथ साथ हमारे आसपास एक काम और हो रहा होता है जिसकी ओर हमारा ध्यान बहुत देर से जाता है वो काम है हमारे अपने जिन्हें हम कहते हैं वो हमसे दूर होना शुरू हो जाते है ।
हमारे दोस्त हमसे किनारा करने लगते है वजह हम बाइबिल के हिसाब से जीवन जीना शुरू करते और वो सब सांसारिक तरीक़े पर ही चलते होते हैं इस वजह से हमारे और उनके बीच एक दूरी आ जाती है ।
जो कुछ दिनों के बाद एक खाई का रुप ले लेती हैं जिसे पार करना उनकेे बस में नहीं होता और आप उस खाई के पार जा नहीं सकते इस वजह रिश्ते कड़वे होने लगते है ।
रिश्ते बोझ लगने लगते हैं पहले वाला प्यार समाप्त होने लगता है हम अपनों की नजर में पराये लगने लगते हैं सब आप को छोडना शुरू कर देते हैं तब आप को लगता हैं मैं तो अकेला खड़ा हूॅ मेरे अपने कहां गये ?
जो हर समय मेरे साथ थे वो सब पीछे छूट जाते और आप अपने को तन्हा पाते हैं इन सब कामों को परमेश्वर हमारे साथ होने भी देता है क्योंकि यह जरूरी भी है ।
परमेश्वर हमें अपने पास रखता है सबसे बचा कर जीवन के दुखों से दूर पर हम समझते हैं हम अकेले हैं पर होते नहीं यीशु मसीह जो हमारे साथ होता है उसका प्रेम जो हमें घेरे रहता है उसके वचन जो हमारे साथ होते हैं उसका पवित्रात्मा हमारी रक्षा करता है
ऐसे में जब हम अपनों के करीब नहीं होते तो परमेश्वर के करीब होते हैं वजह हमें उसने ही बुलाया और वो पवित्र है तो हमें कैसे अपवित्रता में रहने देगा यही कारण वो हमें सबसे अलग करता जाता है ।
शुरू में यह कठिन लगता है पर बाद में इसकी आदत हो जाती हैं क्योंकि लिखा है तुझे दूध पिलाने वाली माॅ छोड देगी पर मैं न तुझे छोड़ूंगा न ही त्यागूंगा ; इसलिए चिन्ता न करें आपके अपने आपके पास नहीं है पर यीशु मसीह तो है वहीं हमारा उद्धार करनेवाला परमेश्वर है ।
आमीन
प्रभु हमेशा आपके साथ है
रैव्ह राजेश गिरधर
