कई बार हमारे जीवन मे ऐसी-ऐसी परेशानियाँ आती हैं,कि न तो किसी को बताये बनता है और ना जताये बनता है,तब हमें ऐसा महसूस होता हैं कि अब शायद कुछ भी नही हो सकता हैं। लेकिन ऐसे हालात में वचन हमे बताता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है। जब हम निर्बल हैं तो परमेश्वर अपने बल को हमारे जीवन मे देता हैं। जब हम परमेश्वर पर भरोसा और आत्मविश्वास को रखते हैं तब हम स्वयं को सुरक्षा के घेरे में अनुभव करते हैं वचन बताता है कि परमेश्वर हमे संकट के समय मे बहुत ही आसानी से मिलने वाला…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
👨👩👦👦 रिश्ता बहुत गहरा हो या न हो परन्तु भरोसा बहुत गहरा होना चाहिए, गुरु वही श्रेष्ठ होता है, जिसके वचन की प्रेरणा से किसी का दिल व चरित्र बदल जाये, और मित्र वही श्रेष्ठ होता है, जिसकी संगत से रंगत बदल जाए। हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्वर जिसने हमसे प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शांति, जीवन, और उत्तम आशा दी है, जिससे हमारा विश्वास सबसे ज्यादा मजबूत हो जाएइसलिए प्रभु यीशु मसीह किसी का धर्म नहीं बदलता है, वह हृदय और चरित्र को बदलता है, इसलिए जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा…
सर्व शक्तिमान पिता परमेश्वर मै प्रभु यीशु मसीह के नाम से आता/आती हूं।मै आपसे प्रार्थना करता हूं कि मेरे जीवन पर यदि किसी भी प्रकार का श्राप मेरे अथवा पुर्वजों के पापो के कारण आ रहा है तो कृपया करके मुझे उन सब श्रापों से मुक्त करे ।मै मेरे पुर्वजों द्वारा किए गए पापों के लिए क्षमा मांगता हूं। मेरे जीवन पर मेरे अथवा मेरे पुर्वजों द्वारा किये गये किसी भी पाप के कारण श्राप न आने पाए ।मै प्रभु यीशु मसीह के नाम से मेरे जीवन पर मेरे पुर्वजों के कारण आए हुए हरेक श्राप को तोड़ता हूं ।मै…
मनुष्य जब इस जीवन रुपी संसार में चलता है तब वो अपनी आँखों को हमेशा ऊपर कि ओर ही रखता है । उसे अपनी मन्जिल पर पहुँचने की जल्दी जो होती है वो मन्जिल जिसे वो अपने सामने देखता है पर वो होती उस से बहुत दूर है । इसी भागमभाग में वो बहुत बार गलत फैंसले लेता है जो उसके लिए ठोकर का कारण बन जाती हैं और बहुत बार इस भागदोड में दूसरे भी उसे ठोकर खिलाने कि फिराक में रहते हैं जो जीवन को बहुत पीछे धकेलने के लिये काफी होता है ।जब भी किसी मनुष्य का…
हम और आप प्रार्थना करते हैं और इस विश्वास से करते हैं कि प्रभु हमारी हर प्रार्थना को सुनता है,और उसे पूरा भी करता है, अगर प्रार्थना नहीं सुनी जा रही है, तो क्या आपने उसके कारण तलाशने को कोशिश की| प्रार्थना में असर होना चाहिए, और ये प्रभाव पाक रूह से पैदा होता है कि आप कितनी शिद्दत से प्रार्थना करते हैं| जिस्मानी कमजोरियां, आपकी प्रार्थनाओं में रुकावट बन सकती है| प्रभाव शब्दों से नहीं, रूहानी ताक़त से पैदा होता है| हालात कैसे भी क्यों ना हों, निराशा में दुआ मत कीजिये, और निराशा को प्रार्थना में बाधा मत बनने…
एक बार कागज का एक टुकड़ा हवा के वेग से उड़ा और पर्वत के शिखर पर जा पहुँचा। पर्वत ने उसका आत्मीय स्वागत किया और कहा-भाई ! यहाँ कैसे पधारे ? कागज ने कहा-अपने दम पर। जैसे ही कागज ने अकड़ कर कहा अपने दम पर.और तभी हवा का एक दूसरा झोंका आया और कागज को उड़ा ले गया।अगले ही पल वह कागज नाली में गिरकर गल-सड़ गया।। जो दशा एक कागज की है वही दशा हमारी है। पुण्य कर्मों की अनुकूल वायु का वेग आता है तो हमें शिखर पर पहुँचा देता है तथा पाप और अहंकार का झोंका…
येशु भोर को प्रार्थना करता था।भोर की प्रार्थना क्यों इतनी जरुरी है?भोर की प्रार्थना बहुत जरुरी है क्योकि आप शैतान से मिले इससे पहले आप परमेश्वर से मिले। आप जीवन की समस्या को मिले इससे पहले आप परमेश्वर से मिले। आप बहुत सारे लोगो से बाते करे इससे पहले आप परमेश्वर से बाते करे। आप और लोगो से संगती करने से पहले परमेश्वर से संगती करे। आप और किसीकी आवाज सुनने से पहले परमेश्वर की आवाज को सुने। आप aajtak या abp पर समाचार सुनने से पहले स्वर्ग से समाचार सुने। आप लोगो के सामने बैठने से पहले परमेश्वर के…
प्रभु यीशु को स्वीकार करना यानी अपने जीवन का सबसे बड़ा फैसला लेना…. प्रभु यीशु को ग्रहण करने के लिये हमें अपने पापों से मन फिराना पड़ता है l हमें परमेश्वर प्राय्शिचत प्रदान करते हैँ, और पवित्र आत्मा हमें निरुत्तर करता है की हमने पाप किया है और हमें आवश्यकता है की हमारे पापों से मन फिराए.. तो जब हम स्वेच्छा से पापों से मन फिरा के प्रभु यीशु से माफ़ी मांग कर उन्हें अपना एक मात्र प्रभु और उध्दारकर्ता स्वीकार करते हैँ तो उसी समय हमारा उद्धार होता है, और उद्धार के समय ही हमें पवित्र आत्मा मिल जाता…
🌺🦚🌸 _*Good Night*_ 🌸🦚🌺 🌷 प्रभु यीशु का धन्यवाद 🌷उसकी महिमा करुणा और प्रेम के लिए धन्यवाद…*_दिनभर अपने पंखों के नीचे अपने हाथ की सुरक्षा के नीचे रखा उसके लिए धन्यवाद…_* *_एक अच्छा और बेहतरीन दिन देने के लिए धन्यवाद..!!_*पूरा दिन शैतान के बंधनों से बचाए रखने के लिए धन्यवाद।*_आज रात के लिए अपने आप को अपने परिवार को और हरेक भाई बहन को और उसके परिवार को आपके हाथों में सौंपते है।_* *_सबको अच्छी नींद और अपनी शांति प्रदान करें।_* *_और हम सुबह उठे और आप का धन्यवाद करें।_* *_सभी भाई और बहन कहें…_* ❤️ *_आमीन आमीन आमीन_* ❤️रैव्ह राजेश गिरधर
सभोपदेशक 1:9 —जो कुछ हुआ , वह फ़िर होगा ; और जो कुछ बन चुका है , वह फ़िर बनेगा , सूर्य के नीचे कुछ भी नया नहीं है|* समय अपने साथ ,ना कुछ लेकर आता है , और ना कुछ देकर जाता है| *क्या सन बदल जाने से लोगों की सोच बदल जाती है? क्या नया साल , आपकी आत्मा को नया बना सकता है?क्या नए साल में , रिश्तों में कुछ नयापन होगा?* हम फ़िर उसी चक्र में वापस लौट आयेंगे| फ़िर वोही भाग ,दौड़ ; फ़िर वोही चिंताएं , वोही निराशा और हताशा| क्या आपने इस वर्ष…