कारण : • खानपान : सुपरफाइन आटे (Packed Aata) की रोटी आसानी से नहीं पचती। यह वायु पैदा करती हैं।• शराब पीने से भी पेट में गैस बनती है।• मिर्च-मसाला या तली-भुनी चीजें ज्यादा खाने से।• फलियां (Beans), राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल, फास्ट फूड, ब्रेड और किसी-किसी को दूध या भूख से ज्यादा खाने से।• खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक लेने से। इसमें गैसीय तत्व होते हैं।• तला या बासी खाना।• तनाव, देर से सोना और सुबह देर से जागना जैसी खराब जीवनशैली आदतों के कारण भी समस्या हो सकती है।• भूखे रहने से, खाली पेट भी…
Author: News India Web
मानव शरीर में गैस्ट्रिक म्यूकोसा (Gastric Mucosa) के द्वारा हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है जो मानव शरीर पर प्रभाव डालता है और गैस की समस्या से निजात दिलाता है। अगर हाइड्रोक्लोरिक एसिड सही प्रकार से नहीं बनता है तो भोजन भी सही से नहीं पच पाता है। आधुनिक जीवन शैली ने इस समस्या को बढ़ावा दिया है। गैस्ट्रिक बीमारी का सीधा संबंध खानपान से है। जो लोग भोजन में चटपटा, तला, मिर्च मसालेदार, खट्टा, नींबू, संतरा आदि का सेवन अधिक करते हैं उन लोगों को यह समस्या जल्दी होती है। इनके अलावा जो लोग चाय, काफी, चालकेट, शराब का अधिक सेवन…
गॉलस्टोन्स या पथरी पाचन तंत्र की एक आम बीमारी है, और अधिकतर 50 साल से अधिक आयु वर्ग के लोग इससे प्रभावित होते थे, परन्तु वर्तमान जीवन शैली के कारण, खास तौर पर खान पान की आदतों के कारण, युवा वर्ग भी इस तकलीफ से पीड़ित होने लगा है। पित्ताशय की पथरी (pathari ) पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होती हैं। पित्ताशय की पथरी के प्रकार (Types of Gallstones)• मिश्रित पत्थर – कोलेस्ट्रॉल और नमक से बने पत्थर• कोलेस्ट्रॉल पत्थर – मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल ,एक वसा की तरह के पदार्थ का बना हुआ होता है।• वर्णक पत्थर…
सफेद बालों से बचने के लिए लोग बालों में तरह-तरह के केमिकल और रंगों का इस्तेमाल करते हैं जिससे बालों पर और भी दुष्प्रभाव पड़ता है। सफेद बालों की शुरूआत एकदम से नहीं होती यानि कि एक साथ सारे बाल सफेद (Safed Baal) नहीं होते। धीरे धीरे काले बाल सफेद होना शुरू होते हैं और यह क्रिया फालीकल से शुरू होती है। ऐसे में बाल सफेद होने की शुरूआत में ही सावधानी बरत कर बालों को सफेद होने से बचाया जा सकता है। कारण : मेलानिन के आधार पर ही बालों का रंग काला, सफेद या भूरा होता है। जिनके…
किसी वस्तु को देखते समय ग्लूकोमा से ग्रसित व्यक्ति को केवल वस्तु का केंद्र दिखाई देता है। समय के साथ स्थिति बद से बदतर होती जाती है। सामान्यत: लोग इस पर बहुत कम ही ध्यान देते हैं, लेकिन जब ध्यान देते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। सामान्य तौर पर यह रोग बिना किसी लक्षण के विकसित होता है व दोनों आंखों को एक साथ प्रभावित करता है। हालांकि यह रोग 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यस्कों के बीच पाया जाता है, फिर भी कुछ मामलों में यह नवजात शिशुओं को भी प्रभावित कर सकता है।…
इसी फ्लूड की सहायता से उंगलियों के जोड़ आसानी से काम करते हैं। इसी द्रव्य पर कैप्सूल के अंदर के ऊतक भी निर्भर करते हैं। गठिया (Gathiya) की समस्या उस समय पैदा होती है जब शरीर बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनाने लगता है और उसके कण कैप्सूल के अंदर पहुंचने लगते हैं। कैसे फैलता है गठिया (Stages of Gout)गठिया (Gathiya) की शुरूआत सबसे पहले पंजों से होती है। अधिकांश रोगियों (लगभग 50%) में पैर के अंगूठे के जोड़ (मेटाटारसल-फेलेंजियल जोड़) में तकलीफ होती है। तब इसे पोडोग्रा (Podagra) भी कहते हैं। कुछ समय के बाद इसके कण शरीर के दूसरे…
कारण : घेंघा बहुत अधिक हाइपरथाइरॉडिज्म (hyperthyroidism) हार्मोन के स्त्रावित होने या हाइपोथाइरोडिज्म (hypothyroidism) के बहुत कम स्त्रावित होने या एकदम सामान्य होने पर भी हो सकता है। घेंघा रोग होने का मतलब है कि थॉयराइड ग्लैंड एब्नॉर्मल तरीके से बढ़ रही है। घेंघा रोग के विषय में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी निम्न है: • खाने में आयोडीन की कमी से भी घेंघा रोग होता है।• घेंघा रोग में दूध से बने हुई पदार्थ, ईख के पदार्थ, खट्टी-मीठी चीजें, भारी तथा देर में पचने वाली चीजें, ज्यादा मीठी खाने वाली चीजें, मोटापा बढ़ाने वाला भोजन और ज्यादा रस वाले पदार्थ हानिकारक…
कारण : रूबेला का कारण, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना ही है। संकमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से रोग के जीवाणु हवा में तैरने लगते हैं और इसके संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं। छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं या ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसकी इम्यूनिटी कम हो, रूबेला का शिकार हो सकता है। रूबेला से पीड़ित व्यक्ति में कई जटिलताएं भी हो सकती हैं, खासकर गर्भवती महिला के शिशु में • मोतियाबिंद• बहरापन• शरीर के कई अंगों में डिफेक्ट• मानसिक रूप से कमजोरी• सामान्य शारीरिक विकास न होना• उंगलियों और घुटनों में…
कब तक बढ़ती है हाइट (Age Till Height Increase)ऐसा पाया गया है की बच्चों की लंबाई 20 वर्ष तक बढ़ती है। लड़कियों में मासिक धर्म आरंभ होने के बाद लंबाई कम बढ़ती है। इस आयु के बाद लंबाई के बढ़ने की रफ्तार बेहद कम हो जाती है। कारण : • अनुवांशिकबच्चों की लंबाई माता और पिता की लंबाई पर भी निर्भर करती है। अमेरिका के टफ्ट्स विश्वविद्यालय के एक शोध में ऐसा पाया गया किसी व्यक्ति के कद का निर्धारण करने में 60 से 80 प्रतिशत योगदान हमारी जीन्स (Genes) का और 20 से 40 प्रतिशत हमारे खाने पीने, खासकर…
कारण : हार्ट में ब्लॉकेज या रूकावट प्लॉक के कारण होती है। प्लॉक्स, कोलेस्ट्रॉल, फैट, फाइबर टिश्यू और श्वेत रक्त कणिकाओं का मिश्रण होता है, जो धीरे धीरे नसों की दीवारों पर चिपक जाता है। प्लॉक का जमाव गाढ़ेपन और उसके तोड़े जाने की प्रवृत्ति को लेकर अलग-अलग तरह के होते हैं। अगर यह गाढ़ापन हार्ड होगा, तो ऐसे प्लॉक को स्टेबल कहा जाता है और यदि यह मुलायम होगा तो इसे तोड़े जाने के अनुकूल माना जाता है, और इसे अनस्टेबल प्लॉक कहा जाता है। • स्टेबल प्लॉक (Stable Plaque)स्टेबल प्लॉक से रूकावट की मात्रा से कोई फर्क नहीं…