Author: Rajesh Ranjan Nirala

PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- परमेश्वर हमारे आगे-आगे चलकर हमारी अगुवाई करता है।💐👉व्यवस्थाविवरण 31:7-8तब मूसा ने यहोशू को बुलाकर सब इस्राएलियों के सम्मुख कहा, कि तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो जा; क्योंकि इन लोगों के संग उस देश में जिसे यहोवा ने इनके पूर्वजों से शपथ खाकर देने को कहा था तू जाएगा; और तू इन को उसका अधिकारी कर देगा। और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो॥ मूसा ने यहोशू से कहा कि हियाव बांध और…

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यीशु कौन है?यीशु खुदा का बेटा है।यीशु दुनिया का नूर है।यीशु नीजात है।यीशु काईनात की सबसे बड़ी हकीकत है।यीशु बादशाहों का बादशाह है।यीशु हमारा शाफी है।यीशु मोहब्बत है।यीशु हमारा अच्छा दोस्त है।यीशु हमारा छुपने का स्थान है।यीशु कमजोर की ताकत है।यीशु अच्छा चरवाहा है।और वो अपनी भेड़ों पर धयान देता है।यीशु राह पर चलने में मददगार है।यीशु हमारी चटान है।यीशु जिंदगी का चशमा है।यीशु जीवन का पानी है।यीशु जीवन की रोटी हैं।यीशु सलामती का शहज़ादा है।यीशु बादशाह है।यीशु अल्फा और उमेगा है।यीशु हमारा कफारा है।यीशु हमारा बोझ उठाने वाला है।यीशु हमारा पापों को माफ करने वाला है।यीशु से हमें रीहाई…

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जब जब हमने अपने परमेश्वर को पुकारा,चाहे सकंट हो, मुसिबत हो परेशानी हो, या कभी लगे कि हम अपने जीवन में कहीं भी फिसलने लगे,उस समय हमने अपने जीवन में, परमेश्वर को पुकारा तब तब परमेश्वर ने हमें सहारा दिया पर उसकी भी एक शर्त है उसने परमेश्वर से कहा प्रभु मेरा पाँव फिसल रहा है मैं गलत काम करने की चेष्टा कर रहा हूँ मुझे बचाओ तब प्रभु ने उसे बचाया प्रभु को पुकारा तब ही उसने बचाया क्या आज जब हम फिसलते हैं इस जीवन रुपी जहाज मे तो क्या हम प्रभु को पुकारते हैं ज्यादातर लोग ऐसा…

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11 यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्तोष करूं। फिलिप्पियों 4:1112 मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है। फिलिप्पियों 4:1213 जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं। फिलिप्पियों 4:13

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- हमारी आँखे कहा लगी हैं?💐👉भजनसंहिता –123:2देख, जैसे दासों की आंखें अपने स्वामियों के हाथ की ओर, और जैसे दासियों की आंखें अपनी स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती हैं, वैसे ही हमारी आंखें हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर उस समय तक लगी रहेंगी, जब तक वह हम पर अनुग्रह न करे।इस वचन में दाऊद कहता है कि जिस प्रकार से दासों की आंखे अपने स्वामियों के हाथ की ओर तथा दासियों की आंखे स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती है।ठीक उसी तरह हमारी आंखे भी परमेश्वर की ओर लगी रहेंगी और उस समय…

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- प्राचीनों के अधीन रहो।💐👉1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। परमेश्वर का वचन यहां पर कहता है कि हम अपने प्राचीनों के अधीन रहें।अधीन मतलब आदर के साथ व्यवहार करें, उनकी बातों को सुने और मानें।हम जिस भी कलीसिया से हैं जरूर हमारी कलीसिया में हमसे भी पुराने मसीह लोग होंगे और जो कुछ भी वचन के अनुसार सही सिखाते हैं वचन कहता है…

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*जीवन में हम कई बार टूटते हैं और यह आवश्यक भी है क्योंकि जब हम टूटते हैं तभी हम यीशु के स्वभाव में बनते हैं**यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के {परखे} जाने से धीरज उत्पन्न होता है।*इस बात को हमेशा याद रखें परीक्षा के दौरान ही प्रभु का स्वभाव हमारे जीवन में विकसित होता है और सबसे बड़ी खुशखबरी हमारे लिए यह है कि इस परीक्षा के समय हम अकेले नहीं* यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है*उस परमेश्वर को हमेशा हमारी परवाह है वह हमारे कलेश में हमें शांति देता है**निराशा में आशा वह हमें गिरने के…

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बाइबिल मे परमेश्वर मनुष्य को हमेशा चैतावनी देता आया है,और कहता आया है ऐ मेरे बच्चों सुधर जाओ , निकल जाओ ,बचो ,मत डरो, व्यभिचार से भागो , किसी का बुरा न करो , माँ बाप का आदर करो , पत्नी से सम्भलकर बोलो ,इस तरह के शब्दों के द्बारा परमेश्वर हमे हमेशा आगाह करता आया है पर मनुष्य फिर भी इन शब्दों को सुनकर अनसुना करता है जब उस का परिणाम बुरा आता तो उसकी उँगली परमेश्वर की ओर उठती है तूने हमें बचाया क्यों नहीं उसके बाद शुरू होता है बुराई का सिलसिला,लडाई कि शुरुआत, गरीबी की शुरुआत,…

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉 *आपका दिमाग : आपके बदलाव के लिए उपकरण* 💐 इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी मन के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिससे तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो (रोमियो 12:2)।परमेश्वर का वचन इस बात के प्रति स्पष्ट है कि सफलता के एक फलदायी, उत्पादक और सक्षम जीवन को कैसे प्राप्त करे: यह वचन के साथ अपने दिमाग को नया बनाने के द्वारा है।आपका दिमाग इतना महत्वपूर्ण क्यों है? क्योंकि परमेश्वर ने आपके दिमाग को आपके बदलाव के उपकरण के रूप में…

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हे प्रभु, मैं फिर से उस जगह पर हूँ, अपने घुटनों के बल आपको धन्यवाद देता हूँ । मैं अब आपसे क्षमा के लिए कहता हूं कि मैंने जो गलतियां की हैं और जिन चीजों की मैंने उपेक्षा की है, मैं आपकी माफी के लिए कहता हूं उन लोगों के लिए जिन्हें मैंने रास्ते में चोट पहुंचाई है और जिन्हें मैं प्यार करने में विफल रहा हूं, जैसा कि आप प्यार करते हैं मैं आपकी माफी मांगता हूं मैं आपकी क्षमा प्राप्त करता हूं और अपने दिल में संकल्प करता हूं कि आपकी ताकत के साथमैं इन त्रुटियों को फिर से नहीं करूँगा । मुझे मेरे सभी पापों से मुक्त कर दो। मेरे हृदय…

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