Author: Rajesh Ranjan Nirala

परमेश्वर ने मनुष्य को माटी की धूल से सृजा था| *माटी का बर्तन ,क्या खोना , क्या पाना है ; इक दिन माटी में मिल जाना है| फ़िर भी मनुष्य को घमंड अवश्य होता है| माटी के बर्तन को , सोने से मढ़ो या चाँदी से ; एक दिन टूट जाना ही ,इसकी नियति है|* मनुष्य ज्ञानवान हो या अनजान ; अंत को बदला नहीं जा सकता| माटी का बर्तन टूटते ही , सब कुछ बिख़र जाता ; टूटे हुए बर्तन का कोई मोल नहीं रहता| *मनुष्य शक्तिशाली हो ; रूपवान हो या धनवान| माटी के बर्तन पर घमंड , मूर्खता…

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इसलिये जागते रहो और हर समय प्रार्थना करते रहो कि तुम इन सब आनेवाली घटनाओं से बचने और मनुष्य के पुत्र के सामने खडे होने के योग्य बनो ।यह वचन एक चैतावनी है हर उस व्यक्ति के लिये जो अपनी ही अभिलाषाओं मे खोया हुआ जीवन जीता जा रहा परमेश्वर को भूलकर हर उस काम को महत्वपूर्ण मानता है जो उसे इस जीवन मे जीने के लिये चाहिए ।परमेश्वर से अपने को बहुत दूर कर चुका है ।चैतावनी है उन मसीही लोगों के लिए भी जो अपने को कहते तो मसीह हैं पर वास्तव मे वो यीशु मसीह की शिक्षा…

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अपने आप को परखो कि विश्वास मे हो की नहीं । अपने आप को जाँचों । यहाँ पर एक बहुत ही बडा सवाल बाइबिल हमसे पूछती है,अपने आप को परखो, जाँचो, आज बहुत से लोग जो मसीह के पीछे चलने का दावा तो करते हैं ।पर उनका दावा परमेश्वर की अदालत मे खोखला पाया जाता है ; वो कहते तो हैं हम यीशु मसीह के हैं पर हकीकत मे वो यीशु मसीह के नहीं क्योंकि उनके काम उस तरह के नहीं होते जैसा बाइबिल कहती है ।उन्होंने कब यीशु के पीछे चलना छोड दिया यह बात वो खुद नहीं जानते ;…

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- परेशानियों को देख कर घबराए नही।💐👉लूका 8:23-24पर जब नाव चल रही थी, तो वह सो गया: और झील पर आन्धी आई, और नाव पानी से भरने लगी और वे जोखिम में थे। तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा; हे स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं: तब उस ने उठकर आन्धी को और पानी की लहरों को डांटा और वे थम गए, और चैन हो गया। परमेश्वर का वचन यहाँ पर इस वचन में हमें बहुत सी बातों को सिखाता है।जब यीशु के चेले नाव में सफर कर रहे होते हैं तो वहाँ पर आँधी…

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*हमारी प्राथर्नाओं में, विनती निवेदन और आराधना मे और प्रभु के पवित्र वचनों में रिश्ता क्या है? जब हम उसे ऐ हमारे बाप या पिता कहते हैं| तब पवित्र आत्मा भी हमारी आत्मा के साथ मिलकर, प्रभु को अब्बा पिता कहकर पुकारता है|* मलाकी 1.6 में लिखा है —पुत्र पिता का और दास स्वामी की इज्ज़त करता है, यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? पिता की इज्ज़त शब्दों में नहीं, बल्कि उसकी आज्ञा मानने में है| *लूका 6.46 में यीशु ने कहा—जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो मुझे हे प्रभु क्यों कहते हो? यही सवाल…

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- सीखने वाली जीभ।💐यशायाह 50:4-5प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा।प्रभु का वचन यहाँ पर कहता है कि प्रभु ने हमे जो ये शब्द दिए हैं वह इसलिए दिए हैं ताकि हम थके हुओं को अपने शब्दों के द्वारा संभाल सके।और सम्भालने के लिए पहले यह सीखना जरूरी है कि…

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- कलीसिया में दान व दशमांश देना।💐मलाकी 3:10सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा कर के मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोल कर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं। क्या आपके जीवन मे आप आशीषों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं? क्या आपके जीवन मे पैसों से जुड़ी समस्याएं बनी रहती है? या आपका पैसा ऐसी जगहों में खर्च हो रहा है जहाँ नही होना चाहिए यानी दवाइयों, Court cases, आदि। अगर हाँ तो जरूर…

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सच्चे व्यक्ति पर बहुत आशिर्वाद होते हैं, परन्तु जो धनी होने मे उतावली करता है वह निर्दोष नहीं ठहरता।यह बात बिलकुल ही सही है, क्योंकि मनुष्य न जाने कितनी कल्पनाओं को अपने अन्दर जन्म देता आया है, वह धनी होने के लिये बहुत बार गलत रास्ते का भी चुनाव कर लेता है वो रास्ता उसे अन्धकार मे ले जाता है संसार मे लोगों ने अपनी जरुरतों को बहुत ही बडा लिया है, सबको कार चाहिए, सबको बडा घर चाहिए, सबको खूब सारी शोपिंग चाहिए, बडे बडे सपने सबके पास होते हैं, पर बाइबिल कहती है यहोवा मनों को जानता है,…

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PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- उचित समय पर बढ़ना।💐👉1 पतरस 5:6-7इसलिये परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।परमेश्वर का वचन कहता है कि हम लोग उसके बलवन्त हाथों के नीचे दीनता से रहे। ताकि वह हमें एक सही समय पर बढ़ाए।परमेश्वर के लोगो हमारे लिए यह बहुत आवश्यक हैं कि हम लोग उसके समीप पाए जाए उसके छाए हुए स्थान में।हम परमेश्वर के समीप बने रहे दीनता के साथ। कई बार हम सोचते हैं कि परमेश्वर हमे…

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शुद्ब मन वालों के लिये परमेश्वर भला है । यह एक खरी सच्चाई है जिसे बदला नहीं जा सकता तथा जिसके बारे में शंका करना भी वयर्थ है क्योंकि बाइबिल खुद इस बात का प्रमाण देती है मती- 5=8 के अनुसार:-धन्य हैं वे जिनके मन शुद्ब हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।इस से बडा प्रमाण तो और कोई हो ही नहीं सकता अगर मन शुद्ब हैं तो मनुष्य परमेश्वर को देख सकता है उसके साथ समय बिता सकता है उसकी आवाज को सुन सकता हैभजन संहिता 1- 1’2’3 के अनुसार:-क्या ही धन्य है वह पुरुष जो दुष्टों की युक्ति पर…

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