सब्त का दिन| सब्त के दिन , चर्च में आराधना होती है , और इस दिन हमें आराधना करना चाहिए| यशायाह 58:13 में इस दिन की महत्ता को विस्तार से समझाया गया है| यह केवल , आराधना का दिन ही नहीं है| *पहला — यदि तू विश्राम दिन को अपवित्र ना करे —इसका मूल अर्थ है , यदि तू विश्राम दिन से अपना पाँव ना मोड़े| जिस उद्देश्य के लिए विश्राम दिन बना है , उसकी विपरीत दिशा में ना जाये| दूसरा —विश्राम दिन में अपनी इच्छा पूरी ना करे –सब्त का दिन परमेश्वर की इच्छा पर चलने का दिन…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
यीशु ने बड़े दावे के साथ कहा, मांगो तो दिया जाएगा| हर इंसान ख़ुदा से कुछ ना कुछ मांगता रहता है| हर एक की अपनी अपनी ज़रूरत है | कभी आपने सोचा है, आपकी सबसे बड़ी ज़रूरत क्या है? अगर ख़ुदा, आपसे सुलेमान की तरह पूछ ले, मांग तुझे क्या चाहिए? तो आपने क्या सोच रखा है? शायद ज़्यादातर हम जिस्म के बारे में ही सोचते हैं| *क्या आप आपनी आत्मा की आवश्यकताओं के लिए भी चिंतित हैं?* समस्याओं से लड़ने और शैतानी ताकतों से झूझने की सामर्थ्य के बारे में आपका क्या विचार है? क्या स्वर्गीय सामर्थ्य आपकी सूची…
दुनियां का कोई भी देवी देवता यह बात नहीं कहता , और न ही दुनियां की और कोई भी पुस्तक यह बात बताती है हमारा परमेश्वर यहोवा ही यह बात कर सकता है कह सकता है , पूरे संसार का मालिक वही है।उसी ने आकाश बनाया ,जमीन बनाई , पहाडों का सथापित किया , चाँद सूरज का निर्माण किया , सब जानवरों को , आकाश के पक्षियों को , पानी में रहनेवाले जन्तुओं को हमें दे दिया हम उन सब पर प्रभुता रखें इतना सब करनेवाला यहोवा परमेश्वर फिर भी कहता है अपना मुँह पसार मैं उसे भर दूँगा कितना…
माना कि शैतान ताक़तवर है , मगर इतना भी नहीं , की ख़ुदा का सामना कर सके| मुसीबतों के काले साए हों , या आप हरी हरी तराइयों से गुज़र रहे हों ; शैतान अभी जीता नहीं है और आप हारे नहीं हैं| आप कमज़ोर हो सकते हैं , मगर याद रखें आपका परमेश्वर सर्व सामर्थी है| भजन संहिता=124-7 के अनुसार — हमारी जान चिड़िया की तरह चिड़ीमारों के जाल से बच निकली , जाल तो टूट गया और हम बच निकले| शैतान कुछ देर के लिए सही , हमें अपने जाल में उलझा लेता है| फ़िरौन बहुत ताक़तवर था…
हमारा आत्मिक जीवन कुछ कमज़ोर और कुछ मज़बूत है| यदि आत्मा तैयार है, तो शरीर कमज़ोर है| *शैतान आक्रमण करने के लिए, हमारी कमज़ोरियों की तलाश में रहता है|* परमेश्वर ने यर्मियाह से कहा—मैं तुझे लोहे का खंबा और पीतल की शहरपनाह बनाऊंगा| इसमें मिलावट के लिए कोई जगह नहीं थी| इस विषय को और गहराई से समझने के लिए मैं, यीशु का उदाहरण लेना चाहूंगा| 40 दिन निराहार रहने के बाद, यीशु को भूख लगी| ठीक उसी समय शैतान आया और पत्थर से रोटी बनाने की सलाह देने लगा| *भूख और रोटी का आपस में गहरा संबंध है|यीशु ने…
बाहर से आ रही आवाजों को, इंसान नज़रअंदाज़ कर सकता है, मगर अपने दिल की आवाज़ को नहीं|भजन 84:2 में लिखा है-मेरा प्राण , परमेश्वर के आंगनों की अभिलाषा करते-करते , मूर्छित हो चला ; मेरा तन और मन , दोनों जीवते ईश्वर को पुकार रहे हैं| *यीशु जीवन का जल है , मगर उनके लिए जो प्यासे हैं| यीशु जीवन की रोटी है , मगर उन के लिए , जो भूखे हैं|* ये माना की यीशु , द्वार पर खड़ा खटखटा रहा है ; मगर दरवाज़ा तब ही खुलेगा , जब दिल से एक आवाज़ उभरेगी , दरवाज़ा खोल…
PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏1) इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।इब्रानियों 12:11 And therefore we also having so great a cloud of witnesses over our head, laying aside every weight and sin which surrounds us, let us run by patience to the fight proposed to us:Hebrews 12:12 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो…
PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏(31) सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?रोमियो 8:31(3) What shall we then say to these things? If God be for us, who is against us?Romans 8:31(32) जिस ने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?रोमियो 8:32(32) He that spared not even his own Son, but delivered him up for us all, how hath he not also, with him, given us all things?Romans…
PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉क्योंकि सारी जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है । जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौटकर तेरे ही सिर पर पडेगा ।इस वचन को अक्सर सब भूल जाते हैं । सोचते हैं कौन देख रहा है हम अपनी मर्जी के मालिक हैं जौ चाहे सो करेंगे आजादी हमारा हक है जिससे जैसा चाहें व्यवहार करें कोई फर्क नहीं पडता ।तब बहुत बार व्यक्ति से ऐसे अपराध भी हो जाते हैं जिन्हें उसने सोचा भी नहीं होता बाद मे जिसका अनजाम बैहद खतरनाक होता है।।समाज में…
हम ख़ुदा से रोज़ की रोटी मांगते है , जब मिल जाती है तो हम ख़ुश हो जाते हैं| उससे भी ज्यादा ख़ुशी ख़ुदा को मिलती है| वो हमें रोटी खिलाता है , इसलिए की वो बांटने की ख़ुशी को जानता है| ख़ुदा हमें खाना सिर्फ़ खाने के लिए नहीं , वो हमें बांटने के लिए भी देता है| येशू तब तक रोटी और मछली बांटता रहा , जब तक की सबने पेट भर कर नहीं खाया| दूसरों को पेट भर कर खिलने की ख़ुशी , येशू के चहरे पर साफ़ दिखाई देती होगी| ज़रा शागिर्दों के बारे में सोचिये…