Author: Rajesh Ranjan Nirala

बाइबिल में कितनी खूबसूरत बात कही है,कि धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार मान लिया है यह वचन सब के लिए है मगर सब इस बात की गहराई को नही जान पाते बाइबिल कहती है अपनी बुद्धि का सहारा न लेना सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना वो तेरे लिए सीधा मार्ग निकालेगा।पर बहुत कम लोग होंगे जो सम्पूर्ण मन से यहोवा परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं क्योंकि पूरा भरोसा प्रभु पर रखना बहुत ही मुश्किलों भरा होता है।जिस प्रकार अब्राहम ने पूरा भरोसा किया उसकी मुराद प्रभु ने पूरी…

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यीशु ने फिर लोगों से कहा, “जगत की ज्योति मैं हूँ ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा , परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा ।आज हमारा जीवन जो यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद जो बदला है वो हमारी खुशनसीबी है कि उसने हमे उस अन्धकार से निकाला जिसमें हम चला करते थे ।उस दलदल से बाहर निकाला जो हमें पाप के अन्दर और धसाने का काम कर रहा था ; हमें वो आजादी मिली जिसके हम हकदार थे जो आजादी आदम के पाप के कारण खत्म हो गई थी । शैतानी जिन्दगी से आजादी…

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परमेश्वर समय समय पर बाइबिल मे अपने सेवकों के द्बारा लोगों को, वचन भेजता रहता है । जिसे सुनकर कुछ तो अपने को बदल लेते हैं, पर कुछ नहीं बदलते,जिसके परिणाम उन्हें स्वयं ही भुगतान पड़ता है। परमेश्वर सबको बदलने का भरपूर समय देता है, ताकि मनुष्य पाप से तोबा करके उसके राज्य मे वापस आ जाए ताकि नाश न हो और अनन्त जीवन पाए ; यह बात साफ है अगर कोई किसी के लिये गड्ढा खोदता हैं, तो परमेश्वर उस मनुष्य के खोदे हुए गड्ढे मे उसी को गिरने पर मजबूर कर देता है ।अगर किसी ने पाप किया तो…

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*जब सुख और आनंद हों , तब परमेश्वर से कोई शिकायत नहीं रहती| दुखों और समस्याओं के आते ही , परमेश्वर से शिकायत होने लगती|* अधिकतर लोग यह कहते सुने जा सकते हैं , परमेश्वर ने ऐसा क्यों किया? ; या परमेश्वर ने मेरे साथ ऐसा क्यों होने दिया? ; मेरे ही साथ ऐसा क्यों होता है? कुछ और भी शिकायते रहती हैं , जैसे कि , परमेश्वर मुझसे नाराज़ है ; वो मेरी प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं देता ; या , उसने मुझे छोड़ दिया है| अहम् सवाल यह है , क्या आपकी सोच सही है? क्या आप परमेश्वर…

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पिता परमेश्वर ने हमें चुन कर अलग क्यों किया , यह कभी हमने सोचा,कि मसीह में हमारी पहचान क्या है। बाईबल इस बारे में हमें साफ साफ बताती है कि:-माता के गर्भ में आने से पहले, दुनिया के निर्माण से पहले परमेश्वर ने आपको अलग किया और पवित्र किया आप कभी भी संसार के साथ अपनी पहचान नहीं बना सकते आपका उपदेश और चाल-चलन दूसरों से बहुत अलग है आपकी शैली और मुस्कान अलग हैं आपका विवाह और व्यवहार भिन्न है आपका आहार और अनुशासन अलग है जीवन में आपका उद्देश्य और भूमिका अलग है आपका रूप और स्वाद अलग है आप अद्वितीय और महान हैं आप पवित्र, पवित्र…

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हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों मे मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आँखों की दृष्टि के अनुसार चल परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय परमेश्वर तेरा न्याय करेगा ।जिन्दगी की परवाह न करते हुए जवान अपनी जवानी में मस्त रहते हैं यह एक सत्य है जिसे झुटलाया नहीं जा सकता बचपन बीतने के बाद जब लडका या लडकी जवानी मे कदम रखते हैं तो वो एक ऐसे पक्षी की तरह होते हैं जो आकाश को छू लेना चाहता हो सब जगह उड कर पहुँच जाना चाहता हो।सब प्रकार…

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पिता परमेश्वर चाहते हैं कि हमारा जीवन हमेशा आशिषित रहे। हमारे जीवन में प्रभु की आशीष का होना बहुत ही महत्वपूर्ण है जब प्रभु यीशु मसीह स्वर्ग में उठाएं जाने वाले थे तो उससे पहले यीशु मसीह ने अपने चेलों को आशीष दी। यदि हमारे जीवन मे आशीष नही है मतलब हम अपने मन की कर रहे हैं, हम परमेश्वर की नही सुनते और उसके वचन में नही बने हैं।आशीष क्या है ? :——-1)= आशीष परमेश्वर के द्वारा मिला वो उपहार हैं जिससे हमारे कार्यो में सफलता प्राप्त होती हैं।2)=हमारे जीवन मे आशीष होने का मतलब है कि हम निश्चिन्त…

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शरीर पर मन लगाना तो मृत्यु है, परन्तु आत्मा पर मन लगाना जीवन और शान्ति है । क्या यह बात हम मसीही समझते हैं यह आखिर है क्या क्यों बाइबिल शारीरिक बनने को मना करती है क्योंकि यह एक वचन और है जो हमे सच्चाई बताता है ।रोमि 8 ; 13 – यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे तो जीवित रहोगे । जब हम शरीर के कामों को पूरा करने की कोशिश करते हैं तब हमारा शरीर आत्मा के विरोध मे काम करने लगता है जो कि प्रभु से…

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तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह जानते हो कि वह धनी होकर भी तुम्हारे लिये कंगाल बन गया, ताकि उसके कंगाल हो जाने से तुम धनी हो जाओ । यीशु मसीह हमारे ही पापों के कारण क्रूस पर मारा गया, गाढा गया, और तीसरे दिन मुरदों मे से जी उठा, यह सब जो हुआ वो उसने अपने लिए नहीं किया यह उसने मानव जाति को पाप से आजादी के लिए किया, ताकि मानव जाति उस शाप से आजाद हो जाए जो आदम ने परमेश्वर के विरोध मे किया था । आदम ने परमेश्वर की आज्ञा का उलंघन कर वो काम…

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*एक शख्स जो बरसों से डाक विभाग के कर्मचारी थे . बरसों से वे आस पास के गाँव में चिट्ठियां बांटने का काम करते थे .**एक दिन उन्हें एक चिट्ठी मिली , पता दूसरे गांव का ही था लेकिन आज से पहले उन्होंने उस पते पर कोई चिट्ठी नहीं पहुंचाई थी .**रोज की तरह आज भी उन्होंने अपना थैला उठाया और चिट्ठियां बांटने निकल पड़े . सारी चिट्ठियां बांटने के बाद वे उस नए पते की ओर बढ़ने लगे . दरवाजे पर पहुँच कर उन्होंने आवाज़ दी, “पोस्टमैन !”**अन्दर से किसी लड़की की आवाज़ आई , “काका ! वहीं दरवाजे…

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