भय (डर) यह एक ऐसा शब्द है जिसको सुनते ही मनुष्य के सोचने समझने , काम करने की शक्ति कम हो जाती है ।डर हम सब में होता है , मगर परमेश्वर पर भरोसा सब में नहीं होता ।जिसको भी परमेश्वर पर भरोसा होता वो डर पर काबू पा जाता है और परमेश्वर उसे बचाने भी आ जाते हैं । जिस प्रकार पतरस जब तक यीशु मसीह को देख रहा था तब वो पानी पर चल पा रहा था , पर उसने जैसे ही हवा को देखा और डर गया ? डूबने लगा , चिल्ला उठा , परमेश्वर मुझे बचा मैं…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
बाइबल में जिक्र आता है हन्ना का, कहते हैं हन्ना के कोई औलाद नहीं थी , यही उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा दर्द था।हन्ना के आंसू , उसका दर्द बयां करने के लिए काफ़ी थे।दुनियां की भीड़ में आंसुओं की भाषा समझने वाले , कम ही होते हैं।जिसने आंसुओं को बनाया है , वो ही आंसुओं की भाषा सबसे बेहतर जनता है। आंसूओं की कोई भाषा नहीं होती , मगर फिर भी वो बहुत कुछ बोलते हैं। भजन संहिता-56=8 के अनुसार — तू मेरे मारे मारे फ़िरने का हिसाब रखता है , तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले…
परमेश्वर के जन के गुण।:—–(1)= वे पवित्र शास्त्र का ज्ञान रखते हैं। (2 तीमु .3:15-17) (2)= वे पूर्ण सिद्ध होते हैं। (2तीमु. 3:17)(3)= प्रत्येक भले काम के लिए तत्पर रहते है। (2 तीमु. 3:17)(4)=पवित्र आत्मा से प्रेरित रहते हैं। (2 तीमु. 3:16-17)(5)=यहोवा स्वंय को उस पर प्रगट करता है। ( गिनती 12:6)(6)=वे एक मन होकर प्रार्थना करते हैं। (मत्ती 18:19)आमीनप्रभु आपको आशीष देरैव्ह राजेश गिरधर
वचन के द्वारा परमेश्वर की गुप्त बातें :—(1) परमेश्वर गुप्त में रहता है। (मत्ती 6:4)(2)वह अपने को गुप्त में रखता है। (यशा. 45:15)(3) गुप्त बातें परमेश्वर के वश में है। (व्य. वि. 29:29)(4) वही गूढ़ और गुप्त बातों का जानता है। (दानि.2:22)(5) वह सब गुप्त बातों का चाहे वे भली हो, या बुरी हो न्याय करेगा। (सभोप.12:14)(6)वह यीशु मसीह के द्वारा मनुष्यों की गुप्त बातों का न्याय करेगा। (रोमी. 2:16)(7) वह गुप्त बातों को प्रकाशित करता है। (भ. स.49:4)(8) उसकी प्रतिज्ञा है, गुप्त स्थानों में गड़ा हुआ धन दूंगा। (यशा.45:3)(9)जो जय पाए उसको मैं गुप्त मन्ना में से दूंगा। (प्र.वा.2:217)आमीनप्रभु…
PRAISE THE LORD🙏 Good Morning 🙏 🎊…*प्रतीक्षा*…. 🎊पुलिस ने एक महिला पर खतरनाक रीति से कार चलाने का दोष और दण्ड लागू किया। स्कूल बस से उतरते हुए बच्चों के लिए कुछ देर सड़क पर प्रतीक्षा करने की बजाए, उसने कार फुटपाथ पर डाली, उनसे आगे निकली और फिर से सड़क पर आ गई। यह सच है कि प्रतीक्षा करनी पड़े तो हम अधीर होने लगते हैं। किन्तु प्रतीक्षा हमें कुछ अच्छी बातें भी सिखा और करवा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे यरूशलेम ही में…
हमारे जीवन की तरक्की के लिए बाईबल हमें कुछ बताती है जिसे हमे रोज अपने लिए लागू करना है,वह इस प्रकार है :—–* परमेश्वर की बड़ाई करो। (भ. स.34:3)* एक साथ मिलकर उसके नाम को ऊँचा करो।(भ. स.34:3)* चखो और देखो कि परमेश्वर कैसा भला है।(भ. स.34:8)* यहोवा का भय मानो। (भ. स.34:9)* आओ मेरी सुनो। (भ. स.34:11)* जीभ को बुराई से रोक रखो। (भ. स.34:13)* मुँह की चौकसी करो। (भ. स.34:13)* बुराई से दूर रहो। (भ. स.34:14)* भलाई करो। (भ. स.34:14)* मेल को ढूढ़ो। (भ. स. 34:14)* मेल का पीछा करो। (भ. स.34:14)आमीनप्रभु आपको आशीष देरैव्ह राजेश गिरधर
आज के समय.मे जी तो सब ही रहे हैं, मगर सवाल यह है, उनके जीने का मक़सद क्या है?चंगाई सभा हो तो, हज़ारों, लाखों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है| जहाँ सिर्फ़ वचन का प्रचार हो, वहाँ गिने, चुने लोग ही दिखाई देते हैं|चंगाई मिलने के बाद, अगर आत्मा ना बचे, तो उस चंगाई से क्या फ़ायदा? चंगा होने के बाद,अगर इंसान फ़िर से सांसारिक हो जाए; स्वस्थ होने के बाद, अगर वो शैतान के काम आये तो क्या फायदा । आपके जीने का मक़सद क्या है? क्या आप ख़ुदा के लिए जीना चाहते हैं? या आप इसलिए जी रहे…
कांटों पर चल कर फूल खिलते हैंविश्वास पर चलकर प्रभु मिलते हैंएक बात सदा याद रखना दोस्तोंसुख में तो सब मिलते हैं लेकिनदुख में और कोई नहीं सिर्फ यीशु मसीह ही मिलते हैंआमीन, आमीनफिर से कहें आमीन
हम परमेश्वर की पवित्रता का अर्थ समझ सकें और जैसे परमेश्वर पवित्र है, वैसे हम पवित्र बन सकें। 1पतरस=1-16 में परमेश्वर अपने दास के द्वारा कहता है, ‘पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ।’ हमें उसके समान पवित्र बनना है, पतरस, यूहन्ना, पौलुस, दानिय्येल, यशायाह या मूसा के समान नहीं। परमेश्वर कहता है, ‘पवित्र बनों क्योंकि मैं पवित्र हूँ।’ ’ इस ईश्वरीय दर्जे तक कोई भी व्यक्ति किसी भी मानवीय उपायों द्वारा पहुँच नहीं सकता। मनोबल, ज्ञान, उपवास, आँसूओं अथवा अन्य किसी साधनों के द्वारा वह प्राप्त नहीं हो सकता। पवित्र आत्मा मुझमें आये और मुझमें गहराई से काम करे तब…
अन्धेरा हटाने में समय बर्बाद मत करेंबल्कि दिआ जलाने में समय लगाएदूसरों को नीचा दिखाने में नहींखुद को खुदा की नज़रों में ऊंचाउठाने में समय लगाएं आमीन आमीन आमीन