कई बार हमारे जीवन मे ऐसी-ऐसी परेशानियाँ आती हैं,कि न तो किसी को बताये बनता है और ना जताये बनता है,तब हमें ऐसा महसूस होता हैं कि अब शायद कुछ भी नही हो सकता हैं। लेकिन ऐसे हालात में वचन हमे बताता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है। जब हम निर्बल हैं तो परमेश्वर अपने बल को हमारे जीवन मे देता हैं। जब हम परमेश्वर पर भरोसा और आत्मविश्वास को रखते हैं तब हम स्वयं को सुरक्षा के घेरे में अनुभव करते हैं वचन बताता है कि परमेश्वर हमे संकट के समय मे बहुत ही आसानी से मिलने वाला…
Author: Rajesh Ranjan Nirala
PRAISE THE LORD🙏Good Morning 🙏👉विषय:- परमेश्वर का मंदिर।💐1 कुरिन्थियों 3:16-17क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो। यहाँ पर परमेश्वर का वचन हमे कहता है कि क्या तुम नही जानते कि तुम परमेश्वर का मंदिर हो। क्या हम इस बात को जानते हैं?अगर नही तो हम इस बात को जान जाए कि परमेश्वर का आत्मा हमारे अंदर वास करता है।क्योकि परमेश्वर का आत्मा हमारे अंदर वास करता हैं…
एक समय की बात है,एक गधा पेड के नीचे बंधा हुआ था।शैतान आया और उसे खोल गया।गधा मस्त होकर खेतों की ओर भाग निकला और खड़ी फसल को खराब करने लगा।किसान की पत्नी ने यह देखा तो गुस्से में गधे को मार डाला।गधे की लाश देखकर गधे के मालिक को बहुत गुस्सा आया और उसने किसान की पत्नी को गोली मार दी। किसान अपनी पत्नी की मौत से इतना गुस्से में आ गया कि उसने गधे के मालिक को गोली मार दी।गधे के मालिक की पत्नी ने जब अपने पति की मौत की खबर सुनी तो गुस्से में अपने बेटों को…
**PRAISE THE LORD* 🙏Good Morning 🙏🍃🌻रोज़ की रोटी।🌻🍃**👉ख़ुशी दुनियां की चीज़ों में नहीं है।*💐*दुनियां की चीज़ें आज हैं, कल नहीं रहेंगी। आज नयी हैं, कल पुरानी हो जाएंगी।* जो कमरे की ज़ीनत है, वो कबाड़खाने में पड़ा होगा। *किसी के पास ज़रूरत से ज़्यादा है, फिर भी वो दुखी है। किसी के पास कुछ भी नहीं, वो फिर भी ख़ुश है। ख़ुशी का रिश्ता चीज़ों से नहीं, दिल ओ दिमाग है।* हमारे ज़माने में, न मंहगे खिलौने थे, न वीडियो गेम, न मोबाईल था। कन्चे, गुल्ली-डंडा, पिट्ठू आदि खेलों में ही सारी खुशियां बसतीं थीं। किराये की साईकिल, एक रूपये में…
बाइबिल कहती है परमेश्वर को घमंड से चढ़ी हुई आँखे पसंद नही और वो घमंडियो का सिर नीचा कर देता है।आज मनुष्य अपने पापों के कारण परमेश्वर से इतना दूर हो गया है। जिसके कारण उसकी बुद्धि बिगड़ गई है। मूर्ख मनुष्य घमंड से भर कर कहता है मेरी चमड़ी, मेरी बुद्धि, मेरी धन-सम्पत्ति,मेरी ताकत,मेरा औदा, मेरी घोड़ा गाड़ी, मेरी जमीन, मेरा धर्म, मेरे बच्चे। परन्तु परमेश्वर ये देखकर उसे हँसी में उड़ाता है। वो कहता है तू जिस पृथ्वी पर खड़ा है न वो तेरी है। तेरी ये सांसे भी मेरी दी हुई है। यदि मैं इन सांसो को…
हर दर्द का इलाज नहीं होता दवाखाने सेबहुत से दर्द चले जाते हैं प्रभु (यीशु) की हजूरी मेंसर अपना झुकाने से करता है वो क्षमागुनाहों को मान लेने से बक्शता है वो इज्जतआधार अपना, उसे बना लेने से फिर भी लोग कहते हैंखुदा नहीं सुनता सिर्फ वही तो हैजब कोई नहीं सुनता सिर्फ वही सुनता वही सुनता वहीं सुनताआमीनरैव्ह राजेश गिरधर
हर दर्द का इलाज नहीं होता दवाखाने सेबहुत से दर्द चले जाते हैं प्रभु (यीशु) की हजूरी मेंसर अपना झुकाने से करता है वो क्षमागुनाहों को मान लेने से बक्शता है वो इज्जतआधार अपना, उसे बना लेने से फिर भी लोग कहते हैंखुदा नहीं सुनता सिर्फ वही तो हैजब कोई नहीं सुनता सिर्फ वही सुनता वही सुनता वहीं सुनताआमीनरैव्ह राजेश गिरधर
श्रापो को तोड़ने और पीढ़ियों के श्रापो से छुटकारे की प्रार्थना और घोषणामैंने व्यवस्था के श्रापो से आजादी पाई है (गलातियो ३:१३)मै पीढ़ियों से आये हुए धमंड, लालसा, दोष, बंडखोरी, जादूटोना, मूर्तियों की पूजा, गरीबी, अस्वीकार, डर, उलझन, लत, मृत्यु और नाश को तोड़ता हु प्रभु येशु मसीह के नाम से मेरे जीवन में पीढ़ियों से आई हुई असुद्ध आत्माए गर्भ धारण के समय, गर्भ के दौरान, जन्म के दौरान, नाभि द्वारा, मेरे जीवन से चली जाये येशु मसीह के नाम सेमैंने अपने जीवन में बोले गए हर एक नकारात्मत बातो और श्रापो को इसी वक़्त तोड़ता हु येशु मसीह के…
अदन की वाटिका से आदम को निकाले जाने के बाद, कितने ही बार प्रभु ने, इंसान से करीबी रिश्ता बनाने की कोशिश की ; मगर हर बार इंसान उससे दूर होता चला गया|* किसी की ज़िन्दगी में सुधार लाने के लिए आपका धैर्य का होना बहुत जरूरी है ,आपने प्रभु की मुहब्बत के बारे में बहुत सुना होगा, कभी आपने उसके धैर्य को समझने की कोशिश की है?* प्रभु का तीन बार इनकार करने के बाद पतरस मछली पकड़ने फिर से झील पर पहंच गए, यीशु का धैर्य देखिये, वो फ़िर से मिलने झील के किनारे पहुंच गया| *पतरस का…
*ज़रूरतों को पूरा करना, कुछ हद तक अच्छा है; परन्तु लालसाओं को पूरा करने के लिए असंतोष रहना अच्छा नही* क्योंकि हज़ारों कमाने वाला लाखों कमाने की दौड़ में लगा हुआ है, जो लखपति है वो करोड़पति बनने की दौड़ में लगा हुआ है, *ये जानते हुए भी कि इंसान को एक दिन यहा से जाना है, उसका शरीर नश्वर है, हम ज़्यादा और भी ज़्यादा की दौड़ में लगे हुए हैं* सिकन्दर ने दुनिया पर विजय पाई जब गया तो दोनों हाथ खाली थे। जिस पैसे की दौड़ में इंसान सारी ज़िन्दगी लगा देता हैं वो अपनी ज़िन्दगी में एक…