•स्नायु तंत्र में वह सामान्य संवेदना (Sensation) है जिसकी शुरूआत आपको किसी भी संभावित चोट तथा अपनी देखभाल के प्रति सतर्क करने के लिये होती है। •दर्द के प्रकार (Types of Pain)दर्द को कई तरीकों से वर्गीकृत किया जा सकता है, दर्द के कारणों के अनुसार या लक्षणों के अनुसार। दर्द (dard) का मौलिक वर्गीकरण दर्द की अवधि के अनुसार होता है। दर्द के कुछ अहम वर्ग निम्न हैं: •अल्पकालिक और भयंकर दर्द (Acute Pain)आमतौर पर एक्यूट पेन (Acute Pain) अचानक बीमारी, जलने, या मांसपेशी के चोटिल होने से होता है। भयंकर दर्द के कारण का निदान एवं उपचार (Diagnosis…
Author: News India Web
सोरायसिस त्वचा की ऊपरी सतह का चर्म रोग है जिससे त्वचा में कोशिकाओं (Cells) की तादाद बढने लगती है और त्वचा के ऊपर मोटी परत जम जाती है। सोरायसिस की बीमारी में सामान्यतः त्वचा पर लाल रंग की सतह उभरकर आती है। यह खोपड़ी (Scalp), हाथ-पाँव अथवा हाथ की हथेलियों, पाँव के तलवों, कोहनी, घुटनों और पीठ पर अधिक होती है। सोरियासिस रोग (Psoriasis) संक्रामक किस्म का रोग नहीं है। रोगी के संपर्क से अन्य लोगों को कोई खतरा नहीं है। सोरायसिस के विषय में अधिक जानकारी (Details of Psoriasis in Hindi) यह रोग वैसे तो किसी भी आयु में…
घमौरियों को अंग्रेजी में प्रिकली हीट (Prickly Heat) कहते हैं। गर्मियों के मौसम में घमौरियां होना आम बात है। गर्मी के मौसम में शरीर से पसीना अधिक मात्रा में बहता है। यदि समय रहते इस पसीने को साफ़ ना किया जाए तो यह शरीर की त्वचा में ही सूख जाता है जिसके कारण पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं और शरीर में घमौरी होने लगती हैं। घमौरियों के विषय में अधिक जानकारी (Details of Prickly Heat in Hindi) वैज्ञानिक भाषा में घमौरी (Ghamori) को मिलिएरिया रूब्रा कहा जाता है। यह एक प्रकार का चर्मरोग होता है। बरसात के मौसम…
प्रोस्टेट ग्लैंड ज्यादा बढ़ जाने पर प्रोस्टेट डिस्ऑर्डर (Prostate Disorder) कहलाता है। लगभग तीस फीसदी पुरुष 40 की उम्र में और पचास फीसदी से भी ज्यादा पुरुष 60 की उम्र में प्रोस्टेट की समस्या से परेशान होते हैं। प्रोस्टेट ग्लैंड को पुरुषों का दूसरा दिल भी माना जाता है। पौरूष ग्रंथि शरीर में कुछ बेहद जरूरी क्रिया करती है। जैसे यूरीन के बहाव को कंट्रोल करना और प्रजनन के लिए सीमेन बनाना। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, यह ग्रंथि बढ़ने लगती है। इस ग्रंथि का अपने आप में बढ़ना ही हानिकारक होता है और इसे बीपीएच (Benign Prostatic Hyperplasia) कहते हैं।…
पिलाग्रा विटामिन बी 3 की कमी से होने वाली बीमारी है। यह शरीर में नियासिन या ट्राईपटोफन की कमी या ल्यूसिन (Leucine) की अधिक मात्रा होने से होता है। यह बीमारी शरीर के प्रोटीन मेटाबोलिज्म को भी अव्यवस्थित कर देती है जिस कारण कई बीमारियां होती हैं जैसे कार्सीनॉइड सिंड्रोम (Carcinoid Syndrome)। पिलाग्रा (Information of Pellagra in Hindi) पिलाग्रा (Pellagra) ऐसी बीमारी है जो पाचन क्रिया, त्वचा और नर्व को प्रभावित करती है। पिलाग्रा की एक और मुख्य वजह शरीर में पाचन की समस्या होती है जिसके कारण नियासिन नामक प्रदार्थ शरीर मंश अवशोषित नहीं हो पाती। नियासिन को निकोटिन…
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को होता है। ये कैंसर शुरूआती दौर में पता चल जाए, तो आसानी से ठीक किया जा सकता है।क्या है प्रोस्टेट कैंसर (About Prostate Cancer in Hindi) दरअसल प्रोस्टेट एक ग्रंथि है। ये वो द्रव्य (Fluid) बनाती है, जिसमें शुक्राणु (Sperm) होते हैं। प्रोस्टेट मूत्राशय के नीचे स्थित होता है, जिसका आकार अखरोट जैसा होता है। आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ ही प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है। लेकिन आजकल की दिनचर्या के कारण यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम (Risk Factors of Prostate Cancer) प्रोस्टेट…
किसी एक बीमारी से हमारे देश में इतनी मौतें नहीं होतीं जितनी निमोनिया (Pneumonia ) से होती हैं। निमोनिया से बचाव और इसका इलाज बेहद सुगम है लेकिन अकसर लोगों के पास इसके जुड़ी जानकारी नहीं होती। जानिए निमोनिया के विषय में सभी बातें। निमोनिया क्या है (About Pneumonia in Hindi) निमोनिया मुख्यत: फेफड़े का संक्रमण होता है, जो किसी भी उम्र में हो सकता है। हवा में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच जाता है। कई बार फंफूद की वजह से भी फेफड़े संक्रमित (इन्फेक्शंस) हो जाते है। अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी…
रेबीज़ एक न्यूरो इनवेसिव (Neuro-Invasive) वायरल बीमारी है। रेबीज़ का वायरस तंत्रिका तंत्र यानि सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) पर अटैक करता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति सामान्य नहीं रह पाता।क्यों होता है रेबीज़ (Causes of Rabies)रेबीज़ (Rabies) कुत्तों या अन्य पशुओं जैसे भेड़िया, लोमड़ी, सियार, गीदड़ चमगादड़, भेड़, गाय, बन्दर, घोड़ा, बिल्ली के काटने से होने वाला रोग है । पालतू जानवर के थूक के संपर्क में आने पर भी रेबीज़ रोग हो सकता है।रेबीज़ से होने वाली मौतें (Death Due to Rabies)विश्व स्वास्थ्य संगठन की तालिका में रेबीज़ (Rabies) से होने वाली मौतें बारहवें क्रम पर हैं। विश्व…
त्वचा के रोम कूप यानि छिद्र और तैलीय ग्रंथि के बंद होने की वजह से चेहरे पर पिंपल्स (Pimples) निकलते हैं। इन्हें मुहांसे भी कहते हैं। यह कोई बीमारी नहीं है। आम तौर पर युवावस्था में लड़के-लड़कियों के चेहरे पर पिंपल्स ज्यादा निकलते हैं क्योंकि इसी उम्र में शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। डर्मेटोलोजिस्ट की मानें तो युवावस्था में त्वचा की तेल ग्रंथियों पर बैक्टीरिया का आक्रमण ज्यादा तेज हो जाता है। त्वचा की तेल ग्रंथियों से तेल का स्राव ज्यादा होने लगता है। बैक्टीरिया की संक्रमण की वजह से त्वचा में सूजन हो जाती है, पस भर जाती…
स्वाइन फ्लू या H1N1 (H1N1 Flu) एक संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस (Influenza Virus) के कारण होता है। आमतौर पर यह बीमारी सूअरों में होती है, इसलिए इसे स्वाइन फ्लू कहा जाता है, लेकिन कई बार सूअर के सीधे संपर्क में आने पर यह मनुष्य में भी फैल जाती है। यह बहुत जल्दी फैलने वाला रोग है। इससे बचने के लिए संक्रमित लोगों से दूर रहना चाहिए। स्वाइन फ्लू वर्ष 2009 में भी फैला था जिसके कारण देश भर कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। हालांकि, वर्ष 2015 में फैल रहा स्वाइन फ्लू का वायरस पिछली बार…