शौच एकदम पतला हो और बार- बार जाना पड़ रहा हो, तो यह दस्त है। दस्त होने पर शौच में पानी का भाग ज्यादा होता है। कई बार शौच जाते समय पेट में दर्द (Pain) या ऐंठन (Crumping) भी महसूस होती है।दस्त में शरीर का जरूरी पानी, खनिज (Mineral) तथा लवण बाहर निकलने से डिहाइड्रेशन (Dehydration) की समस्या भी हो सकती है, ऐसे में समय-समय पर पानी पीते रहना जरूरी होता है। यदि दस्त न रूक रहे हों तो यह समस्या गंभीर भी हो सकती है। शरीर में पानी और लवण की कमी से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती…
Author: News India Web
निम्न रक्तचाप या लो ब्लडप्रेशर (Low Blood Pressure)लो ब्लडप्रेशर या निम्न रक्तचाप, ऑक्सीजन (oxygen) को दिमाग तक जाने से रोकता है। केवल ऑक्सीजन ही नही बल्कि अन्य पोषक तत्व भी दिमाग तक नहीं पहुंच पाते। ब्लडप्रेशर को स्वास्थ्य की भाषा में हाइपोटेंशन (hypotension) के नाम से जानते हैं।यूं तो लो ब्लडप्रेशर कोई बीमारी नहीं होती लेकिन यह शरीर में पनप रही अन्य गंभीर बीमारी का संकेत होती है। ऐसे में जब किसी के शरीर में रक्त-प्रवाह सामान्य से कम हो जाता है तो उसे निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर कहते है। नार्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। ऐसे में…
मानव शरीर अपनी आवश्यकता अनुसार ही नई कोशिकाओं का निर्माण करता है। कुछ कोशिकाओं का एक ऐसा समूह होता है जो कि अनियंत्रित रूप से बढ़ता है और विकसित होता है। उनकी बढ़त नियंत्रित नहीं होती है। इन कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाएं कहते हैं।ये कोशिकाएं दो प्रकार की होती है जिसमें पहला बिनाइन ट्यूमर (Benign Tumour) जिसे कैंसर रहित कहा जाता है और दूसरा मेलिगनेन्ट ट्यूमर (Malignant Tumour) जिसे कैंसर वाला कहा जाता है। बिनाइन ट्यूमर कोशिकाओं की बढ़त बहुत धीमी होती है ये फैलती नहीं है। मेलिगनेंट ट्यूमर कोशिकाएं तेजी के साथ बढ़ती हैं और अपने पास के सामान्य…
शरीर इतना दुबला (lean) हो कि, शरीर से हड्डियां नजर आएं, या जरूरी हिस्सों पर भी वसा (fat) न हो तो यह दुबलापन है। ऐसे लोग देखने में कमजोर नजर आते हैं। दुबलापन मनुष्य के शरीर में कुछ कीटाणुओं की रासायनिक क्रिया (chemical reaction) के प्रभाव से होता है, जिसकी गति थायरॉइड ग्रंथि (thyroid gland) पर निर्भर करती है। यह ग्रंथि जिस व्यक्ति में जितनी छोटी और पतली होगी, व्यक्ति भी उतना ही कमजोर होगा।मोटापे की तरह ज्यादा पतला होना भी एक बीमारी ही है। ऐसे लोग मोटे होने के लिए बहुत उपाय करते हैं लेकिन फिर भी इनका शरीर…
जूं (Head Lice) तिल के आकार की एक छोटी परजीवी है जो मनुष्य के शरीर में पैदा हो जाती हैं। सामान्यत: यह बालों में पाये जाते हैं। ये बड़ी तेजी से चल सकती हैं। इस कारण बालों के बीच इन्हें खोजना कठिन हो जाता है। ये सभी उम्र तथा प्रजातियों के लोगों को संक्रमित करती हैं।जूं और लीख क्या है (About Head Lice in Hindi)जूओं के अंडे ‘लीख’ कहलाते हैं। ये पीलापन युक्त सफेद अथवा डैंड्रफ (Dandruff) जैसे लगते हैं। जुएं बालों की डंठल पर अपने अंडों को पानी से अप्रभावित रहने वाले ‘गोंद’ से चिपका देती हैं। इन अंडों…
खसरा (Khasra) श्वसन (सांस) के माध्यम से फैलता है। यह संक्रमण (Infection) औसतन 14 दिनों तक प्रभावी रहता है और 2-4 दिन पहले से दाने निकलने की शुरूआत हो जाती है, अगले 2-5 दिनों तक संक्रमित रहता है (अर्थात कुल मिलाकर 4-9 दिनों तक संक्रमण रहता है), इसका असर इंफेक्शन वाले दिन से नहीं, बल्कि उसके कई दिनों बाद होता है। यह सबसे अधिक संक्रामक बीमारियों में से एक है। इसके वायरस के संपर्क में आने से कई गैर-प्रतिरक्षक लोग (जिनका टीकाकरण नहीं हुआ), इस श्वसन संबंधी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। खसरे के टीके की दो खुराक से…
कई बार शरीर में स्फूर्ति (energy) नहीं रहती। शरीर एकदम थका हुआ महसूस करता है, और बहुत कमजोरी महसूस होती है। कई बार आलस इतना होता है कि हमेशा नींद आती रहती है। इसी अवस्था को लिथारजी या सुस्ती कहते हैं। तनावपूर्ण माहौल या पोषण की कमी के कारण शरीर कमजोर होने लगता है। कई बार रात में अच्छी नींद न सोने पर भी अगले दिन थका हुआ महसूस करते हैं। लेकिन ज्यादा सुस्ती शरीर के लिए बेहद हानिकारक भी है। कई बार यह सुस्ती मौत की वजह भी हो सकती है, क्योंकि ज्यादा सुस्ती से ब्रेन के सेल्स भी…
आज की व्यस्त और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में मांसपेशियों में दर्द (Muscle Pain) एक आम समस्या है। युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह दर्द कुछ लोगों को कभी-कभी सताता है, जबकि ज्यादातर लोग इससे स्थायी रूप से परेशान रहते हैं। मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। मांसपेशियों का दर्द (About Muscle Pain in Hindi) मांसपेशियों में खिंचाव या झटका लगने से वो सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता और दर्द महसूस होता है। सही तरीके से दर्द वाली जगह पर मसाज करने से रक्त…
मेनिनजाइटिस को दिमागी बुखार (Dimagi Bukhar) भी कहते हैं। यह आमतौर पर वायरस, बैक्टीरिया, कवक, परजीवी, और कुछ जीवों के संक्रमण के कारण होता है। शारीरिक दोष या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली को आवर्तक बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस से जोड़ा जा सकता है। यह एक तरह का इंफेक्शन होता है जो मष्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की रक्षा करने वाले मेंब्रेन में सूजन पैदा कर देता है। अधिकांश मामलों में इसका कारण वायरस होता है। हालांकि, दिमागी बुखार के कुछ गैर-संक्रामक कारण भी मौजूद हैं। दिमागी बुखार के प्रकार (Types of Meningitis) दिमागी बुखार तीन तरह का होता है। यह तीन प्रकार निम्न…
आजकल अधिकाश लोगों की आंखों में रिफ्रैक्टिव (Refractive) विकार यानि किरणों के वक्र की समस्या के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। इसमें निकट दृष्टि दोष यानि मायोपिया (Myopia) से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बचपन में देखने की क्षमता का विकास और किशोरावस्था में आंख की लंबाई बढ़ती है लेकिन निकट दृष्टि दोष होने की वजह से यह कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में आंख में जानेवाला प्रकाश रेटिना पर केंद्रित नहीं होता। इसी वजह से तस्वीर धुंधली दिखाई देती है जिन लोगों को 2 मीटर या 6.6 फीट की दूरी के बाद चीजें…