शरीर इतना दुबला (lean) हो कि, शरीर से हड्डियां नजर आएं, या जरूरी हिस्सों पर भी वसा (fat) न हो तो यह दुबलापन है। ऐसे लोग देखने में कमजोर नजर आते हैं। दुबलापन मनुष्य के शरीर में कुछ कीटाणुओं की रासायनिक क्रिया (chemical reaction) के प्रभाव से होता है, जिसकी गति थायरॉइड ग्रंथि (thyroid gland) पर निर्भर करती है। यह ग्रंथि जिस व्यक्ति में जितनी छोटी और पतली होगी, व्यक्ति भी उतना ही कमजोर होगा।
मोटापे की तरह ज्यादा पतला होना भी एक बीमारी ही है। ऐसे लोग मोटे होने के लिए बहुत उपाय करते हैं लेकिन फिर भी इनका शरीर मोटा नहीं हो पाता। कुछ लोग सेहतमंद लोगों से ज्यादा खाकर भी दुबले ही रहते हैं और उनका शरीर मोटा नहीं होता। मोटापे की तरह दुबलापन भी कई समस्याओं की वजह हो सकता है। ऐसे लोग बीमारियों की चपेट में जल्दी आते हैं और किसी भी चीज के प्रति ज्यादा संवेदनशील (sensitive) होते हैं। ऐसे व्यक्तियों के कूल्हों, पेट और गर्दन की त्वचा एक दम सूखी हुई नजर आती है। हाथ की उंगलियों की हड्डियां ज्यादा उभरी हुई नजर आती हैं। शरीर के ऊपर की त्वचा एकदम पतली नजर आती है।

कारण :

यदि पाचन शक्ति ठीक से काम न कर रही हो – मानसिक चिंता ज्यादा हो – व्यक्ति में हार्मोन असंतुलित हों – चयापचयी क्रिया में गड़बड़ी हो – बहुत ज्यादा व्यायाम या बिल्कुल व्यायाम न करना – शरीर में किसी तरह का कोई रोग हो, जैसे शुगर आदि – शरीर में खून की कमी हो – पेट में कीड़े हों

लक्षण :

• किसी भी कार्य को पूरा करने से पहले ही छोड़ देना। काम करने में मन न लगना
• किसी भी मौसम को सह न पाने की शक्ति, जैसे कि सर्दी में ज्यादा सर्दी लगना और गर्मी में ज्यादा गर्मी लगना
• गले की हड्डियां भी उभरी हुई नजर आना
• घुटने, कोहनी आदि हिस्से उभरकर बाहर आना
• चिड़चिड़ापन और हताश रहना
• चेहरा पतला और धंसा हुआ नजर आना
• जल्दी थक जाना
• त्वचा रूखी तथा बेजान नजर आना
• मल-मूत्र का कम मात्रा में विसर्जन
• लंबाई के अनुपात में वजन का कम होना
• शरीर के वसा वाले हिस्सों, जैसे कि नितंब आदि पर भी वसा का न होना
• शरीर इतना पतला कि हड्डियां नजर आएं

आयुर्वेदिक उपचार :

दूध और केला (Milk and Banana)
केला में पोटैशियम और कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा होती है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। रोजाना सुबह एक गिलास गर्म दूध के साथ एक केला खाने से वजन बढ़ता है। दूध में चीनी भी मिलाएं।
मूंगफली का मक्खन (Peanut Butter)
मूंगफली के मक्खन में उच्च कैलोरी और पौष्टिक तत्व होते हैं। आम मक्खन की जगह नाश्ते में मूंगफली का मक्खन खाने से भी वजन बढ़ता है। इस मक्खन को फलों के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता है।
मेवा (Dry Fruit)
मूंगफली, बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश और अंजीर जैसे मेवों को भूनकर खाने से भी वजन बढ़ने में मदद मिलती है। सभी मेवे वसा, फाइबर, विटामिन और खनिज से भरे होते हैं जो कि वजन को संतुलित बनाते हैं। वजन को बढ़ाने के लिए हर रोज हर रोज दूध में सूखे मेवे उबालकर पिएं।
आलू (Potato)
आलू भी कार्बोहाइड्रेट से भरा होता है। आलू को यदि मक्खन में तलकर खाया जाए तो वजन बढ़ाने में सहायक है। आलू के चिप्स और फ्रैंच फ्राइज खाने वाले लोगों का वजन भी तेजी से बढ़ता है।
दोपहर में सोना (Nap in Afternoon)
दोपहर के सोने से भी वजन बढ़ता है। दोपहर को खाने के बाद तकरीबन 45 मिनट से एक घंटे की नींद लें। ऐसा करने से भी वजन बढ़ेगा।
व्यायाम (Excersise)
रोजाना व्यायाम करने से आपकी भूख खुलती है। जिससे आप भोजन की अच्छी मात्रा खाते हैं जो कि वजन बढ़ाने में सहायक है।
मक्खन और चीनी (Butter and Sugar)
रोजाना खाना खाने से पहले एक चम्मच मक्खन और एक चम्मच चीनी मिलाकर खाएं। बाद में खाना खाएं। ऐसा करने से भी वजन बढ़ता है।
बीन्स (Beans)
बीन्स में फाइबर, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा होती है। बीन्स के अंतर्गत काले सेम, दाल, लाइमा, लाल राजमा, आदि खाए जा सकते हैं। रोजाना किसी न किसी तरह की बीन्स को अपने खाने में जरूर शामिल करें।
अंडे (Egg)
अंडे भी वजन बढ़ाने के लिए सहायक हैं। अंडों में कैलोरी, वसा और प्रोटीन की उच्च मात्रा होती है जो मांसपेशियों को मजबूत करती है और शरीर को ऊर्जा देती है। रोजाना नाश्ते में अंडे की जर्दी हटाकर सफेद वाला हिस्सा खाएं।
आम (Mango)
आम, विटामिन और खनिजों से भरपूर एक रसदार फल है। आम खाकर दूध पीने से भी वजन बढ़ता है। मैंगोशेक बनाकर पीने से भी वजन बढ़ता है। मैंगो शेक रोजाना दो बार पिया जा सकता है।
साबुत अनाज (Whole Grain)
साबुत अनाज में भी विभिन्न तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो कि वजन को बढ़ाने में सहायक हैं। ब्राउन राइज, जई, गेहूं, आदि में कार्बोहाइड्रेट उच्च मात्रा में होता है जो मांसपेशियों को मजबूत बनाकर वजन को बढ़ाता है।
पनीर (Cheese)
पनीर को कई रूपों में खाया जा सकता है। जो लोग वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए पनीर बेहद अच्छा स्त्रोत है। इससे शरीर में प्रोटीन, कैल्शियम, कोलेस्ट्रॉल और वसा की कमी पूरी होती है। साधारण दूध के पनीर के साथ ही बकरी के दूध से बना पनीर वजन बढ़ाने में सहायक है।
सोयाबीन (Soyabean)
सोयाबीन में उच्च मात्रा में कैलोरी, प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन बी और आयरन होता है। सोयाबीन में सभी प्रकार के एमीनो एसिड होते हैं जो वजन बढ़ाने में सहायक हैं।
दही (Curd)
दही में चीनी डालकर खाने से शरीर का वजन बढ़ता है। दही में प्रोटीन उच्च मात्रा में होती है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ लगता है। रोजाना खाने में दही खाने से वजन बढ़ने में सहायता मिलती है।
एवोकाडो (Avocado)
एवोकाडो में पोटेशियम और फोलिक एसिड उच्च मात्रा में होता है। एवोकाडो में विटामिन ई भी होता है। रोजाना एवोकाडो को सलाद के रूप में खाने या तेल के साथ ग्रिल करके खाने से वजन बढ़ने लगता है।

बचाव :

  • ऐसा खाना खाएं जो जल्दी पच जाए
  • एक ही बार में ज्यादा भोजन की जगह बार-बार थोड़ा थोड़ा खाएं
  • नींद पूरी लें
  • शरीर को वसा (fatty) देने वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा खाएं
  • रोजाना दूध जरूर पीएं
  • भोजन में देसी घी का इस्तेमाल करें
  • शराब या अन्य किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें
  • मौसमी फल, सब्जियां और सूखे मेवे (dry fruits) रोज के खाने में शामिल करें
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