जूं (Head Lice) तिल के आकार की एक छोटी परजीवी है जो मनुष्य के शरीर में पैदा हो जाती हैं। सामान्यत: यह बालों में पाये जाते हैं। ये बड़ी तेजी से चल सकती हैं। इस कारण बालों के बीच इन्हें खोजना कठिन हो जाता है। ये सभी उम्र तथा प्रजातियों के लोगों को संक्रमित करती हैं।
जूं और लीख क्या है (About Head Lice in Hindi)
जूओं के अंडे ‘लीख’ कहलाते हैं। ये पीलापन युक्त सफेद अथवा डैंड्रफ (Dandruff) जैसे लगते हैं। जुएं बालों की डंठल पर अपने अंडों को पानी से अप्रभावित रहने वाले ‘गोंद’ से चिपका देती हैं। इन अंडों को आप गर्दन के पीछे तथा कानों के पीछे देख सकते हैं।
ये अंडे धोकर अथवा ब्रश द्वारा साफ नहीं किए जा सकते। इन्हें एक-एक करके चुनकर उठाना पड़ता है।
जूं को चिलुआ जैसे दूसरे नामों से भी बुलाते है। जूं सिर के बालों में पनपता है और चिलुआ शरीर मे पहने गये कपडों में पसीने वाले स्थानों में पैदा हो जाते हैं। दोनो का भोजन शरीर का खून होता है।
जूं तीन प्रकार की होती है (Types of Lices in Hindi):-
Pediculosis Humanus Capitis-
इसका जीवनकाल करीब 40 दिनों का होता है और अपने जीवन काल में ये 400 के आस पास अंडे देती है, अर्थात प्रतिदिन 7-10 ये अंडे जिन्हें हम लीख के नाम से जानते है। ये लीख बाल से चिपक जाती है और 8 दिन में पककर पूरी जूँ बन जाती है।
Pediculosis Humanus-
यह शरीर पर पाई जाने वाली जूँ है। इसका अंडा मानव शरीर पर न रहकर कपङे के रेशों के साथ चिपका रहता है। ऊपर से देखने पर यह बालों की जङों में घुसी हुई दिखती है। यह भी जबरदस्त खुजली का कारण बनती है। चूंकि यह कपड़ों से जुड़ी रहती है इसलिये जो लोग एक दूसरे के कपङे पहन लेते हैं उनमें ये ज्यादा होती है।
Pthiris Pubis-
मुख्यतया पेडू के नीचे वाले हिस्से (Pubic Area) में ये होती है। इसके अतिरिक्त ये, कांख, आंख की भौहों, पलकों आदि को भी प्रभावित कर सकती है। सिर को साफ़ न रखना, नियमित तौर पर सिर को नही धोना जूं होने के कारण होते हैं।
कारण :
• हैट, स्कार्फ, कंघी, ब्रश, हेयर क्लिप अथवा बैरेट, हेयर बैंड, हेलमेट अथवा कपड़ों, का अदल-बदलकर इस्तेमाल करते हैं।
• एक ही बिस्तर, पलंग अथवा कालीन का प्रयोग करते/करती हैं।
• बहुत निकट रहकर खेलते हैं।
• ऐसे अलमारी अथवा लॉकर में रखी गई, वस्तुओं का प्रयोग करते हैं, जिन में जुएं अथवा उनके अंडे मौजूद होते हैं।
लक्षण :
सिर में खुजली होना
आयुर्वेदिक उपचार :
लहसुन (Garlic)-
लहसुन की तेज महक जुओं का दम घोटती है और उन्हें मार देती है। कैसे करें उपयोग
आठ से दस लहसुन की कलियों को पीसकर इसमें नींबू का रस मिलाएं और बालों की जड़ों में लगाएं। आधे घंटे बाद बालों को गरम पानी से धो लें।
लहसुन की कलियों को पीसकर, उसमें खाने वाला तेल मिलाएं। इसके बाद इसमें शैंपू या कंडीशनर में मिलाकर बालों में लगाएं। आधे घंटे के लिए बालों को यूं ही छोड़ दें और धो दें।
बेबी ऑयल (Baby oil)
बेबी ऑयल में कपड़े धोने वाला डिटरजेंट और कुछ सिरका मिलाकर बालों में लगाने से भी जूँ का इलाज संभव है। बेबी ऑयल भी जूँ का दम घोंट देता है जिससे वह मर जाती हैं।
कैसे करें उपयोग
बेबी ऑयल को बालों में लगाकर, पतले दांतों वाली कंघी से बाल काढ़ें। जूँ गिरनी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद बालों को डिटरजेंट और गरम पानी से धो लें। सोने जाने से पहले बालों में सिरका लगाएं और बालों को शावर कैप से ढक लें और पूरी रात यूं ही छोड़ दें। सुबह सामान्य शैंपू से बाल धो लें। शैंपू के बाद कंडीशनर करें।
ऑलिव ऑयल (Olive oil)- ऑलिव ऑयल भी जूँ मारने में बहुत प्रभावी है।
कैसे करें उपयोग
बालों में किसी भी प्रकार का ऑलिव ऑयल सोने से पहले लगाएं। शावर कैप लगाकर रात भर तेल को बालों में यूं ही छोड़ दें। सुबह में बालों को कंघी करें, जूँ बाहर निकल आएंगी। इसके बाद बालों को शैंपू कर लें। आधा कप ऑलिव ऑयल में आधा कप कंडीशनर मिलाकर इसमें कुछ लिक्विड साबुन मिलाएं। इसे बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटा छोड़ दें और बाल धो लें और कंघी करके जूँ बाहर निकाल दें। इसे एक हफ्ते बाद दोबारा दोहराएं।
नमक (Salt)-
नमक भी जूँ निकालने में बेहद असरकारी है।
कैसे करें उपयोग
एक चौथाई कप नमक में इतना ही सिरका मिलाकर इस घोल को बालों में स्प्रे करें। स्प्रे किए हुए गीले बालों पर शावर कैप पहनें और दो घंटे यूं ही छोड़ दें। इसके बाद बाल धो लें और बालों पर कंडीशनर करें। हर तीसरे दिन इस प्रक्रिया को दोहराएं।
पेट्रोलियम जेली (Petrolium jelly)
पेट्रोलियम जेली रेंगने वाले (roaming around) जुओं को तुरंत मार देती है।
कैसे करें उपयोग
सोने से पहले बालों की जड़ों में पेट्रोलियम जेली लगाएं। इसके बाद कपड़े से बालों को बांध कर सो जाएं। सुबह बेबी ऑयल से जेली हटाएं और कंघी करके जूँ को बाहर निकालें।
नारियल का तेल (Coconut oil)
नारियल का तेल रेंगने वाले जुओं पर असर दिखाता है साथ ही इनकी संख्या को बढ़ने से रोकता है।
कैसे करें उपयोग
सबसे पहले बालों को सेब के सिरके (Apple cider vinegar) से धोएं। बालों को पूरी रह सुखाकर जड़ों में नारियल का तेल लगाएं। छह से आठ घंटों के लिए बालों को यूं ही छोड़ दें। इसके बाद बालों को शैंपू करके कंघी करें और जूँ निकालें।
सफेद सिरका (White vinegar)
सफेद सिरके में मौजूद एसीटिक एसिड जूँ को मारता है। यह जूं को मारने का सुरक्षित और सस्ता तरीका है। किसी तेल में सफेद सिरका मिलाकर बालों में लगाकर कुछ घंटे छोड़ दें और फिर शैंपू करें।
बचाव :
• सामान्य शैम्पू से बाल साफ करें। कंडीशनर का प्रयोग न करें। इसके कारण जुओं की दवा का प्रभाव समाप्त हो सकता है।
• गर्म पानी से बाल धोकर उन्हें तौलिये से सुखा लें। इस तौलिये का दुबारा प्रयोग तब तक न करें, जब तक यह धो न लिया जाए।
• बालों पर सफेद सिरका लगाएं – यह उस ‘गोंद’ को ढीला करने में सहायक होता है, जो ‘लीखों’ को बालों से चिपकाए हुए है।
• बालों को महीन कंघी से साफ करें, जिससे ये अंडे निकल आएं। बालों को इधर-उधर करके कंघी करना उपयोगी हो सकता है।
• सभी अंडों का हटाया जाना आवश्यक है। इसमें 2 अथवा 3 घंटे या अधिक समय लग सकता हैं, तथा यदि कंघी काम नहीं करती है तो आपको हाथों सं अंडे चुनने पड़ सकते हैं।
• परिवार में जितने लोगों को जूँएं हैं सब का उपचार एक साथ हो।
• कपड़े बिस्तर आदि धूप में रखें या गर्म पानी में धोएं।
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