शिवजी पर क्या चढाने से हमें क्या प्राप्त होता है (शिवजी की पूजा कैसे करें)   

चीजें और उनसे मिलने वाले फल

1. मंत्रों का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाने से हमारा स्वभाव शांत होता है. आचरण स्नेहमय होता है

2. शहद चढ़ाने से हमारी वाणी में मिठास आती है I

3. दूध अर्पित करने से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है I  

4.  दही चढ़ाने से हमारा स्वभाव गंभीर होता है I    

5.  शिवलिंग पर घी अर्पित करने से हमारी शक्ति बढ़ती है I   

6. ईत्र से स्नान करवाने से विचार पवित्र होते हैं I     

7.  शिवजी को चंदन चढ़ाने से हमारा व्यक्तित्व आकर्षक होता है, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है I    

8. केशर अर्पित करने से हमें सौम्यता प्राप्त होती है I

9. भांग चढ़ाने से हमारे विकार और बुराइयां दूर होती हैं I    

10. शकर चढ़ाने से सुख और समृद्धि बढ़ती है I    

11. शिवलिंग पर प्रदोष व्रत के दिन चीनी मिला हुआ दूध से अभिषेक करने से आपको तेज़ दिमाग एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है I

12. सुगन्धित तेल से शिवलिंग का अभिषेक करने से हमारे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है I

13. लाल,सफ़ेद आकड़े के फ़ूल से शिवजी की पूजा करने से आपको सभी प्रकार के सातों सुख मिलता है और अगर आप तेतालिश (43) दिनों तक लगातार शिवजी पर आकड़े के फ़ूल की माला बनाकर शिवजी पर चढ़ाये तो हमारी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है I यह अचूक उपाय है शिवजी को प्रसन्य करने का I       (IMP)

14. बेला के फ़ूल से भगवान शिव की पूजा करें तो सुंदर और सुशील जीवनसाथी मिलने का योग बनता है I    

15. हरश्रृंगार के फ़ूल से शिवजी की पूजा की जाए तो घर में सुख-समृद्धि का वाश होता है I     

16. धतूरे के फ़ूल से शिवजी की पूजा की जाए तो योग्य पुत्र मिलता है जो परिवार का नाम रोशन करता है I    

17.  शिवजी पर दुरबा (दुर्बा/दुरवा) चढ़ाने से मनुष्य की उम्र बढ़ती है I     

18.  शिवजी पर जौ चढाने से सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है I     

19. प्रदोष व्रत के दिन  भगवान शिव को घी और चीनी मिला कर जौ के सत्तू का भोग लगाए और आठ (8) दीपक को आठों (8) दिशाओं में सोमप्रदोष व्रत या प्रदोष व्रत के दिन रात्रि में जलायें I इस दिन शिवजी की आरती करें, शिव_स्त्रोत्र का पाठ करें और शिव मंत्र का जाप करें I     (IMP)

MOST IMPORTANT-    अगर आप सोमप्रदोष व्रत या प्रदोष व्रत के दिन अगर आप व्रत न भी कर सके तो रात्रि में कम से कम शिवलिंग के पास आठ (8) दीपक को आठों (8) दिशाओं में (एक गोल सर्किल में) जरूर जलायें I ऐसा माना जाता है की मात्र इस एक उपाय को सोमप्रदोष/प्रदोष व्रत के दिन अगर आप करते है तो आप मालामाल हो सकते है और आपको अखंड लक्ष्मी (अकूट धन) की प्राप्ति होती है I यह धन प्राप्ति का अचूक उपाय है I हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्षः की त्रयोदशी (तेरस) के दिन प्रदोष व्रत आता है I हर महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है I अगर यह प्रदोष व्रत सोमवार को पड़े तो उसको सोमप्रदोष व्रत कहते है और ये दुर्लभ योग बनाता है जिसको सर्वार्थ सिद्धि योग के नाम से जाना जाता है जिसमे ये उपाय करने से हमारी साड़ी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और हमारे समस्त पापोँ (पूर्व और इस जन्म के पापोँ) का नाश करता है और साथ ही साथ हमें अखंड लक्ष्मी (धन) की भी प्राप्ति करवाता है I 

20. प्रदोष व्रत के दिन आपको शिवलिंग पर एक मुट्ठी जौ जरूर चढ़ाना चाहिए इश्से आपके घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है I    

21. अगर संतान (पुत्र) प्राप्ति की इच्छा है तो शिवलिंग पर गेहू चढ़ाना चाहिए I शिवजी को धतूरे का फ़ूल अर्पण करने पर योग्य पुत्र की प्राप्ति होती है I    

22.  शिवजी पर अखंड (बिना टूटे हुए) चावल चढ़ाने से हमें लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है I    (IMP)

23. प्रदोष व्रत के दिन अगर आप भगवान शिव को एक मुट्ठी काले तिल अर्पण करते है तो हमारे समस्त पापोँ का नाश होता है I    (IMP)      

24. IMP- शिवजी को प्रसन्य करने का सबसे महत्वपूर्ण बेलपत्र है I शिवलिंग पर 21 बेलपत्र चढ़ाये I अगर 21 बेलपत्र न हो सके तो 11,7 या पांच बेलपत्र जरूर चढ़ाये I परन्तु शिवलिंग पर 3 बेलपत्र नहीं चढाने चाहिए  बेलपत्र पर लाल चंदन से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर चढ़ाये I बेलपत्र चढाने के बाद शिवलिंग के पास दीपक जरूर जलायें I ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है I ध्यान रहे बेलपत्र ख़राब नहीं होते है, आप पुराने बेलपत्र को भी धोकर दोबारा शिवजी पर चढ़ा सकते है I

25. ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए आटे की छोटी-छोटी गोलिया बनाये और किसी नदी,तालाब के किनारे मछलियों को खिलायें I यह भी धन प्राप्ति का अचूक उपाय माना जाता है I  आटे में चीनी मिलाकर उसकी छोटी_छोटी गोलिया बनाकर चीटियों या कीड़ो-मकोड़ो को खाने को दे I यह भी पुण्य प्राप्त करने का अच्छा उपाय हैं I    (IMP)

26. शिवजी पर भांग,धतूरा चढ़ाये I यह भी शिवजी को प्रिय है I भांग चढ़ाने से हमारे विकार और बुराइयां दूर होती हैं I  (IMP)  

27. सबसे महत्वपूर्ण शिवजी पर थोड़ा सा गंगा जल अवश्य चढ़ाये I    (Most IMP)           

यह सब उपाय प्रदोष व्रत के दिन क्रमशः करे तो बहुत लाभ मिलता है I पहले गणेश जी की वंदना करें I  फिर आकड़े के फ़ूल की माला बनाकर शिवजी को अर्पण करें I फिर शिवलिंग पर दूध या गंगाजल चढ़ाये I फिर शिवजी पर बेलपत्र चढ़ाये I बेलपत्र चढ़ाने के बाद शिवजी के पास दीपक जरूर जलायें I दीपक आप तिल,सरसों के तेल या घी का जलायें I दीपक जलाने के बाद आप उस दीपक में ऊपर से भी काले तिल डाल सकते है I उसके बाद शिवजी पर जौ,दुरबा,अखंड चावल, (बेला,हरश्रृंगार,धतूरे) के फ़ूल चढ़ाये I शिवजी पर जौ,अखंड चावल, काले तिल और बेलपत्र तो जरूर चढ़ाये I शिवजी पर तुलसी पत्ते नहीं चढ़ाये जाते है I फिर शिवजी की आरती करें,शिव-स्त्रोत का पाठ,व्रत कथा आदि का पाठ करें और शिवजी से प्रार्थना करें I सोमप्रदोष व्रत के दिन या प्रदोष व्रत के दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें I इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से भी अत्यधिक लाभ होता है I सोमप्रदोष व्रत के दिन हमें सोना नहीं चाहिए, इस दिन हमें रात्रि जागरण करते हुए शिवजी का ध्यान और ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए क्योकि सोमप्रदोष व्रत के दिन दुर्लभ योग बनता है जिसे सर्वार्थ सिद्धि योग कहते है और इस योग में हमारी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है और हमें अखंड लक्ष्मी (अकूट धन) की प्राप्ति होती है एवं पूर्व तथा इस जन्म के समस्त पापों का नाश करके आपको जीवन जीने की एक नयी दिशा प्रदान करता है I सोमप्रदोष व्रत के ही दिन कुबेर जी को पूर्व जन्म में भूलवश शिवजी के पास बार-बार दीपक जलाने के कारण प्रसन्य होकर शिवजी ने देवताओं के सम्पूर्ण धन-सम्पति का मालिक नियुक्त कर दिया था I तभी से कुबेरजी तीनो लोको की समस्त धन-सम्पदा के मालिक बन गए I इसलिए सोमप्रदोष व्रत के दिन शिवजी के साथ-साथ महालक्ष्मी माता और कुबेरजी की पूजा का भी विधान है I इस दिन अगर आप शिवजी के अलावा महालक्ष्मी और कुबेरजी की भी विधिवत पूजा करते है तो आपको अखंड लक्ष्मी (अकूट धन) की प्राप्ति होती है और मनुष्य मालामाल बन जाता है I

शिव पूजन में चढ़ने वाली चीजें:- जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी, ईत्र, चंदन, केसर, भांग. इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर या एक_एक चीज शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं. शिवपुराण में बताया गया है कि इन चीजों से शिवलिंग को स्नान कराने पर सभी इच्छाएं पूरी होती हैं I

शिव पूजन की सामान्य विधि:- जिस दिन शिव पूजन करना चाहते हैं, उस दिन सुबह स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं. इसके बाद घर के मंदिर में ही या किसी शिव मंदिर जाएं. मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल या पवित्र जल अर्पित करें. जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर चंदन, चावल, बिल्वपत्र, आंकड़े के फूल और धतूरा चढ़ाएं I

पूजन में इस मंत्र का जप करें

मन्दारमालांकलितालकायै कपालमालांकितशेखराय।

दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय।।

पूजा संपन्न करने के लिए भगवान शिव को घी, शक्कर का भोग लगाएं और इसके बाद धूप, दीप से आरती करें I शिव पूजा का सबसे पावन दिन है सोमवार और इस शिव मंदिरों में भक्तों का भारी जमावड़ा देखा जा सकता है. सारे देवों में शिव ही ऐसे देव हैं जो अपने भक्‍तों की भक्ति-पूजा से बहुत जल्‍दी ही प्रसन्‍न हो जाते हैं. शिव भोले को आदि और अनंत माना गया है जो पृथ्वी से लेकर आकाश और जल से लेकर अग्नि हर तत्व में विराजमान हैं I

शिव पूजा में बहुत सी ऐसी चीजें अर्पित की जाती हैं जो अन्‍य किसी देवता को नहीं चढ़ाई जाती, जैसे- आक, बिल्वपत्र, भांग आदि I   

इसी तरह शिव पूजा में कई ऐसी चीजें होती हैं जो आपकी पूजा का फल देने की बजाय आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं:-

1. हल्‍दी: हल्‍दी खानपान का स्‍वाद तो बढ़ाती है साथ ही धार्मिक कार्यों में भी हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है I लेकिन शिवजी की पूजा में हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है I  शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती I

2. फूल शिव को कनेर और कमल के अलावा लाल रंग के फूल प्रिय नहीं हैं. शिव को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाने का निषेध किया गया है I 

3. कुमकुम या रोली: शास्त्रों के अनुसार शिव जी को कुमकुम और रोली नहीं लगाई जाती है I 

4. शि‍व पूजा में वर्जित है शंख: I शंख भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय हैं लेकिन शिव जी ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था इसलिए शंख भगवान शिव की पूजा में वर्जित माना गया है I

5. नारियल पानी: नारियल पानी से भगवान शिव  का अभिषेक नहीं करना चाहिए क्योंकि नारियल को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है इसलिए  सभी शुभ कार्य में नारियल का प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है I लेकिन शिव पर अर्पित होने के बाद नारियल पानी ग्रहण योग्य नहीं रह जाता है I 

6. तुलसी दल: तुलसी का पत्ता भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए I इस संदर्भ में असुर राज जलंधर की कथा है जिसकी पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी I शिवजी ने जलंधर का वध किया था इसलिए वृंदा ने भगवान  शिव की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग न करने की बात कही थी I

यदि इंसान विश्वास से इन उपायों को करता है तो उसे इनका फायदा जरूर होता है। दुनिया समस्याओं से पहले से ही घिरी हुई थी और आज भी ऐसा ही है। इसलिए प्राचीन ग्रंथों में इंसान की समस्याओं का निवारण करने के लिए ऋषि-मुनियों ने अनेक उपाय बताए जिससे मानव का भला हो सके। हम आप तक हर ऐसी जानकारी पहुंचाते रहेंगे जिससे आपको लाभ मिलेगा।

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