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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : घर कलीसिया परमेश्वर को जानना चेले आत्मा भरा जीवन अनन्त जीवन यह है कि हम परमेश्वर को अपने पिता के रूप में और यीशु मसीह को अपने प्रभु, मुक्तिदाता और अग्रदूत के रूप में जानें (यूहन्ना 17:3)। अगर आप एक स्थिर मसीही जीवन जीना चाहते हैं, तो आपको अपने स्वर्गीय पिता और यीशु के साथ अपनी घनिष्ठता बढ़ानी चाहिए। सिर्फ इस तरह ही विश्वास के रास्ते से भटकने से बचा जा सकता है। सिर्फ उत्तेजना से भरे प्रचार सुनने से नहीं होगा, चाहे वे परमेश्वर के अभिषिक्त वचन भी क्यों न हों। स्वर्ग से गिरने वाले मन्ना में…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी घर कलीसिया नेता परमेश्वर को जानना चेले आत्मा भरा जीवन 1 कुरिन्थियों 2:14-15 में, हम “प्राकृतिक (जैविक) मनुष्य” और “आत्मिक मनुष्य” के बारे में पढ़ते हैं। एक जैविक मसीही और एक आत्मिक मसीही में बड़ा फर्क होता है। मानवीय चतुराई इसे नहीं समझ सकती, जैसा कि वहाँ लिखा है: “एक प्राकृतिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातों को ग्रहण नहीं करता क्योंकि वे उसे मूर्खतापूर्ण बातें लगती हैं; और न ही वह उन्हें समझ सकता है क्योंकि उनकी परख आत्मिक रीति से होती है। लेकिन आत्मिक मनुष्य इन बातों को परखता है, हालांकि वह स्वयं इन बातों में किसी के…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी घर कलीसिया परमेश्वर को जानना चेले “इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।” (रोमियों 12;:2)। “तुम में से कौन यहोवा का भय मानता और उसके दास (प्रभु यीशु) की आज्ञा मानता है? यदि ऐसे लोग अन्धकार में चलते हैं, प्रकाश की एक किरण के बिना, वे प्रभु पर भरोसा करें और उन्हें अपने परमेश्वर पर निर्भर हो” (यशायाह 50:10-लिविंग बाइबल)। पुरानी वाचा के तहत, परमेश्वर अक्सर स्वर्ग से एक…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : कलीसिया चेले हमें सावधान रहना चाहिए कि हम नाम लेकर दूसरे धर्मों और उनकी मूर्तियों के खिलाफ न बोलें। हमें उनका मजाक भी नहीं उड़ाना चाहिए। यीशु ने ऐसे मामलों के बारे में कभी बात नहीं की। उसने ज्यादातर उन लोगों के पाखंड के बारे में बात की जो सच्चे परमेश्वर को जानने का दावा करते हैं। प्रेरित पौलुस के उदाहरण पर विचार करें: जब वह इफिसुस में था, और बिना समझौता किए सत्य का प्रचार करता था, तो नगर में बड़ा कोलाहल हुआ था। अंत में शहर के मन्त्री ने लोगों को बुलाया और…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : कलीसिया परमेश्वर को जानना मूलभूत सत्य चेले प्रार्थना उन लोगों के लिए सबसे आसान काम होता है जो छोटे बच्चों जैसे होते हैं, क्योंकि प्रार्थना परमेश्वर के सामने हमारी लाचारी और कमज़ोरी को मानना होता है। बड़ी उम्र के चतुर लोगों के लिए यह स्वीकार करना मुश्किल होता है। इस वजह से ही यीशु ने यह कहा कि यह ज़रूरी है कि हम छोटे बच्चों की तरह हों। हम अपने तर्क (सोच-समझ ) पर जितना निर्भर होंगे, हम उतनी ही कम प्रार्थना करेंगे, और उतना ही ज़्यादा यह सवाल करेंगे कि परमेश्वर सब कुछ इस तरह से…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : घर कलीसिया परमेश्वर को जानना चेले आत्मा भरा जीवन अंत के दिनों में हमारे सामने सबसे बड़ा ख़तरा यह है कि इन दिनों में लोग “भक्ति का वेश तो धारण करेंगे, लेकिन उसकी शक्ति से इनकार करेंगे” (2 तीमु. 3:5)। हमारे पास जो दान वरदान और योग्यताएं हैं, उनसे हम आसानी से संतुष्ट हो सकते हैं। जैविक शक्ति अपने आपको बौद्धिक शक्ति, भावनात्मक शक्ति और इच्छा शक्ति में प्रदर्शित करती है। लेकिन इनमें से कोई भी वह ईश्वरीय शक्ति नहीं है जो मसीह और पवित्र आत्मा हमें देने आए हैं। बौद्धिक शक्ति को वैज्ञानिकों, विद्वानों और चतुर प्रचारकों…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : परमेश्वर को जानना चेले आत्मा भरा जीवन यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने कहा कि परमेश्वर ने उसे प्रभु का मार्ग तैयार करने के लिये चार काम करने के लिये भेजा है (लूका 3:5): (1) घाटियों/तराइयों को ऊपर उठाना;(2) पहाड़ों और पहाड़ियों को नीचे लाना(3) टेढ़े-मेढ़े रास्तों को सीधा करना; और(4) खुरदुरी जगहों को सपाट करना पवित्र आत्मा हमारे जीवन में भी यही करना चाहता है: (1) उसे निचले इलाकों को ऊपर उठाना है – वे क्षेत्र जहाँ हम सांसारिक चीजों द्वारा शासित हैं – जैसे सेक्स, धन, मानव सम्मान और प्रतिष्ठा आदि।(2) उसे गर्व, अहंकार और…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : परमेश्वर को जानना चेले इब्रानियों 6:12 में हम पढ़ते हैं कि केवल विश्वास और धीरज के द्वारा ही हम प्रतिज्ञाओं को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए केवल विश्वास ही काफी नहीं है। इब्रानियों 10:36 भी यही बात कहता है कि परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को प्राप्त करने के लिए परमेश्वर की इच्छा पूरी करने के बाद आपको धीरज धरने की आवश्यकता है। एन.ए.एस.बी. उपरोक्त वचनों में ‘धीरज’ शब्द का अनुवाद ‘सहनशीलता’ के रूप में करता है – और यह वास्तव में यही है। हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है जो हमें परेशान करता है, क्योंकि…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी कलीसिया परमेश्वर को जानना चेले परमेश्वर का लक्ष्य हमें मसीह समान बनाना है। इससे जुड़े ये तीन महत्वपूर्ण पद हैं: 1. रोमियों 8:28, 29: हमारा पिता सारी बाहरी बातों को इस तरह जोड़ता है कि वे हमें इस लक्ष्य तक पहुँचने योग्य बना देती हैं।2. 2 कुरिन्थियों 3:18 : पवित्र आत्मा हमें भीतरी तौर पर भरता है और इस लक्ष्य की तरफ ले जाता है।3. 1 यूहन्ना 3:2, 3 : जिन्हें मसीह के लौटने की आशा है, वे इस लक्ष्य की तरफ बढ़ते जाते हैं। अगर हम यीशु के साथ मरेंगे, तो यकीनन उसके साथ जीएंगे…

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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : परमेश्वर को जानना चेले संसार के सभी लोग आनंद ढूँढ रहे हैं। लेकिन वे सभी उसे एक गलत तरीके से ढूँढ रहे हैं। वे सोचते हैं कि उन्हें वह अवैध लैंगिक सम्बंधों में, या बहुत से धन में, या बड़े नाम, सम्मान, पद और प्रतिष्ठा आदि में मिल जाएगा। इसमें कोई शक नहीं कि इन बातों में काफी कामुक उत्तेजना होती है। लेकिन ये खुशी स्थाई नहीं होती। परमेश्वर भी चाहता है कि हम आनंदित रहें। लेकिन वह कहता है, “वे आनंदित हैं जिनके हृदय शुद्ध हैं” (मत्ती 5:8 लिविंग)। हम सिर्फ पवित्र होने द्वारा…

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